भूमि अधिग्रहण में करोड़ों के घोटाले का आरोप:अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी प्रशासन पर पद के दुरुपयोग का आरोप, कमिश्नर से मांगी गई जांच रिपोर्ट
भूमि अधिग्रहण में करोड़ों के घोटाले का आरोप:अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी प्रशासन पर पद के दुरुपयोग का आरोप, कमिश्नर से मांगी गई जांच रिपोर्ट
अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर, एयरपोर्ट विस्तार, एक्सप्रेस-वे और बाईपास जैसी अहम सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। अधिग्रहण के नाम पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन (एडीएम) पंकज कुमार पर पद का दुरुपयोग कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा तथाकथित लोगों को व्यक्तिगत आर्थिक लाभ पहुंचाने का भी मामला शिकायती पत्र में है। भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने कमिश्नर अलीगढ़ से आवश्यक कार्रवाई कर जांच रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष न रखने का आरोप कौशलेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में बताया कि ग्राम जसरथपुर (तहसील कोल) सहित कई स्थानों पर आवंटित सरकारी भूमि को पूर्व में एसडीएम कोल, एडीएम, कमिश्नर और राजस्व परिषद के न्यायालयों ने नियमविरुद्ध बताते हुए निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां सरकार की ओर से कोई काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं किया गया। आरोप है कि जानबूझकर लापरवाही बरती गई। परिणामस्वरूप हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया। इसके बाद भी न तो अपील दाखिल की गई और न ही अभिलेखों का विधिवत परीक्षण किया गया। नामांतरण के लिए बनाया गया प्रशासनिक दबाव ग्राम पनैठी (गाटा संख्या 31) और ग्राम जसरथपुर (गाटा संख्या 79) की भूमि उन लोगों के नाम नामांतरित कराई गई जो पात्रता की श्रेणी में नहीं आते थे। कुछ जमीन असंक्रमणीय होने के बावजूद बिना अनुमति बेची गई। जबकि नियमानुसार राज्य सरकार में निहित होनी चाहिए थी। आरोप है कि एक अधिकारी द्वारा नामांतरण से मना करने पर दूसरे जूनियर अधिकारी को चार्ज देकर नियमविरुद्ध आदेश कराने की कोशिश की गई। सेवानिवृत्त लेखपाल पर भी गंभीर आरोप इस पूरे मामले में एक सेवानिवृत्त लेखपाल की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। आरोप है कि उन्होंने एडीएम प्रशासन के साथ मिलकर डीलिंग की रूपरेखा तैयार की। लेखपाल पर एडीए की जमीनों में फर्जीवाड़ा, आय से अधिक और बेनामी संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें नोएडा, गाजियाबाद और अलीगढ़ की जमीनें व कोठियां शामिल बताई गई हैं। नियमानुसार की गई है अधिग्रहण की कार्रवाई इस संबंध में एडीएम प्रशासन पंकज कुमार का कहना है कि शिकायत गलत की गई है। भूमि संबंधी सभी अधिग्रहण नियमानुसार किए गए हैं। किसी भी अधिकारी पर गलत काम के लिए दबाव नहीं बनाया गया है।
अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर, एयरपोर्ट विस्तार, एक्सप्रेस-वे और बाईपास जैसी अहम सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। अधिग्रहण के नाम पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन (एडीएम) पंकज कुमार पर पद का दुरुपयोग कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा तथाकथित लोगों को व्यक्तिगत आर्थिक लाभ पहुंचाने का भी मामला शिकायती पत्र में है। भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने कमिश्नर अलीगढ़ से आवश्यक कार्रवाई कर जांच रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष न रखने का आरोप कौशलेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में बताया कि ग्राम जसरथपुर (तहसील कोल) सहित कई स्थानों पर आवंटित सरकारी भूमि को पूर्व में एसडीएम कोल, एडीएम, कमिश्नर और राजस्व परिषद के न्यायालयों ने नियमविरुद्ध बताते हुए निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां सरकार की ओर से कोई काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं किया गया। आरोप है कि जानबूझकर लापरवाही बरती गई। परिणामस्वरूप हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया। इसके बाद भी न तो अपील दाखिल की गई और न ही अभिलेखों का विधिवत परीक्षण किया गया। नामांतरण के लिए बनाया गया प्रशासनिक दबाव ग्राम पनैठी (गाटा संख्या 31) और ग्राम जसरथपुर (गाटा संख्या 79) की भूमि उन लोगों के नाम नामांतरित कराई गई जो पात्रता की श्रेणी में नहीं आते थे। कुछ जमीन असंक्रमणीय होने के बावजूद बिना अनुमति बेची गई। जबकि नियमानुसार राज्य सरकार में निहित होनी चाहिए थी। आरोप है कि एक अधिकारी द्वारा नामांतरण से मना करने पर दूसरे जूनियर अधिकारी को चार्ज देकर नियमविरुद्ध आदेश कराने की कोशिश की गई। सेवानिवृत्त लेखपाल पर भी गंभीर आरोप इस पूरे मामले में एक सेवानिवृत्त लेखपाल की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। आरोप है कि उन्होंने एडीएम प्रशासन के साथ मिलकर डीलिंग की रूपरेखा तैयार की। लेखपाल पर एडीए की जमीनों में फर्जीवाड़ा, आय से अधिक और बेनामी संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें नोएडा, गाजियाबाद और अलीगढ़ की जमीनें व कोठियां शामिल बताई गई हैं। नियमानुसार की गई है अधिग्रहण की कार्रवाई इस संबंध में एडीएम प्रशासन पंकज कुमार का कहना है कि शिकायत गलत की गई है। भूमि संबंधी सभी अधिग्रहण नियमानुसार किए गए हैं। किसी भी अधिकारी पर गलत काम के लिए दबाव नहीं बनाया गया है।