अजय चंद्राकर बोले-बैज को दोबारा अध्यक्ष नहीं बनने देंगे भूपेश:धनंजय ने कहा-अपनी सरकार की नाकामियों से ध्यान भटका रहे, सुर्खियां बटोरने की कोशिश
अजय चंद्राकर बोले-बैज को दोबारा अध्यक्ष नहीं बनने देंगे भूपेश:धनंजय ने कहा-अपनी सरकार की नाकामियों से ध्यान भटका रहे, सुर्खियां बटोरने की कोशिश
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसी शर्त में दीपक बैज को रिपीट नहीं होने देंगे। अजय चंद्राकर ने कहा कि, कांग्रेस में इस समय सबसे बड़े और प्रभावशाली नेता भूपेश बघेल हैं। उनसे ठीक एक कदम नीचे उनके करीबी और शिष्य माने जाने वाले देवेंद्र यादव हैं। यही दोनों नेता मिलकर दीपक बैज को दोबारा नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस ने ‘ढाई का पहाड़ा’ अच्छे से पढ़ लिया है। इसलिए पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर पहले ही गणित बैठा लिया गया है। इस पर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर कहा कि, अजय चंद्राकर अपनी सरकार की नाकामियों से ध्यान भटका रहे। कई बार सार्वजनिक रूप से सरकार के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। उनके मन में है कि, सरकार और उनके नुमाइंदे अच्छे तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें बदलना चाहिए। कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को मिली हवा पिछले कुछ समय से छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल और आगामी रणनीति को लेकर अंदरूनी स्तर पर मंथन की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच अजय चंद्राकर का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस बोली- भाजपा सरकार की नाकामियों से परेशान हैं चंद्राकर अजय चंद्राकर के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि चंद्राकर अपनी ही सरकार के कामकाज से असहज हैं। भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर जनता में नाराजगी है। खुद चंद्राकर कई बार इन नाकामियों पर सवाल उठा चुके हैं। धनंजय ठाकुर ने कहा कि, भाजपा नेता सरकार बदलने की बात तो नहीं कर पा रहे, इसलिए कांग्रेस के आंतरिक मामलों में दखल देकर सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संगठन से जुड़े फैसले पार्टी नेतृत्व और आलाकमान के स्तर पर लिए जाते हैं, न कि भाजपा के बयानों से तय होते हैं। सियासी बयानबाजी तेज, संगठन पर टिकी नजर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, आने वाले दिनों में कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को लेकर और बयानबाजी तेज हो सकती है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और भाजपा की बयानबाजी से संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसी शर्त में दीपक बैज को रिपीट नहीं होने देंगे। अजय चंद्राकर ने कहा कि, कांग्रेस में इस समय सबसे बड़े और प्रभावशाली नेता भूपेश बघेल हैं। उनसे ठीक एक कदम नीचे उनके करीबी और शिष्य माने जाने वाले देवेंद्र यादव हैं। यही दोनों नेता मिलकर दीपक बैज को दोबारा नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस ने ‘ढाई का पहाड़ा’ अच्छे से पढ़ लिया है। इसलिए पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर पहले ही गणित बैठा लिया गया है। इस पर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर कहा कि, अजय चंद्राकर अपनी सरकार की नाकामियों से ध्यान भटका रहे। कई बार सार्वजनिक रूप से सरकार के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। उनके मन में है कि, सरकार और उनके नुमाइंदे अच्छे तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें बदलना चाहिए। कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को मिली हवा पिछले कुछ समय से छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल और आगामी रणनीति को लेकर अंदरूनी स्तर पर मंथन की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच अजय चंद्राकर का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस बोली- भाजपा सरकार की नाकामियों से परेशान हैं चंद्राकर अजय चंद्राकर के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि चंद्राकर अपनी ही सरकार के कामकाज से असहज हैं। भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर जनता में नाराजगी है। खुद चंद्राकर कई बार इन नाकामियों पर सवाल उठा चुके हैं। धनंजय ठाकुर ने कहा कि, भाजपा नेता सरकार बदलने की बात तो नहीं कर पा रहे, इसलिए कांग्रेस के आंतरिक मामलों में दखल देकर सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संगठन से जुड़े फैसले पार्टी नेतृत्व और आलाकमान के स्तर पर लिए जाते हैं, न कि भाजपा के बयानों से तय होते हैं। सियासी बयानबाजी तेज, संगठन पर टिकी नजर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, आने वाले दिनों में कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को लेकर और बयानबाजी तेज हो सकती है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और भाजपा की बयानबाजी से संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।