36 घंटे से लापता युवक का नहीं मिला सुराग:खड्डा में नदी किनारे शौच के लिए गया था, सर्च अभियान जारी

जनपद कुशीनगर के खड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत भैंसहा ग्राम सभा के कोटवा टोला में मंगलवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां नदी की ओर शौच के लिए गए 35 वर्षीय सुदर्शन नदी में गिरने के बाद लापता हो गए। घटना को 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटवा टोला निवासी सुदर्शन की तबीयत मंगलवार की सुबह से ही खराब थी। उन्हें लगातार दस्त हो रहे थे, जिसके चलते वे दिन में कई बार नदी की ओर शौच के लिए गए। मंगलवार की शाम करीब 9:30 बजे सुदर्शन अपनी पत्नी से शौच की बात कहकर घर से नदी की ओर निकले, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। इसी दौरान नदी किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहे साधु रामप्यारे ने नदी के भीतर किसी व्यक्ति की चिल्लाने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर वह तुरंत बांध की ओर दौड़े और कोटवा टोला में शोर मचाया कि नदी में कोई डूब रहा है। शोर सुनते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी के बांध पर पहुंच गए, लेकिन तब तक आवाज आनी बंद हो चुकी थी। जब गांव में डूबने की सूचना फैली तो यह सामने आया कि सुदर्शन काफी देर से घर नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद आशंका जताई जाने लगी कि कहीं नदी में गिरने वाला व्यक्ति सुदर्शन ही तो नहीं है। मंगलवार की रात करीब 9:30 बजे सुदर्शन के परिजनों ने डायल 112 पर फोन कर घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही खड्डा थाना अध्यक्ष गिरिजेश उपाध्याय तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर खोजबीन शुरू कराई। थाना अध्यक्ष ने खड्डा एसडीएम रामवीर सिंह को भी घटना की जानकारी दी। एसडीएम रामवीर सिंह भी उसी रात मौके पर पहुंचे और एनडीआरएफ टीम बुलाने के निर्देश दिए। बुधवार की सुबह होते ही नदी के बांध पर हजारों की संख्या में ग्रामीण जुट गए और नावों के जरिए सुदर्शन की तलाश शुरू की गई। लेकिन बुधवार दोपहर तक भी कोई सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार को दोपहर के बाद एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और करीब तीन घंटे तक नदी में अलग-अलग स्थानों पर खोज अभियान चलाया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद सुदर्शन का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। लगातार असफल खोज के कारण परिजनों की चिंता और बढ़ती जा रही है। ग्राम सभा के निवासी सोहन का कहना है कि आज तक गांव में मेरे टोले पर सार्वजनिक शौचालय नहीं मिल सका। आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा न तो व्यक्तिगत शौचालय की व्यवस्था की गई और न ही सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया। वही शौचालय के अभाव में पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी मजबूरी में नदी की ओर शौच के लिए जाती हैं, फिलहाल प्रशासन की ओर से सुदर्शन की तलाश जारी है, लेकिन 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस जानकारी न मिलने से परिजन और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।

36 घंटे से लापता युवक का नहीं मिला सुराग:खड्डा में नदी किनारे शौच के लिए गया था, सर्च अभियान जारी
जनपद कुशीनगर के खड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत भैंसहा ग्राम सभा के कोटवा टोला में मंगलवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां नदी की ओर शौच के लिए गए 35 वर्षीय सुदर्शन नदी में गिरने के बाद लापता हो गए। घटना को 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटवा टोला निवासी सुदर्शन की तबीयत मंगलवार की सुबह से ही खराब थी। उन्हें लगातार दस्त हो रहे थे, जिसके चलते वे दिन में कई बार नदी की ओर शौच के लिए गए। मंगलवार की शाम करीब 9:30 बजे सुदर्शन अपनी पत्नी से शौच की बात कहकर घर से नदी की ओर निकले, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। इसी दौरान नदी किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहे साधु रामप्यारे ने नदी के भीतर किसी व्यक्ति की चिल्लाने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर वह तुरंत बांध की ओर दौड़े और कोटवा टोला में शोर मचाया कि नदी में कोई डूब रहा है। शोर सुनते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी के बांध पर पहुंच गए, लेकिन तब तक आवाज आनी बंद हो चुकी थी। जब गांव में डूबने की सूचना फैली तो यह सामने आया कि सुदर्शन काफी देर से घर नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद आशंका जताई जाने लगी कि कहीं नदी में गिरने वाला व्यक्ति सुदर्शन ही तो नहीं है। मंगलवार की रात करीब 9:30 बजे सुदर्शन के परिजनों ने डायल 112 पर फोन कर घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही खड्डा थाना अध्यक्ष गिरिजेश उपाध्याय तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर खोजबीन शुरू कराई। थाना अध्यक्ष ने खड्डा एसडीएम रामवीर सिंह को भी घटना की जानकारी दी। एसडीएम रामवीर सिंह भी उसी रात मौके पर पहुंचे और एनडीआरएफ टीम बुलाने के निर्देश दिए। बुधवार की सुबह होते ही नदी के बांध पर हजारों की संख्या में ग्रामीण जुट गए और नावों के जरिए सुदर्शन की तलाश शुरू की गई। लेकिन बुधवार दोपहर तक भी कोई सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार को दोपहर के बाद एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और करीब तीन घंटे तक नदी में अलग-अलग स्थानों पर खोज अभियान चलाया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद सुदर्शन का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। लगातार असफल खोज के कारण परिजनों की चिंता और बढ़ती जा रही है। ग्राम सभा के निवासी सोहन का कहना है कि आज तक गांव में मेरे टोले पर सार्वजनिक शौचालय नहीं मिल सका। आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा न तो व्यक्तिगत शौचालय की व्यवस्था की गई और न ही सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया। वही शौचालय के अभाव में पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी मजबूरी में नदी की ओर शौच के लिए जाती हैं, फिलहाल प्रशासन की ओर से सुदर्शन की तलाश जारी है, लेकिन 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस जानकारी न मिलने से परिजन और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।