जौनपुर में घना कोहरा, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री:डॉक्टर ने हृदय रोगियों को दी सलाह, जिला अस्पताल में 1145 मरीज पहुंचे

जौनपुर में शनिवार को घना कोहरा छाया रहा और पछुआ हवाओं के कारण गलन बढ़ गई। आसमान में बादलों की आवाजाही से तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह से ही कड़ाके की ठंड महसूस की गई। जिले का अधिकतम तापमान शनिवार को 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, 27 जनवरी को अधिकतम 24 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस, जबकि 28 जनवरी को अधिकतम 25 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बुधवार को हुई हल्की बारिश के बाद से मौसम का मिजाज बदल गया है, और गुरुवार व शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। बढ़ती ठंड के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जरूरतमंद लोग चौराहों और मुख्य मार्गों के किनारे कूड़ा या गत्ता जलाकर ठंड से बचने की कोशिश करते दिखे। बृहस्पतिवार रात से ही आसमान में बादलों का डेरा था। चिकित्सकों ने हृदय रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण हृदय संबंधी परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है। उन्होंने सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने, कान ढककर निकलने और हृदय रोगियों को दिन चढ़ने के बाद ही सुबह की सैर पर जाने की सलाह दी। घबराहट या चक्कर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है। मौसम में बदलाव के कारण बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है, खासकर छोटे बच्चों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में 1145 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से अधिकांश सर्दी और खांसी से पीड़ित थे।

जौनपुर में घना कोहरा, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री:डॉक्टर ने हृदय रोगियों को दी सलाह, जिला अस्पताल में 1145 मरीज पहुंचे
जौनपुर में शनिवार को घना कोहरा छाया रहा और पछुआ हवाओं के कारण गलन बढ़ गई। आसमान में बादलों की आवाजाही से तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह से ही कड़ाके की ठंड महसूस की गई। जिले का अधिकतम तापमान शनिवार को 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, 27 जनवरी को अधिकतम 24 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस, जबकि 28 जनवरी को अधिकतम 25 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बुधवार को हुई हल्की बारिश के बाद से मौसम का मिजाज बदल गया है, और गुरुवार व शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। बढ़ती ठंड के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जरूरतमंद लोग चौराहों और मुख्य मार्गों के किनारे कूड़ा या गत्ता जलाकर ठंड से बचने की कोशिश करते दिखे। बृहस्पतिवार रात से ही आसमान में बादलों का डेरा था। चिकित्सकों ने हृदय रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण हृदय संबंधी परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है। उन्होंने सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने, कान ढककर निकलने और हृदय रोगियों को दिन चढ़ने के बाद ही सुबह की सैर पर जाने की सलाह दी। घबराहट या चक्कर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है। मौसम में बदलाव के कारण बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है, खासकर छोटे बच्चों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में 1145 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से अधिकांश सर्दी और खांसी से पीड़ित थे।