वोटर्स में नाम जुड़वाने का आज आखिरी मौका:लखनऊ के 4132 बूथों पर BLO रहेंगे मौजूद; सुबह 10 से शाम 4 बजे तक विशेष शिविर

लखनऊ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन नागरिकों का नाम अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया है, उनके लिए रविवार को बड़ा मौका है। लखनऊ के 4132 से अधिक बूथों पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां बीएलओ मतदाता सूची के साथ मौजूद रहेंगे और नाम जुड़वाने के आवेदन स्वीकार करेंगे। 4132 बूथों पर लगेगा विशेष शिविर जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी. के निर्देश पर रविवार को जिलेभर के 4132 बूथों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बीएलओ और सुपरवाइजर बूथों पर मौजूद रहेंगे। जिन लोगों का नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है, वे सीधे अपने बूथ पर जाकर फार्म-6 भर सकते हैं। 18 वर्ष पूरे होने से पहले भी कर सकते हैं आवेदन निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन युवाओं की उम्र अभी 18 वर्ष पूरी नहीं हुई है, उन्हें भी आवेदन का अवसर दिया जा रहा है। जिनकी उम्र एक अप्रैल 2026, एक जुलाई 2026 या एक अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूरी होगी, वे भी फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनंतिम सूची के बाद 12 लाख से अधिक नाम बाहर लखनऊ में अनंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद 12 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं। छह जनवरी के बाद से अब तक करीब डेढ़ लाख नए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर पर सभी की नजरें टिकी हैं। विपक्ष ने उठाए सवाल, कांग्रेस ने मांगा ब्योरा मतदाता सूची में नए नामों को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने प्रशासन से नए वोटरों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। पार्टी का कहना है कि कुछ मतदाताओं के पते सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए हैं, इसलिए दोबारा सत्यापन कराना जरूरी है। व्यक्तिगत सुनवाई से दी गई छूट निर्वाचन आयोग ने नोटिसों की सुनवाई के दौरान मतदाताओं को व्यक्तिगत सुनवाई से छूट दी है। इस व्यवस्था के प्रभाव का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी. ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने काशीराम ईको गार्डन स्थित वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (वीआरसी) और निर्वाचन कंट्रोल रूम का जायजा लिया। वीआरसी और सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण जिलाधिकारी ने लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र के तहत काशीराम ईको गार्डन स्थित वीआरसी, ईको गार्डन और सिंचाई विभाग के अतिविशिष्ट अतिथिगृह में बने सुनवाई कक्षों का निरीक्षण किया। यहां ईआरओ द्वारा सुनवाई संचालित होती पाई गई। निरीक्षण के दौरान फार्म के निस्तारण के लिए आए लोगों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली गई। जरूरी दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदक को अपनी वर्तमान फोटो, जन्म तिथि, आधार संख्या, माता-पिता या अभिभावक का नाम व इपिक नंबर, मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां देनी होंगी। यदि नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन माता-पिता या दादा-दादी का नाम सूची में दर्ज है, तो गणना प्रपत्र में संबंधित रिश्तेदार का विवरण भरना होगा। बीएलओ न मिलें तो ऑनलाइन आवेदन का विकल्प यदि किसी बूथ पर बीएलओ उपलब्ध नहीं मिलते हैं, तो मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट या ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन विभाग ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान के बाद दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

वोटर्स में नाम जुड़वाने का आज आखिरी मौका:लखनऊ के 4132 बूथों पर BLO रहेंगे मौजूद; सुबह 10 से शाम 4 बजे तक विशेष शिविर
लखनऊ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन नागरिकों का नाम अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया है, उनके लिए रविवार को बड़ा मौका है। लखनऊ के 4132 से अधिक बूथों पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां बीएलओ मतदाता सूची के साथ मौजूद रहेंगे और नाम जुड़वाने के आवेदन स्वीकार करेंगे। 4132 बूथों पर लगेगा विशेष शिविर जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी. के निर्देश पर रविवार को जिलेभर के 4132 बूथों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बीएलओ और सुपरवाइजर बूथों पर मौजूद रहेंगे। जिन लोगों का नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है, वे सीधे अपने बूथ पर जाकर फार्म-6 भर सकते हैं। 18 वर्ष पूरे होने से पहले भी कर सकते हैं आवेदन निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन युवाओं की उम्र अभी 18 वर्ष पूरी नहीं हुई है, उन्हें भी आवेदन का अवसर दिया जा रहा है। जिनकी उम्र एक अप्रैल 2026, एक जुलाई 2026 या एक अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूरी होगी, वे भी फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनंतिम सूची के बाद 12 लाख से अधिक नाम बाहर लखनऊ में अनंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद 12 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं। छह जनवरी के बाद से अब तक करीब डेढ़ लाख नए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर पर सभी की नजरें टिकी हैं। विपक्ष ने उठाए सवाल, कांग्रेस ने मांगा ब्योरा मतदाता सूची में नए नामों को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने प्रशासन से नए वोटरों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। पार्टी का कहना है कि कुछ मतदाताओं के पते सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए हैं, इसलिए दोबारा सत्यापन कराना जरूरी है। व्यक्तिगत सुनवाई से दी गई छूट निर्वाचन आयोग ने नोटिसों की सुनवाई के दौरान मतदाताओं को व्यक्तिगत सुनवाई से छूट दी है। इस व्यवस्था के प्रभाव का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी. ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने काशीराम ईको गार्डन स्थित वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (वीआरसी) और निर्वाचन कंट्रोल रूम का जायजा लिया। वीआरसी और सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण जिलाधिकारी ने लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र के तहत काशीराम ईको गार्डन स्थित वीआरसी, ईको गार्डन और सिंचाई विभाग के अतिविशिष्ट अतिथिगृह में बने सुनवाई कक्षों का निरीक्षण किया। यहां ईआरओ द्वारा सुनवाई संचालित होती पाई गई। निरीक्षण के दौरान फार्म के निस्तारण के लिए आए लोगों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली गई। जरूरी दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदक को अपनी वर्तमान फोटो, जन्म तिथि, आधार संख्या, माता-पिता या अभिभावक का नाम व इपिक नंबर, मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां देनी होंगी। यदि नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन माता-पिता या दादा-दादी का नाम सूची में दर्ज है, तो गणना प्रपत्र में संबंधित रिश्तेदार का विवरण भरना होगा। बीएलओ न मिलें तो ऑनलाइन आवेदन का विकल्प यदि किसी बूथ पर बीएलओ उपलब्ध नहीं मिलते हैं, तो मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट या ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन विभाग ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान के बाद दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।