बहराइच में सफाईकर्मियों ने कूड़े को सड़कों पर फैलाया:कूड़ेदानों को उठाकर नगर पंचायत कार्यालय के गेट पर रखा

रुपईडीहा नगर पंचायत में प्रशासनिक खींचतान के कारण साफ-सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस क्षेत्र में नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर वैश्य और अधिशासी अधिकारी (ईओ) रामबदन यादव के बीच चल रहे विवाद ने स्थिति को बिगाड़ दिया है, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है। बुधवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब सफाईकर्मियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह से ही उन्होंने कस्बे में सफाई कार्य का बहिष्कार किया और जगह-जगह जमा कूड़े को सड़कों पर फैला दिया। विरोध जताते हुए कूड़ेदानों को उठाकर नगर पंचायत कार्यालय के गेट और अध्यक्ष के आवास के सामने भी डाल दिया गया। सफाईकर्मियों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त संसाधन और उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें काम करने में कठिनाई हो रही है। उनका यह भी कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर सहयोग न मिलने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। नगर अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर वैश्य ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम अधिशासी अधिकारी की शह पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईओ लंबे समय से अनुपस्थित थे और वेतन रोके जाने के बाद अब वे व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। अध्यक्ष ने ईओ पर बिना अनुमति नगर पंचायत कार्यालय को दूसरी इमारत में स्थानांतरित करने की कोशिश का भी आरोप लगाया। दूसरी ओर, अधिशासी अधिकारी रामबदन यादव ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी बाद में मिली और उन्होंने सफाईकर्मियों को समझाने का प्रयास किया है। ईओ के अनुसार, कर्मियों की मुख्य समस्या उपकरणों की कमी है और इस मामले में सहयोग की आवश्यकता है। रुपईडीहा एक सीमावर्ती और व्यस्त बाजार क्षेत्र है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में सफाई व्यवस्था का ठप होना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

Mar 18, 2026 - 16:03
 0  1
बहराइच में सफाईकर्मियों ने कूड़े को सड़कों पर फैलाया:कूड़ेदानों को उठाकर नगर पंचायत कार्यालय के गेट पर रखा
रुपईडीहा नगर पंचायत में प्रशासनिक खींचतान के कारण साफ-सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस क्षेत्र में नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर वैश्य और अधिशासी अधिकारी (ईओ) रामबदन यादव के बीच चल रहे विवाद ने स्थिति को बिगाड़ दिया है, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है। बुधवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब सफाईकर्मियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह से ही उन्होंने कस्बे में सफाई कार्य का बहिष्कार किया और जगह-जगह जमा कूड़े को सड़कों पर फैला दिया। विरोध जताते हुए कूड़ेदानों को उठाकर नगर पंचायत कार्यालय के गेट और अध्यक्ष के आवास के सामने भी डाल दिया गया। सफाईकर्मियों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त संसाधन और उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें काम करने में कठिनाई हो रही है। उनका यह भी कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर सहयोग न मिलने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। नगर अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर वैश्य ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम अधिशासी अधिकारी की शह पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईओ लंबे समय से अनुपस्थित थे और वेतन रोके जाने के बाद अब वे व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। अध्यक्ष ने ईओ पर बिना अनुमति नगर पंचायत कार्यालय को दूसरी इमारत में स्थानांतरित करने की कोशिश का भी आरोप लगाया। दूसरी ओर, अधिशासी अधिकारी रामबदन यादव ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी बाद में मिली और उन्होंने सफाईकर्मियों को समझाने का प्रयास किया है। ईओ के अनुसार, कर्मियों की मुख्य समस्या उपकरणों की कमी है और इस मामले में सहयोग की आवश्यकता है। रुपईडीहा एक सीमावर्ती और व्यस्त बाजार क्षेत्र है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में सफाई व्यवस्था का ठप होना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।