किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर:औरैया में डीएम ने किसान दिवस पर अधिकारियों को दिए निर्देश
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस के दौरान अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में अधिक से अधिक पात्र किसानों को शामिल किया जाए और उन्हें इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही, विभिन्न माध्यमों से योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए आमजन को भी जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि किसानों को कोल्ड स्टोर में आलू रखने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए और कोल्ड स्टोर मालिकों के साथ दरों का निर्धारण व कोल्ड स्टोर के नवीनीकरण की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि प्राप्त मानक बीजों का वितरण एक सप्ताह के भीतर किसानों को सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, खेती में प्रयोग किए जाने वाले कीटनाशकों, खरपतवारनाशकों और उर्वरकों का समय-समय पर दुकानों पर जाकर निरीक्षण व जांच की जाए। किसानों की विद्युत समस्या का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता विद्युत को ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत समस्या के निराकरण हेतु सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से अपेक्षा की कि वे अपने खेतों में गेहूं कटाई के बाद बचे हुए अवशेष को न जलाएं। इसके लिए गौशाला से संबंधित सभी ग्राम प्रधानों को स्ट्राकीपर की मदद से अवशेष को कटवाते हुए गौशाला में भूसा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि जो किसान एक ट्रॉली भूसा गौशाला को देगा, उसे उसके बदले में गौशाला से दो ट्रॉली गोबर की खाद दी जाएगी। आवारा गौवंशों की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि वे अपने पशुओं का सरकारी संस्थानों के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कराएं, जिससे उन्हें दूध के साथ-साथ बछिया भी प्राप्त होगी। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सहभागिता योजना के अंतर्गत दिए गए गौवंशों का सत्यापन कराते हुए सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक राजीव सिंह सहित संबंधित अधिकारी और कृषक उपस्थित रहे।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस के दौरान अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में अधिक से अधिक पात्र किसानों को शामिल किया जाए और उन्हें इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही, विभिन्न माध्यमों से योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए आमजन को भी जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि किसानों को कोल्ड स्टोर में आलू रखने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए और कोल्ड स्टोर मालिकों के साथ दरों का निर्धारण व कोल्ड स्टोर के नवीनीकरण की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि प्राप्त मानक बीजों का वितरण एक सप्ताह के भीतर किसानों को सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, खेती में प्रयोग किए जाने वाले कीटनाशकों, खरपतवारनाशकों और उर्वरकों का समय-समय पर दुकानों पर जाकर निरीक्षण व जांच की जाए। किसानों की विद्युत समस्या का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता विद्युत को ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत समस्या के निराकरण हेतु सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से अपेक्षा की कि वे अपने खेतों में गेहूं कटाई के बाद बचे हुए अवशेष को न जलाएं। इसके लिए गौशाला से संबंधित सभी ग्राम प्रधानों को स्ट्राकीपर की मदद से अवशेष को कटवाते हुए गौशाला में भूसा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि जो किसान एक ट्रॉली भूसा गौशाला को देगा, उसे उसके बदले में गौशाला से दो ट्रॉली गोबर की खाद दी जाएगी। आवारा गौवंशों की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि वे अपने पशुओं का सरकारी संस्थानों के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कराएं, जिससे उन्हें दूध के साथ-साथ बछिया भी प्राप्त होगी। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सहभागिता योजना के अंतर्गत दिए गए गौवंशों का सत्यापन कराते हुए सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक राजीव सिंह सहित संबंधित अधिकारी और कृषक उपस्थित रहे।