गिरफ्तारी से नाराज पारदी महिलाओं ने किया चक्काजाम:बच्चे को जमीन पर पटकने की कोशिश की; अधेड़ बस के पहिए के नीचे लेट गया
गुना के कैंट थाने के सामने रविवार रात पारदी समाज की महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया। वह लूट के एक मामले में आरोपी को पकड़ने के कारण नाराज थीं। इस दौरान एक महिला ने अपने बच्चे को भी जमीन पर पटकने की कोशिश की, जिसे आरक्षकों ने बचाया। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को धरनावदा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाली रूठियाई चौकी इलाके की गादेर घाटी पर शुक्रवार शाम एक बाइक लूटी गई थी। कैंट थाना पुलिस ने गादेर घाटी क्षेत्र में हुई लूट की वारदात का खुलासा करते हुए पटेल नगर निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद की और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया। सड़क पर काफी देर तक वाहन फंसे रहे
इसी कार्रवाई के विरोध में पारदी समाज की महिलाएं थाने पहुंचीं और आरोपियों को निर्दोष बताते हुए प्रदर्शन करने लगीं। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए। लोगों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा और शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। इस दौरान कुछ महिलाएं उग्र हो गईं और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगीं। नवजात शिशु को खतरे में डालने की घटना से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। एक महिला ने बच्चे को हवा में उछालकर जमीन और पटकने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दी समझाइश
मौके पर मौजूद पुलिस बल ने संयम और समझदारी से स्थिति को संभाला। महिला पुलिस की मदद से प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी गई और आवश्यक सख्ती के बाद जाम खुलवाया गया। इसके बाद यातायात को सामान्य कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं प्रदर्शन में शामिल बबल पारदी नाम की महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति, भाई और अन्य परिजनों को पुलिस ने झूठे मामले में पकड़ा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक मासूम की जान बच गई, हालांकि कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया।
गुना के कैंट थाने के सामने रविवार रात पारदी समाज की महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया। वह लूट के एक मामले में आरोपी को पकड़ने के कारण नाराज थीं। इस दौरान एक महिला ने अपने बच्चे को भी जमीन पर पटकने की कोशिश की, जिसे आरक्षकों ने बचाया। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को धरनावदा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाली रूठियाई चौकी इलाके की गादेर घाटी पर शुक्रवार शाम एक बाइक लूटी गई थी। कैंट थाना पुलिस ने गादेर घाटी क्षेत्र में हुई लूट की वारदात का खुलासा करते हुए पटेल नगर निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद की और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया। सड़क पर काफी देर तक वाहन फंसे रहे
इसी कार्रवाई के विरोध में पारदी समाज की महिलाएं थाने पहुंचीं और आरोपियों को निर्दोष बताते हुए प्रदर्शन करने लगीं। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए। लोगों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा और शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। इस दौरान कुछ महिलाएं उग्र हो गईं और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगीं। नवजात शिशु को खतरे में डालने की घटना से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। एक महिला ने बच्चे को हवा में उछालकर जमीन और पटकने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दी समझाइश
मौके पर मौजूद पुलिस बल ने संयम और समझदारी से स्थिति को संभाला। महिला पुलिस की मदद से प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी गई और आवश्यक सख्ती के बाद जाम खुलवाया गया। इसके बाद यातायात को सामान्य कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं प्रदर्शन में शामिल बबल पारदी नाम की महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति, भाई और अन्य परिजनों को पुलिस ने झूठे मामले में पकड़ा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक मासूम की जान बच गई, हालांकि कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया।