रेत माफियाओं ने गंजाल नदी पर बनाया अवैध पुल:नर्मदापुरम-हरदा के बीच 50 किमी का फेरा बचाने, कलेक्टर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया

हरदा जिले में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। नर्मदापुरम और हरदा जिले के बीच गंजाल नदी पर रेत माफियाओं ने एक अवैध अस्थाई पुल बना लिया है। इस पुल का उपयोग रेत से भरे डंपरों के परिवहन के लिए किया जा रहा है, जिससे रोजाना सैकड़ों डंपर अवैध रूप से रेत ढो रहे हैं। हरदा जिले में रेत खदानों के टेंडर नहीं होने के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। इस मामले पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह अस्थाई पुल नर्मदापुरम के सिवनीमालवा ब्लॉक के शिवपुर थाना क्षेत्र की रामगढ़ रेत खदान से आने वाले डंपरों के लिए बनाया गया है। नर्मदापुरम के पापन ग्वाड़ी और हरदा जिले के गोंदागांव गंगेश्वरी के बीच गंजाल नदी पड़ती है। माफिया ने लगभग 50 किलोमीटर का फेरा बचाने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन करते हुए नदी की धारा को रोककर यह पुल बनाया है। इससे हरदा के अलावा इंदौर तक रेत के डंपर भेजे जा रहे हैं, जिससे लाखों रुपये के डीजल की बचत हो रही है और शासन को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। हरदा जिले की 16 रेत खदानों को पिछले दो साल से उत्खनन की अनुमति नहीं मिली है। इनमें नर्मदा नदी पर छीपानेर, हंडिया, गोला ए, गोला बी, मालपोन, लछोरा, सीगोन, ऊंचान, खेड़ीनीमा ए, खेड़ीनीमा बी, मनोहरपुरा, पचोर, सुरजना, अजनाई, गोयत और गंजाल में छिदगांव मेल खदानें शामिल हैं। नए सिरे से सर्वे होने के बावजूद, पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण इस साल इन खदानों से रेत नहीं निकाली जा पा रही है। दबी जुबान से यह भी कहा जा रहा है कि रेत माफिया पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारियों को हर महीने एक निश्चित राशि देते हैं, जिसके कारण यह अवैध कारोबार बेरोकटोक चल रहा है।

Apr 11, 2026 - 07:10
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रेत माफियाओं ने गंजाल नदी पर बनाया अवैध पुल:नर्मदापुरम-हरदा के बीच 50 किमी का फेरा बचाने, कलेक्टर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया
हरदा जिले में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। नर्मदापुरम और हरदा जिले के बीच गंजाल नदी पर रेत माफियाओं ने एक अवैध अस्थाई पुल बना लिया है। इस पुल का उपयोग रेत से भरे डंपरों के परिवहन के लिए किया जा रहा है, जिससे रोजाना सैकड़ों डंपर अवैध रूप से रेत ढो रहे हैं। हरदा जिले में रेत खदानों के टेंडर नहीं होने के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। इस मामले पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह अस्थाई पुल नर्मदापुरम के सिवनीमालवा ब्लॉक के शिवपुर थाना क्षेत्र की रामगढ़ रेत खदान से आने वाले डंपरों के लिए बनाया गया है। नर्मदापुरम के पापन ग्वाड़ी और हरदा जिले के गोंदागांव गंगेश्वरी के बीच गंजाल नदी पड़ती है। माफिया ने लगभग 50 किलोमीटर का फेरा बचाने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन करते हुए नदी की धारा को रोककर यह पुल बनाया है। इससे हरदा के अलावा इंदौर तक रेत के डंपर भेजे जा रहे हैं, जिससे लाखों रुपये के डीजल की बचत हो रही है और शासन को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। हरदा जिले की 16 रेत खदानों को पिछले दो साल से उत्खनन की अनुमति नहीं मिली है। इनमें नर्मदा नदी पर छीपानेर, हंडिया, गोला ए, गोला बी, मालपोन, लछोरा, सीगोन, ऊंचान, खेड़ीनीमा ए, खेड़ीनीमा बी, मनोहरपुरा, पचोर, सुरजना, अजनाई, गोयत और गंजाल में छिदगांव मेल खदानें शामिल हैं। नए सिरे से सर्वे होने के बावजूद, पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण इस साल इन खदानों से रेत नहीं निकाली जा पा रही है। दबी जुबान से यह भी कहा जा रहा है कि रेत माफिया पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारियों को हर महीने एक निश्चित राशि देते हैं, जिसके कारण यह अवैध कारोबार बेरोकटोक चल रहा है।