MP में भू-अर्जन मुआवजा अब होगा चार गुना:ग्रामीण किसानों को मिलेगा फायदा; गुणांक 1 से बढ़ाकर 2 किया, 2014 से लागू करने की मांग

मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भू-अर्जन (भूमि अधिग्रहण) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने भू-अर्जन कानून 2013 के तहत दिए जाने वाले मुआवजे में गुणांक (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) को 1 से बढ़ाकर 2 कर दिया है। इससे जमीन का मुआवजा सीधे दोगुना हो जाएगा और 100% तोषण राशि (सॉलेशियम) जुड़ने के बाद किसानों को कुल 4 गुना तक मुआवजा मिलेगा। वर्तमान में नर्मदा बचाओ आंदोलन ने इस फैसले को किसानों के लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए इसका स्वागत किया है और सरकार से इसे 1 जनवरी 2014 से अब तक हुए सभी भू-अर्जनों पर लागू कर बकाया राशि देने की मांग की है। गुणांक 2 होने से 4 गुना हो जाएगा कुल मुआवजा नए फैसले के बाद अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मूल्य का आंकलन अब दोगुना होगा। इसमें 100% तोषण राशि जोड़ने पर कुल मुआवजा चार गुना तक मिलेगा। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में अधिग्रहण पर जहां कुल मुआवजा लगभग 2 गुना मिलता था, अब इस फैसले के बाद वह बढ़कर 4 गुना हो जाएगा। 2014 में सरकार ने तय किया था 1 का गुणांक, हाईकोर्ट में लगी है PIL नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े आलोक अग्रवाल के अनुसार, भू-अर्जन कानून 2013 में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणांक 1 से 2 तक निर्धारित है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने 2014 में इसे 1 ही तय कर दिया था। इससे ग्रामीण किसानों को कम मुआवजा मिल रहा था। इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन और मांग के बावजूद जब निर्णय नहीं हुआ, तो जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई, जिसकी सुनवाई जल्द होने वाली है। 2014 से अब तक हुए सभी मामलों का दोबारा हो मूल्यांकन नर्मदा बचाओ आंदोलन का कहना है कि 1 जनवरी 2014 से अब तक हुए सभी भू-अर्जनों में गुणांक 1 के आधार पर मुआवजा दिया गया है, जिससे हजारों किसानों को नुकसान हुआ है। आंदोलन ने सरकार से मांग की है कि 2014 से अब तक के सभी मामलों का दोबारा से मूल्यांकन किया जाए। गुणांक 2 के आधार पर नया मुआवजा तय कर प्रभावित किसानों को बकाया अतिरिक्त राशि दी जाए।

Apr 23, 2026 - 07:23
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MP में भू-अर्जन मुआवजा अब होगा चार गुना:ग्रामीण किसानों को मिलेगा फायदा; गुणांक 1 से बढ़ाकर 2 किया, 2014 से लागू करने की मांग
मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भू-अर्जन (भूमि अधिग्रहण) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने भू-अर्जन कानून 2013 के तहत दिए जाने वाले मुआवजे में गुणांक (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) को 1 से बढ़ाकर 2 कर दिया है। इससे जमीन का मुआवजा सीधे दोगुना हो जाएगा और 100% तोषण राशि (सॉलेशियम) जुड़ने के बाद किसानों को कुल 4 गुना तक मुआवजा मिलेगा। वर्तमान में नर्मदा बचाओ आंदोलन ने इस फैसले को किसानों के लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए इसका स्वागत किया है और सरकार से इसे 1 जनवरी 2014 से अब तक हुए सभी भू-अर्जनों पर लागू कर बकाया राशि देने की मांग की है। गुणांक 2 होने से 4 गुना हो जाएगा कुल मुआवजा नए फैसले के बाद अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मूल्य का आंकलन अब दोगुना होगा। इसमें 100% तोषण राशि जोड़ने पर कुल मुआवजा चार गुना तक मिलेगा। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में अधिग्रहण पर जहां कुल मुआवजा लगभग 2 गुना मिलता था, अब इस फैसले के बाद वह बढ़कर 4 गुना हो जाएगा। 2014 में सरकार ने तय किया था 1 का गुणांक, हाईकोर्ट में लगी है PIL नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े आलोक अग्रवाल के अनुसार, भू-अर्जन कानून 2013 में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणांक 1 से 2 तक निर्धारित है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने 2014 में इसे 1 ही तय कर दिया था। इससे ग्रामीण किसानों को कम मुआवजा मिल रहा था। इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन और मांग के बावजूद जब निर्णय नहीं हुआ, तो जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई, जिसकी सुनवाई जल्द होने वाली है। 2014 से अब तक हुए सभी मामलों का दोबारा हो मूल्यांकन नर्मदा बचाओ आंदोलन का कहना है कि 1 जनवरी 2014 से अब तक हुए सभी भू-अर्जनों में गुणांक 1 के आधार पर मुआवजा दिया गया है, जिससे हजारों किसानों को नुकसान हुआ है। आंदोलन ने सरकार से मांग की है कि 2014 से अब तक के सभी मामलों का दोबारा से मूल्यांकन किया जाए। गुणांक 2 के आधार पर नया मुआवजा तय कर प्रभावित किसानों को बकाया अतिरिक्त राशि दी जाए।