शाजापुर में गौ सम्मान आवाहन यात्रा निकली:राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर की गई गोवंश संरक्षण की मांग
शाजापुर में सोमवार दोपहर गौ सम्मान आवाहन यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां राजराजेश्वरी मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के युवा और गौसेवक शामिल हुए। यात्रा का समापन पुणे मंदिर परिसर में हुआ, जहां नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मध्य प्रदेश में गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की गई। इसमें गोवंश को "राष्ट्रमाता" या "राज्य आराध्या" का दर्जा देने, गो तस्करी और वध को गैर-जमानती अपराध घोषित कर सख्त दंड का प्रावधान करने तथा दोषियों की संपत्ति कुर्क करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, गोशालाओं और नंदीशालाओं की स्थापना, चारा प्रबंधन नीति लागू करने तथा गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने जैसे सुझाव भी शामिल थे। राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर गोवंश के लिए एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था, स्कूलों में गो-विज्ञान को शामिल करने और मिड-डे मील में देशी गोवंश के दुग्ध उत्पादों के उपयोग की बात भी कही गई। गौ सेवक धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि यह अभियान देशभर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न स्तरों पर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
शाजापुर में सोमवार दोपहर गौ सम्मान आवाहन यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां राजराजेश्वरी मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के युवा और गौसेवक शामिल हुए। यात्रा का समापन पुणे मंदिर परिसर में हुआ, जहां नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मध्य प्रदेश में गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की गई। इसमें गोवंश को "राष्ट्रमाता" या "राज्य आराध्या" का दर्जा देने, गो तस्करी और वध को गैर-जमानती अपराध घोषित कर सख्त दंड का प्रावधान करने तथा दोषियों की संपत्ति कुर्क करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, गोशालाओं और नंदीशालाओं की स्थापना, चारा प्रबंधन नीति लागू करने तथा गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने जैसे सुझाव भी शामिल थे। राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर गोवंश के लिए एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था, स्कूलों में गो-विज्ञान को शामिल करने और मिड-डे मील में देशी गोवंश के दुग्ध उत्पादों के उपयोग की बात भी कही गई। गौ सेवक धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि यह अभियान देशभर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न स्तरों पर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।