सतना में जमीन हड़पने जिंदा बुजुर्ग को मृत घोषित किया:भतीजे ने नगर निगम और पटवारी से मिलकर बनवाया डेथ सर्टिफिकेट; जांच के आदेश

सतना में पुश्तैनी जमीन हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 85 वर्षीय जीवित बुजुर्ग को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। बुजुर्ग के भतीजे ने नगर निगम कर्मचारियों, पार्षद और पटवारी की मिलीभगत से यह पूरी साजिश रची। मामले का खुलासा तब हुआ, जब बुजुर्ग के बेटे ने पुलिस और प्रशासन से इसकी शिकायत की, जिसके बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शहर के कामता टोला निवासी 85 वर्षीय ईश्वर्दीन सोनी रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। कोठी इलाके में उनकी 0.1680 हेक्टेयर पुश्तैनी जमीन है। इसी बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए भतीजे रामकरण सोनी ने जून 2024 में नगर निगम में चाचा का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया था। इस आवेदन में चाचा की मौत का कारण लंबी बीमारी बताया गया था। पार्षद और निगम कर्मचारियों ने किया फर्जी सत्यापन इस फर्जीवाड़े में वार्ड 43 के पार्षद सौरव मलिक गोल्डी ने एक पंचनामा जारी कर बताया कि ईश्वर्दीन की मृत्यु 18 जुलाई 2015 को हो गई है। पार्षद के पत्र पर पांच लोगों ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर भी किए। आवेदन के आधार पर स्वास्थ्य अधिकारी और जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार ने सफाई दरोगा से सत्यापन कराया। दरोगा ने पड़ोसियों की गवाही पर मृत्यु को प्रमाणित कर दिया, जिसके बाद तहसीलदार रघुराजनगर ने मृत्यु पंजीयन का आदेश जारी कर दिया। पटवारी ने बुजुर्ग को संतानहीन बताकर पत्नी को बेची जमीन इस पूरी साजिश में स्थानीय पटवारी प्रवीण सिंह की भी अहम भूमिका रही। उसने अपनी रिपोर्ट में जीवित बुजुर्ग को मृत और 'लावल्द' (संतानहीन) बताकर पुश्तैनी जमीन भतीजे रामकरण और कताहुर के नाम कर दी। इसके बाद पटवारी ने यही जमीन अपनी पत्नी माधवी सिंह के नाम 9 लाख रुपए में खरीद ली। जबकि हकीकत यह है कि ईश्वर्दीन जीवित हैं और उनके तीन बेटे भी हैं। बेटे की शिकायत पर कलेक्टर का एक्शन इस बड़े फर्जीवाड़े का पता चलने पर ईश्वर्दीन के बेटे राजेश सोनी ने तुरंत कलेक्टर, सिटी कोतवाली और कोठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और यह घोटाला उजागर हुआ। सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

Jun 9, 2026 - 06:03
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सतना में जमीन हड़पने जिंदा बुजुर्ग को मृत घोषित किया:भतीजे ने नगर निगम और पटवारी से मिलकर बनवाया डेथ सर्टिफिकेट; जांच के आदेश
सतना में पुश्तैनी जमीन हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 85 वर्षीय जीवित बुजुर्ग को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। बुजुर्ग के भतीजे ने नगर निगम कर्मचारियों, पार्षद और पटवारी की मिलीभगत से यह पूरी साजिश रची। मामले का खुलासा तब हुआ, जब बुजुर्ग के बेटे ने पुलिस और प्रशासन से इसकी शिकायत की, जिसके बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शहर के कामता टोला निवासी 85 वर्षीय ईश्वर्दीन सोनी रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। कोठी इलाके में उनकी 0.1680 हेक्टेयर पुश्तैनी जमीन है। इसी बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए भतीजे रामकरण सोनी ने जून 2024 में नगर निगम में चाचा का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया था। इस आवेदन में चाचा की मौत का कारण लंबी बीमारी बताया गया था। पार्षद और निगम कर्मचारियों ने किया फर्जी सत्यापन इस फर्जीवाड़े में वार्ड 43 के पार्षद सौरव मलिक गोल्डी ने एक पंचनामा जारी कर बताया कि ईश्वर्दीन की मृत्यु 18 जुलाई 2015 को हो गई है। पार्षद के पत्र पर पांच लोगों ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर भी किए। आवेदन के आधार पर स्वास्थ्य अधिकारी और जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार ने सफाई दरोगा से सत्यापन कराया। दरोगा ने पड़ोसियों की गवाही पर मृत्यु को प्रमाणित कर दिया, जिसके बाद तहसीलदार रघुराजनगर ने मृत्यु पंजीयन का आदेश जारी कर दिया। पटवारी ने बुजुर्ग को संतानहीन बताकर पत्नी को बेची जमीन इस पूरी साजिश में स्थानीय पटवारी प्रवीण सिंह की भी अहम भूमिका रही। उसने अपनी रिपोर्ट में जीवित बुजुर्ग को मृत और 'लावल्द' (संतानहीन) बताकर पुश्तैनी जमीन भतीजे रामकरण और कताहुर के नाम कर दी। इसके बाद पटवारी ने यही जमीन अपनी पत्नी माधवी सिंह के नाम 9 लाख रुपए में खरीद ली। जबकि हकीकत यह है कि ईश्वर्दीन जीवित हैं और उनके तीन बेटे भी हैं। बेटे की शिकायत पर कलेक्टर का एक्शन इस बड़े फर्जीवाड़े का पता चलने पर ईश्वर्दीन के बेटे राजेश सोनी ने तुरंत कलेक्टर, सिटी कोतवाली और कोठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और यह घोटाला उजागर हुआ। सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।