पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशी ने FIR की निष्पक्ष जांच की मांग:महिला अधिकारी से विवाद के बाद दर्ज हुई थी रिपोर्ट, कलेक्टर को सौंपा आवेदन

रामानुजगंज नगरपालिका परिषद के पूर्व निर्दलीय अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राहुलजीत सिंह ने 18 मार्च 2026 की घटना और उसके बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। राहुलजीत सिंह ने बताया कि 18 मार्च 2026 की शाम वह बटालियन पेट्रोल पंप के पास स्थित सूरज ढाबा में मौजूद थे। उसी दौरान घरेलू गैस सिलेंडरों की जांच के लिए प्रशासनिक टीम पहुंची। उनका कहना है कि उन्होंने महिला अधिकारी से केवल परिचय-पत्र (आईडी) दिखाने का अनुरोध किया और पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। महिला अधिकारी पर लगाए आरोप आवेदन में राहुलजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित महिला अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। उनका कहना है कि इस पूरी बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है। जातिसूचक आरोपों पर उठाए सवाल राहुलजीत सिंह का कहना है कि घटना के समय उन्हें संबंधित अधिकारी का नाम और जाति की जानकारी नहीं थी। वीडियो में भी वह कई बार अधिकारी का नाम पूछते दिखाई देते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज जातिसूचक गाली-गलौज के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत करने पहुंचे, खुद पर दर्ज हो गई एफआईआर उन्होंने बताया कि घटना के बाद वह स्वयं रामानुजगंज थाने में महिला अधिकारी के कथित व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। लेकिन उसी रात उनके खिलाफ जातिसूचक गाली देने, जान से मारने की धमकी देने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई। 108 दिन जेल में रहने का दावा राहुलजीत सिंह ने बताया कि अगले दिन पुलिस के बुलावे पर वह स्वयं थाने पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उनके अनुसार, उन्हें 19 मार्च से 4 जुलाई 2026 तक करीब 108 दिन जेल में रहना पड़ा। कार्रवाई नहीं हुई तो पदयात्रा राहुलजीत सिंह ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय से संभागायुक्त कार्यालय अंबिकापुर तक पदयात्रा कर ज्ञापन सौंपेंगे।

Jul 11, 2026 - 19:40
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पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशी ने FIR की निष्पक्ष जांच की मांग:महिला अधिकारी से विवाद के बाद दर्ज हुई थी रिपोर्ट, कलेक्टर को सौंपा आवेदन
रामानुजगंज नगरपालिका परिषद के पूर्व निर्दलीय अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राहुलजीत सिंह ने 18 मार्च 2026 की घटना और उसके बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। राहुलजीत सिंह ने बताया कि 18 मार्च 2026 की शाम वह बटालियन पेट्रोल पंप के पास स्थित सूरज ढाबा में मौजूद थे। उसी दौरान घरेलू गैस सिलेंडरों की जांच के लिए प्रशासनिक टीम पहुंची। उनका कहना है कि उन्होंने महिला अधिकारी से केवल परिचय-पत्र (आईडी) दिखाने का अनुरोध किया और पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। महिला अधिकारी पर लगाए आरोप आवेदन में राहुलजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित महिला अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। उनका कहना है कि इस पूरी बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है। जातिसूचक आरोपों पर उठाए सवाल राहुलजीत सिंह का कहना है कि घटना के समय उन्हें संबंधित अधिकारी का नाम और जाति की जानकारी नहीं थी। वीडियो में भी वह कई बार अधिकारी का नाम पूछते दिखाई देते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज जातिसूचक गाली-गलौज के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत करने पहुंचे, खुद पर दर्ज हो गई एफआईआर उन्होंने बताया कि घटना के बाद वह स्वयं रामानुजगंज थाने में महिला अधिकारी के कथित व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। लेकिन उसी रात उनके खिलाफ जातिसूचक गाली देने, जान से मारने की धमकी देने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई। 108 दिन जेल में रहने का दावा राहुलजीत सिंह ने बताया कि अगले दिन पुलिस के बुलावे पर वह स्वयं थाने पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उनके अनुसार, उन्हें 19 मार्च से 4 जुलाई 2026 तक करीब 108 दिन जेल में रहना पड़ा। कार्रवाई नहीं हुई तो पदयात्रा राहुलजीत सिंह ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय से संभागायुक्त कार्यालय अंबिकापुर तक पदयात्रा कर ज्ञापन सौंपेंगे।