पूर्व आईएएस नियाज़ खान की राजनीति में आने की इच्छा:बोले-भाजपा-कांग्रेस स्वीकार नहीं करेंगे, कॉकरोच पार्टी राजनीति में आई तो ज्वाइन करुंगा
मध्य प्रदेश के पूर्व आईएएस अधिकारी और लेखक नियाज़ खान ने राजनीति में आने की इच्छा जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा कि देश में गिरती राजनीति और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए राजनीति में आना जरूरी है। नियाज़ खान ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मैं कांग्रेस पार्टी में जाना चाहता हूं पर मेरे हिंदू उदारवादी विचारों के कारण कांग्रेस उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। राजनीति की सेवा सबसे बड़ी सेवा उन्होंने आगे लिखा कि यदि भविष्य में कॉकरोच जनता पार्टी राजनीति में आती है तो मैं उसे ज्वाइन करूंगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में राजनीति की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। नियाज़ खान की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। खान ने ब्राह्मण द ग्रेट, ब्राउन डेजर्ट IV-786 और बी रेडी टू डाई जैसे कई चर्चित उपन्यासों की रचना की है। भाजपा ने हमेशा अलग व्यवहार किया खान ने कहा कि भाजपा ने हमेशा उनके साथ अलग व्यवहार किया है। आईएएस रहने के दौरान कभी भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है और नहीं किसी बड़े पद पर सेवा का मौका दिया गया। इसलिए यह तय है कि भाजपा भी मुझे नहीं लेना चाहती और कोई काम नहीं सौंपना चाहती है।
मध्य प्रदेश के पूर्व आईएएस अधिकारी और लेखक नियाज़ खान ने राजनीति में आने की इच्छा जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा कि देश में गिरती राजनीति और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए राजनीति में आना जरूरी है। नियाज़ खान ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मैं कांग्रेस पार्टी में जाना चाहता हूं पर मेरे हिंदू उदारवादी विचारों के कारण कांग्रेस उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। राजनीति की सेवा सबसे बड़ी सेवा उन्होंने आगे लिखा कि यदि भविष्य में कॉकरोच जनता पार्टी राजनीति में आती है तो मैं उसे ज्वाइन करूंगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में राजनीति की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। नियाज़ खान की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। खान ने ब्राह्मण द ग्रेट, ब्राउन डेजर्ट IV-786 और बी रेडी टू डाई जैसे कई चर्चित उपन्यासों की रचना की है। भाजपा ने हमेशा अलग व्यवहार किया खान ने कहा कि भाजपा ने हमेशा उनके साथ अलग व्यवहार किया है। आईएएस रहने के दौरान कभी भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है और नहीं किसी बड़े पद पर सेवा का मौका दिया गया। इसलिए यह तय है कि भाजपा भी मुझे नहीं लेना चाहती और कोई काम नहीं सौंपना चाहती है।