संबल योजना के नाम पर आदिवासी से ठगी:शिवपुरी में जनपद कर्मचारी बताकर भरोसे में लिया, फिर लिए 25 हजार रुपए, दो पर FIR
शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र में संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर एक आदिवासी ग्रामीण से 25 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम अहेरा निवासी कमलफूल आदिवासी ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी सोमवती की मृत्यु के बाद संबल योजना के तहत उन्हें 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई थी। 6 मई 2026 को कलेक्टर की जन चौपाल में उन्हें इसका स्वीकृति पत्र भी मिला था। खुद को जनपद कर्मचारी बताकर भरोसे में लिया कुछ दिन बाद जाहिद खान और आफताब खान गांव पहुंचे। उन्होंने खुद को जनपद पंचायत का कर्मचारी बताया। दोनों ने कमलफूल से आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी ले ली। दोनों आरोपी पोहरी के किले के अंदर के निवासी बताए गए हैं। इसके बाद आरोपियों ने कमलफूल को पोहरी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के कियोस्क पर बुलाया। वहां जाहिद ने कहा कि संबल योजना की राशि खाते में आ गई है। इसके बदले 50 हजार रुपये देने होंगे। मोलभाव के बाद 25 हजार रुपये देने की बात तय हुई। कमलफूल ने कियोस्क से 30 हजार रुपये निकाले और उसमें से 20 हजार रुपये जाहिद को दे दिए। दोबारा बुलाकर लिए 5 हजार रुपये आरोपियों के लगातार फोन आने पर कमलफूल 13 जुलाई को फिर कियोस्क पहुंचे। उन्होंने 19,500 रुपये निकाले और उसमें से 5 हजार रुपये जाहिद को दे दिए। इस तरह आरोपियों ने कुल 25 हजार रुपये ले लिए। सचिव ने बताया, तब ठगी का पता चला 22 जुलाई को गांव पहुंचे सचिव नंदकिशोर गुप्ता ने संबल योजना की राशि के बारे में पूछा। तब कमलफूल ने पूरी घटना बताई। सचिव ने स्पष्ट किया कि जनपद पंचायत की ओर से इस योजना के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता। इसके बाद कमलफूल को ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कमलफूल की शिकायत पर जाहिद खान और आफताब खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र में संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर एक आदिवासी ग्रामीण से 25 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम अहेरा निवासी कमलफूल आदिवासी ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी सोमवती की मृत्यु के बाद संबल योजना के तहत उन्हें 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई थी। 6 मई 2026 को कलेक्टर की जन चौपाल में उन्हें इसका स्वीकृति पत्र भी मिला था। खुद को जनपद कर्मचारी बताकर भरोसे में लिया कुछ दिन बाद जाहिद खान और आफताब खान गांव पहुंचे। उन्होंने खुद को जनपद पंचायत का कर्मचारी बताया। दोनों ने कमलफूल से आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी ले ली। दोनों आरोपी पोहरी के किले के अंदर के निवासी बताए गए हैं। इसके बाद आरोपियों ने कमलफूल को पोहरी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के कियोस्क पर बुलाया। वहां जाहिद ने कहा कि संबल योजना की राशि खाते में आ गई है। इसके बदले 50 हजार रुपये देने होंगे। मोलभाव के बाद 25 हजार रुपये देने की बात तय हुई। कमलफूल ने कियोस्क से 30 हजार रुपये निकाले और उसमें से 20 हजार रुपये जाहिद को दे दिए। दोबारा बुलाकर लिए 5 हजार रुपये आरोपियों के लगातार फोन आने पर कमलफूल 13 जुलाई को फिर कियोस्क पहुंचे। उन्होंने 19,500 रुपये निकाले और उसमें से 5 हजार रुपये जाहिद को दे दिए। इस तरह आरोपियों ने कुल 25 हजार रुपये ले लिए। सचिव ने बताया, तब ठगी का पता चला 22 जुलाई को गांव पहुंचे सचिव नंदकिशोर गुप्ता ने संबल योजना की राशि के बारे में पूछा। तब कमलफूल ने पूरी घटना बताई। सचिव ने स्पष्ट किया कि जनपद पंचायत की ओर से इस योजना के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता। इसके बाद कमलफूल को ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कमलफूल की शिकायत पर जाहिद खान और आफताब खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।