डोंगा-कोहरौद में सड़क मंजूरी पर दूध से नहाया ग्रामीण, VIDEO:15 साल बाद अब बनेगी सड़क, 605.09 लाख की स्वीकृति के बाद ग्रामीणों में उत्साह

जांजगीर-चांपा जिले के डोंगा-कोहरौद गांव की 15 साल पुरानी सड़क की समस्या अब खत्म होने की ओर है। राज्य सरकार ने पामगढ़ से भिलौनी के बीच डोंगा-कोहरौद बस्ती की 4.33 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 605.09 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। मंजूरी मिलते ही गांव में खुशी का माहौल है। यह सड़क वर्षों से जर्जर हालत में थी। निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आमरण अनशन, चक्काजाम और कई चरणों में आंदोलन किया था। लगातार विरोध के बाद आखिरकार सड़क निर्माण को मंजूरी मिल गई। 'साय-साय तालाब' से चर्चा में आया था गांव आंदोलन के दौरान ग्रामीण शनि राम कश्यप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने सड़क के गड्ढों में भरे पानी को "साय-साय तालाब" बताते हुए उसी पानी से स्नान किया था। इस वीडियो ने सड़क की बदहाली को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया था। बारिश के बाद शुरू होगा निर्माण प्रशासन ने फिलहाल सड़क की मरम्मत शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार बारिश समाप्त होने के बाद टेंडर और अन्य विभागीय प्रक्रियाएं पूरी कर स्थायी सड़क निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही दूध से मनाया जश्न सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद शनि राम कश्यप का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बार वे ग्रामीणों के साथ बाल्टी में दूध लेकर सड़क पर पहुंचे और दूध से स्नान कर खुशी जाहिर की। शनि राम कश्यप ने इसे राज्य सरकार द्वारा सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने पर आभार व्यक्त करने का प्रतीक बताया। वहीं ग्रामीणों ने भी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया।

Jul 11, 2026 - 19:40
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डोंगा-कोहरौद में सड़क मंजूरी पर दूध से नहाया ग्रामीण, VIDEO:15 साल बाद अब बनेगी सड़क, 605.09 लाख की स्वीकृति के बाद ग्रामीणों में उत्साह
जांजगीर-चांपा जिले के डोंगा-कोहरौद गांव की 15 साल पुरानी सड़क की समस्या अब खत्म होने की ओर है। राज्य सरकार ने पामगढ़ से भिलौनी के बीच डोंगा-कोहरौद बस्ती की 4.33 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 605.09 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। मंजूरी मिलते ही गांव में खुशी का माहौल है। यह सड़क वर्षों से जर्जर हालत में थी। निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आमरण अनशन, चक्काजाम और कई चरणों में आंदोलन किया था। लगातार विरोध के बाद आखिरकार सड़क निर्माण को मंजूरी मिल गई। 'साय-साय तालाब' से चर्चा में आया था गांव आंदोलन के दौरान ग्रामीण शनि राम कश्यप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने सड़क के गड्ढों में भरे पानी को "साय-साय तालाब" बताते हुए उसी पानी से स्नान किया था। इस वीडियो ने सड़क की बदहाली को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया था। बारिश के बाद शुरू होगा निर्माण प्रशासन ने फिलहाल सड़क की मरम्मत शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार बारिश समाप्त होने के बाद टेंडर और अन्य विभागीय प्रक्रियाएं पूरी कर स्थायी सड़क निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही दूध से मनाया जश्न सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद शनि राम कश्यप का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बार वे ग्रामीणों के साथ बाल्टी में दूध लेकर सड़क पर पहुंचे और दूध से स्नान कर खुशी जाहिर की। शनि राम कश्यप ने इसे राज्य सरकार द्वारा सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने पर आभार व्यक्त करने का प्रतीक बताया। वहीं ग्रामीणों ने भी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया।