विधानसभा चुनाव के पहले बने जिलों में अब जिला पंचायत:अगले साल होंगे पंचायत चुनाव; मऊगंज, पांढुर्ना, मैहर में चुने जाएंगे जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष

विधानसभा चुनाव 2023 के पहले अस्तित्व में आए प्रदेश के तीन जिले अब जिला पंचायत चुनाव के लिए तैयार होंगे। इन जिलों में अगले साल होने वाले जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चुनाव कराए जाएंगे। इसके पहले सरकार ने नवगठित जिलों में जिला पंचायत गठन को मंजूरी देकर अधिसूचना जारी कर दी है। ये तीन नए जिले मऊगंज, पांढुर्ना और मैहर हैं, जिनके गठन के करीब ढाई साल के अंतराल के बाद जिला पंचायत दफ्तर भी यहां खोलने का फैसला हुआ है। 2023 में बने थे नए जिले प्रदेश के नए जिलों में मऊगंज 15 अगस्त 2023 को रीवा से अलग होकर प्रदेश का 53 वां जिला, पांढुर्ना और मैहर 5 अक्टूबर 2023 को छिंदवाड़ा और सतना से अलग होकर 54वें व 55 वें जिले बने थे। नए जिले बनने के बाद भी इन जिलों के ग्रामीण अंचलों के निवासी प्रशासनिक और विकास कार्यों के लिए पुराने जिलों की जिला पंचायतों पर ही निर्भर थे। अब जिला पंचायत के लिए नोटिफिकेशन होने के बाद इन नए जिलों की जिला पंचायतों के लिए अगले साल पहली बार चुनाव होंगे। मऊगंज में जिला पंचायत का काम अब तक रीवा, मैहर का सतना और पांढुर्ना का छिंदवाड़ा जिला पंचायतों के जरिए संचालित हो रहा था। इस वजह से लगा लंबा समय नए जिले में जिला पंचायत के गठन में देरी का मुख्य कारण पुनर्सीमांकन (डीलिमिटेशन) और आरक्षण की लंबी प्रक्रिया का होना है। नया जिला घोषित होने के बाद प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाओं को फिर से तय करना होता है, जिसके कारण पंचायत चुनाव और जिला पंचायत की स्थापना में समय लगता है। नए जिले के निर्माण के साथ ही गांवों और क्षेत्रों की सीमाएं बदल जाती हैं। ऐसे में यह तय करना होता है कि कौन सी ग्राम पंचायत किस जनपद (ब्लॉक) और किस नए जिला पंचायत के अंतर्गत आएगी। इसके अलावा जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों के वार्डों का गठन और आरक्षण भी नए सिरे से होता है। इसके बाद रोस्टर के अनुसार इन वार्डों में एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने में भी काफी समय लगता है। जिला पंचायतों के लिए अपडेट हो रही वोटर लिस्ट राज्य निर्वाचन आयोग नगरीय निकायों और जिला पंचायतों के लिए प्रदेश की मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में जुटा है और 18 जुलाई को फाइनल मतदाता सूची जारी होगी। इसके बाद नए जिलों में पहली बार जिला पंचायत का गठन कराने के लिए चुनाव की तारीखें तय की जाएंगी। इसके एक जनवरी 2027 की तारीख में अंतिम मतदाता सूची तैयार होगी ताकि दिसम्बर 2027 के पहले होने वाले पंचायत चुनाव में इन जिलों में जिला पंचायत के चुनाव कराए जा सकें।

Jun 9, 2026 - 06:03
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विधानसभा चुनाव के पहले बने जिलों में अब जिला पंचायत:अगले साल होंगे पंचायत चुनाव; मऊगंज, पांढुर्ना, मैहर में चुने जाएंगे जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष
विधानसभा चुनाव 2023 के पहले अस्तित्व में आए प्रदेश के तीन जिले अब जिला पंचायत चुनाव के लिए तैयार होंगे। इन जिलों में अगले साल होने वाले जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चुनाव कराए जाएंगे। इसके पहले सरकार ने नवगठित जिलों में जिला पंचायत गठन को मंजूरी देकर अधिसूचना जारी कर दी है। ये तीन नए जिले मऊगंज, पांढुर्ना और मैहर हैं, जिनके गठन के करीब ढाई साल के अंतराल के बाद जिला पंचायत दफ्तर भी यहां खोलने का फैसला हुआ है। 2023 में बने थे नए जिले प्रदेश के नए जिलों में मऊगंज 15 अगस्त 2023 को रीवा से अलग होकर प्रदेश का 53 वां जिला, पांढुर्ना और मैहर 5 अक्टूबर 2023 को छिंदवाड़ा और सतना से अलग होकर 54वें व 55 वें जिले बने थे। नए जिले बनने के बाद भी इन जिलों के ग्रामीण अंचलों के निवासी प्रशासनिक और विकास कार्यों के लिए पुराने जिलों की जिला पंचायतों पर ही निर्भर थे। अब जिला पंचायत के लिए नोटिफिकेशन होने के बाद इन नए जिलों की जिला पंचायतों के लिए अगले साल पहली बार चुनाव होंगे। मऊगंज में जिला पंचायत का काम अब तक रीवा, मैहर का सतना और पांढुर्ना का छिंदवाड़ा जिला पंचायतों के जरिए संचालित हो रहा था। इस वजह से लगा लंबा समय नए जिले में जिला पंचायत के गठन में देरी का मुख्य कारण पुनर्सीमांकन (डीलिमिटेशन) और आरक्षण की लंबी प्रक्रिया का होना है। नया जिला घोषित होने के बाद प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाओं को फिर से तय करना होता है, जिसके कारण पंचायत चुनाव और जिला पंचायत की स्थापना में समय लगता है। नए जिले के निर्माण के साथ ही गांवों और क्षेत्रों की सीमाएं बदल जाती हैं। ऐसे में यह तय करना होता है कि कौन सी ग्राम पंचायत किस जनपद (ब्लॉक) और किस नए जिला पंचायत के अंतर्गत आएगी। इसके अलावा जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों के वार्डों का गठन और आरक्षण भी नए सिरे से होता है। इसके बाद रोस्टर के अनुसार इन वार्डों में एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने में भी काफी समय लगता है। जिला पंचायतों के लिए अपडेट हो रही वोटर लिस्ट राज्य निर्वाचन आयोग नगरीय निकायों और जिला पंचायतों के लिए प्रदेश की मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में जुटा है और 18 जुलाई को फाइनल मतदाता सूची जारी होगी। इसके बाद नए जिलों में पहली बार जिला पंचायत का गठन कराने के लिए चुनाव की तारीखें तय की जाएंगी। इसके एक जनवरी 2027 की तारीख में अंतिम मतदाता सूची तैयार होगी ताकि दिसम्बर 2027 के पहले होने वाले पंचायत चुनाव में इन जिलों में जिला पंचायत के चुनाव कराए जा सकें।