गुना नगरपालिका में गहराया वेतन संकट:कर्मचारियों ने नपाध्यक्ष को सौंपा आवेदन; CMO न होने से कर रहे परेशानी का सामना

गुना नगर पालिका में मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) का पद रिक्त होने के कारण कर्मचारियों के वेतन सहित कई आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी समस्या को लेकर सोमवार को नगर पालिका कर्मचारी नेता देव कुमार और अन्य सफाई मेंटों ने नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने जल्द से जल्द वेतन जारी कराने और नियमित सीएमओ की नियुक्ति की मांग की। वेतन नहीं मिलने से बढ़ी कर्मचारियों की परेशानी कर्मचारी नेता देव कुमार ने बताया कि जून का महीना शुरू होते ही कर्मचारियों के सामने नई आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। स्कूल खुलने के कारण बच्चों की फीस जमा करना, किताबें खरीदना, यूनिफॉर्म और बस्तों की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और रोजमर्रा के खर्चों को संभालना भी कठिन होता जा रहा है। लोन की किस्तें जमा करने में आ रही दिक्कत कर्मचारियों का कहना है कि हर महीने वेतन मिलने में देरी होने के कारण उनके होम लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई समय पर जमा नहीं हो पा रही है। इसका सीधा असर उनके बैंक रिकॉर्ड पर पड़ रहा है। कई कर्मचारियों का सिबिल स्कोर खराब होने लगा है, जिससे भविष्य में उन्हें वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों ने अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन समस्या के समाधान की मांग को लेकर कर्मचारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में हो रही देरी और सीएमओ की अनुपस्थिति से उत्पन्न प्रशासनिक समस्याओं का उल्लेख किया। कर्मचारियों ने मांग की कि शासन स्तर पर जल्द निर्णय लेकर नगर पालिका की व्यवस्था को पटरी पर लाया जाए। अध्यक्ष ने दिया आश्वासन नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से शासन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे अब तक तीन बार शासन को पत्र लिख चुकी हैं। अब कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से भी सरकार को मौजूदा हालात से अवगत कराया जाएगा। सीएमओ नहीं होने से ठप पड़े जरूरी काम अध्यक्ष ने कहा कि गुना नगर पालिका में नियमित सीएमओ नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बिजली और डीजल के बिलों का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन जारी करने जैसे जरूरी काम भी अटके हुए हैं। इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर व्यापक असर पड़ रहा है। 20 दिन से खाली पड़ा है सीएमओ का पद जानकारी के अनुसार गुना नगर पालिका में पिछले करीब 20 दिनों से सीएमओ का पद रिक्त है। अधिकारी के अभाव में कई प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय लंबित पड़े हुए हैं। नगर पालिका के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और इसका असर सीधे कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ रहा है। शासन से जल्द नियुक्ति की मांग नगर पालिका अध्यक्ष ने शासन से मांग की है कि गुना में जल्द नियमित सीएमओ की नियुक्ति की जाए, ताकि लंबित कार्यों का निपटारा हो सके और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है। वहीं नगर पालिका के कई जरूरी कार्य भी प्रभावित होते रहेंगे। वर्तमान में सीएमओ की अनुपस्थिति के कारण लगभग सभी महत्वपूर्ण काम ठप पड़े हुए हैं।

Jun 9, 2026 - 06:03
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गुना नगरपालिका में गहराया वेतन संकट:कर्मचारियों ने नपाध्यक्ष को सौंपा आवेदन; CMO न होने से कर रहे परेशानी का सामना
गुना नगर पालिका में मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) का पद रिक्त होने के कारण कर्मचारियों के वेतन सहित कई आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी समस्या को लेकर सोमवार को नगर पालिका कर्मचारी नेता देव कुमार और अन्य सफाई मेंटों ने नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने जल्द से जल्द वेतन जारी कराने और नियमित सीएमओ की नियुक्ति की मांग की। वेतन नहीं मिलने से बढ़ी कर्मचारियों की परेशानी कर्मचारी नेता देव कुमार ने बताया कि जून का महीना शुरू होते ही कर्मचारियों के सामने नई आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। स्कूल खुलने के कारण बच्चों की फीस जमा करना, किताबें खरीदना, यूनिफॉर्म और बस्तों की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और रोजमर्रा के खर्चों को संभालना भी कठिन होता जा रहा है। लोन की किस्तें जमा करने में आ रही दिक्कत कर्मचारियों का कहना है कि हर महीने वेतन मिलने में देरी होने के कारण उनके होम लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई समय पर जमा नहीं हो पा रही है। इसका सीधा असर उनके बैंक रिकॉर्ड पर पड़ रहा है। कई कर्मचारियों का सिबिल स्कोर खराब होने लगा है, जिससे भविष्य में उन्हें वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों ने अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन समस्या के समाधान की मांग को लेकर कर्मचारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में हो रही देरी और सीएमओ की अनुपस्थिति से उत्पन्न प्रशासनिक समस्याओं का उल्लेख किया। कर्मचारियों ने मांग की कि शासन स्तर पर जल्द निर्णय लेकर नगर पालिका की व्यवस्था को पटरी पर लाया जाए। अध्यक्ष ने दिया आश्वासन नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से शासन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे अब तक तीन बार शासन को पत्र लिख चुकी हैं। अब कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से भी सरकार को मौजूदा हालात से अवगत कराया जाएगा। सीएमओ नहीं होने से ठप पड़े जरूरी काम अध्यक्ष ने कहा कि गुना नगर पालिका में नियमित सीएमओ नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बिजली और डीजल के बिलों का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन जारी करने जैसे जरूरी काम भी अटके हुए हैं। इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर व्यापक असर पड़ रहा है। 20 दिन से खाली पड़ा है सीएमओ का पद जानकारी के अनुसार गुना नगर पालिका में पिछले करीब 20 दिनों से सीएमओ का पद रिक्त है। अधिकारी के अभाव में कई प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय लंबित पड़े हुए हैं। नगर पालिका के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और इसका असर सीधे कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ रहा है। शासन से जल्द नियुक्ति की मांग नगर पालिका अध्यक्ष ने शासन से मांग की है कि गुना में जल्द नियमित सीएमओ की नियुक्ति की जाए, ताकि लंबित कार्यों का निपटारा हो सके और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है। वहीं नगर पालिका के कई जरूरी कार्य भी प्रभावित होते रहेंगे। वर्तमान में सीएमओ की अनुपस्थिति के कारण लगभग सभी महत्वपूर्ण काम ठप पड़े हुए हैं।