छतरपुर में अफसरों की लेट-लतीफी पर एक्शन:लोक सेवा के लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर सख्त, 5 हजार तक का जुर्माना
छतरपुर में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयसीमा से बाहर लंबित प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई की है। सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल (TL) बैठक में उन्होंने सेवा में देरी के लिए जिम्मेदार कई अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही या लेट-लतीफी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान प्रकरणों को समयसीमा से बाहर रखने के लिए नायब तहसीलदार बछौन और छठीबम्हौरी पर सबसे ज्यादा 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन तहसीलदारों पर भी लगा जुर्माना
अधिकारियों की लापरवाही पर एक्शन लेते हुए तहसीलदार ईशानगर, बमनौराकलां और नायब तहसीलदार घुवारा पर 2-2 हजार रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। इसके अलावा, नायब तहसीलदार रानीपुरा और सडवा पर 1500-1500 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। वहीं, तहसीलदार बिजावर और नायब तहसीलदार जुझारनगर को 1-1 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। जनपद सीईओ और पंचायत सचिवों पर भी एक्शन
कलेक्टर ने जनपद स्तर पर भी कार्रवाई की है। तहसीलदार घुवारा, छतरपुर, नौगांव और नायब तहसीलदार भगवां, लुगासी एवं सरबई पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही, बक्सवाहा जनपद पंचायत के सीईओ पर भी 500 रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है। लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई की जद में बक्सवाहा जनपद पंचायत के गढ़ोही, निवार और मानकी के सचिव भी आए हैं, जिन पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आमजन के प्रकरणों का निराकरण तय समयसीमा के भीतर ही करें। लोक सेवा गारंटी योजना के तहत किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
छतरपुर में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयसीमा से बाहर लंबित प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई की है। सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल (TL) बैठक में उन्होंने सेवा में देरी के लिए जिम्मेदार कई अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही या लेट-लतीफी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान प्रकरणों को समयसीमा से बाहर रखने के लिए नायब तहसीलदार बछौन और छठीबम्हौरी पर सबसे ज्यादा 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन तहसीलदारों पर भी लगा जुर्माना
अधिकारियों की लापरवाही पर एक्शन लेते हुए तहसीलदार ईशानगर, बमनौराकलां और नायब तहसीलदार घुवारा पर 2-2 हजार रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। इसके अलावा, नायब तहसीलदार रानीपुरा और सडवा पर 1500-1500 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। वहीं, तहसीलदार बिजावर और नायब तहसीलदार जुझारनगर को 1-1 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। जनपद सीईओ और पंचायत सचिवों पर भी एक्शन
कलेक्टर ने जनपद स्तर पर भी कार्रवाई की है। तहसीलदार घुवारा, छतरपुर, नौगांव और नायब तहसीलदार भगवां, लुगासी एवं सरबई पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही, बक्सवाहा जनपद पंचायत के सीईओ पर भी 500 रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है। लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई की जद में बक्सवाहा जनपद पंचायत के गढ़ोही, निवार और मानकी के सचिव भी आए हैं, जिन पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आमजन के प्रकरणों का निराकरण तय समयसीमा के भीतर ही करें। लोक सेवा गारंटी योजना के तहत किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।