फर्जी केसीसी लोन और धान-भुगतान को लेकर किसानों में नाराजगी:बोले- शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, आंदोलन की चेतावनी भी दी

रामानुजगंज में किसानों ने धान बिक्री की बकाया राशि के भुगतान और कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन मामलों को खत्म करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामानुजगंज के माध्यम से भेजा गया। किसानों ने आरोप लगाया कि साल 2025-26 की धान बिक्री की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की रामानुजगंज और रामचंद्रपुर शाखाओं में जमा है। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन ने किसानों के खातों में भुगतान नहीं किया है। किसानों का कहना है कि बैंक अधिकारियों ने उनके नाम पर केसीसी लोन बकाया होने का हवाला देकर खातों को रोक दिया है। इसके कारण उन्हें धान बिक्री की राशि नहीं मिल पा रही है। समिति ने जारी किया लिखित प्रमाण-पत्र किसानों ने बताया कि संबंधित आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों ने उन्हें लिखित प्रमाण-पत्र दिए हैं। इनमें स्पष्ट उल्लेख है कि समिति स्तर से उन्हें किसी प्रकार का नकद या वस्तु ऋण नहीं दिया गया था। बिना जानकारी के स्वीकृत किए गए लोन का आरोप किसानों का आरोप है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर केसीसी लोन स्वीकृत किए गए। इतना ही नहीं, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से लोन राशि का आहरण भी कर लिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि केसीसी लोन स्वीकृत करने की एक तय प्रक्रिया होती है। इसके तहत पहले सहकारी समिति भूमि और पात्रता के आधार पर लोन प्रस्ताव तैयार कर बैंक को भेजती है। किसानों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना लोन स्वीकृत होना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़ित किसानों ने बताया कि वे इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। तत्काल भुगतान और जांच की मांग किसानों ने मांग की है कि धान बिक्री की रोकी गई राशि का जल्द भुगतान कराया जाए। साथ ही उनके नाम पर दर्ज कथित फर्जी केसीसी लोन मामलों की जांच कर उन्हें समाप्त किया जाए। आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन में किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 16 जून 2026 तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के किसान उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। किसान कांग्रेस के पदाधिकारी भी रहे मौजूद ज्ञापन सौंपने के दौरान विकास दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कार्रवाई की मांग की।

Jun 10, 2026 - 10:47
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फर्जी केसीसी लोन और धान-भुगतान को लेकर किसानों में नाराजगी:बोले- शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, आंदोलन की चेतावनी भी दी
रामानुजगंज में किसानों ने धान बिक्री की बकाया राशि के भुगतान और कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन मामलों को खत्म करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामानुजगंज के माध्यम से भेजा गया। किसानों ने आरोप लगाया कि साल 2025-26 की धान बिक्री की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की रामानुजगंज और रामचंद्रपुर शाखाओं में जमा है। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन ने किसानों के खातों में भुगतान नहीं किया है। किसानों का कहना है कि बैंक अधिकारियों ने उनके नाम पर केसीसी लोन बकाया होने का हवाला देकर खातों को रोक दिया है। इसके कारण उन्हें धान बिक्री की राशि नहीं मिल पा रही है। समिति ने जारी किया लिखित प्रमाण-पत्र किसानों ने बताया कि संबंधित आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों ने उन्हें लिखित प्रमाण-पत्र दिए हैं। इनमें स्पष्ट उल्लेख है कि समिति स्तर से उन्हें किसी प्रकार का नकद या वस्तु ऋण नहीं दिया गया था। बिना जानकारी के स्वीकृत किए गए लोन का आरोप किसानों का आरोप है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर केसीसी लोन स्वीकृत किए गए। इतना ही नहीं, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से लोन राशि का आहरण भी कर लिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि केसीसी लोन स्वीकृत करने की एक तय प्रक्रिया होती है। इसके तहत पहले सहकारी समिति भूमि और पात्रता के आधार पर लोन प्रस्ताव तैयार कर बैंक को भेजती है। किसानों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना लोन स्वीकृत होना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़ित किसानों ने बताया कि वे इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। तत्काल भुगतान और जांच की मांग किसानों ने मांग की है कि धान बिक्री की रोकी गई राशि का जल्द भुगतान कराया जाए। साथ ही उनके नाम पर दर्ज कथित फर्जी केसीसी लोन मामलों की जांच कर उन्हें समाप्त किया जाए। आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन में किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 16 जून 2026 तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के किसान उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। किसान कांग्रेस के पदाधिकारी भी रहे मौजूद ज्ञापन सौंपने के दौरान विकास दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कार्रवाई की मांग की।