राजनांदगांव में अवैध जैविक खाद फैक्ट्री पर छापा:2485 बोरी अवैध खाद जब्त,बिना लाइसेंस चल रही यूनिट सील,कृषि विभाग ने सैंपल लेकर शुरू की कार्रवाई
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के कातलवाही गांव में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध लाइसेंस संचालित 'किसानमित्र स्वास्तिक ऑर्गेनिक प्रा. लि.' की जैविक खाद निर्माण यूनिट पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 2485 बोरी अवैध खाद और अन्य सामग्री जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया। जिला कार्यालय से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर सहायक संचालक कृषि बीरेन्द्र कुमार अनंत की मौजूदगी में कृषि विभाग की टीम ने यूनिट का औचक निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि प्रोपराइटर जीवन लाल जंघेल बिना वैध प्रमाण पत्र, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) और आवश्यक दस्तावेजों के खाद निर्माण का कारोबार संचालित कर रहे थे। जांच में मिली कई अनियमितताएं निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि यूनिट में उत्पाद निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। वहीं खाद की बोरियों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, एमआरपी और अन्य अनिवार्य जानकारियां भी दर्ज नहीं थीं। विभाग के अनुसार यह उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 का उल्लंघन है। 2485 बोरी खाद और कच्चा माल जब्त कार्रवाई के दौरान विभाग ने प्रोम, बायोचार, प्रिज्म चैंपियन, पीवीसीएसजी-5, सुपर ग्रेड एफ-ह्यूमेट, ह्यूमिक एसिड, कम्पोस्ट पाउडर, रॉक फास्फेट, व्हाइट क्ले बेन्टोनाइट और कुबेर बायो प्रोम सहित कुल 2485 बोरी खाद और अन्य सामग्री जब्त की। परिसर सील, जांच के लिए लिए सैंपल कृषि विभाग ने पंचनामा तैयार कर यूनिट को सील कर दिया। जांच के लिए खाद के दो नमूने भी लिए गए हैं। आगे की कार्रवाई पूरी होने तक जब्त सामग्री प्रोपराइटर जीवन लाल जंघेल की सुपुर्दगी में रखी गई है। किसानों से ठगी रोकने के लिए अभियान जारी विभाग ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पंच के रूप में गौरव और हिमांशु मौजूद रहे। कृषि अधिकारियों ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए अवैध और अमानक खाद के निर्माण व बिक्री के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के कातलवाही गांव में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध लाइसेंस संचालित 'किसानमित्र स्वास्तिक ऑर्गेनिक प्रा. लि.' की जैविक खाद निर्माण यूनिट पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 2485 बोरी अवैध खाद और अन्य सामग्री जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया। जिला कार्यालय से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर सहायक संचालक कृषि बीरेन्द्र कुमार अनंत की मौजूदगी में कृषि विभाग की टीम ने यूनिट का औचक निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि प्रोपराइटर जीवन लाल जंघेल बिना वैध प्रमाण पत्र, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) और आवश्यक दस्तावेजों के खाद निर्माण का कारोबार संचालित कर रहे थे। जांच में मिली कई अनियमितताएं निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि यूनिट में उत्पाद निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। वहीं खाद की बोरियों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, एमआरपी और अन्य अनिवार्य जानकारियां भी दर्ज नहीं थीं। विभाग के अनुसार यह उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 का उल्लंघन है। 2485 बोरी खाद और कच्चा माल जब्त कार्रवाई के दौरान विभाग ने प्रोम, बायोचार, प्रिज्म चैंपियन, पीवीसीएसजी-5, सुपर ग्रेड एफ-ह्यूमेट, ह्यूमिक एसिड, कम्पोस्ट पाउडर, रॉक फास्फेट, व्हाइट क्ले बेन्टोनाइट और कुबेर बायो प्रोम सहित कुल 2485 बोरी खाद और अन्य सामग्री जब्त की। परिसर सील, जांच के लिए लिए सैंपल कृषि विभाग ने पंचनामा तैयार कर यूनिट को सील कर दिया। जांच के लिए खाद के दो नमूने भी लिए गए हैं। आगे की कार्रवाई पूरी होने तक जब्त सामग्री प्रोपराइटर जीवन लाल जंघेल की सुपुर्दगी में रखी गई है। किसानों से ठगी रोकने के लिए अभियान जारी विभाग ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पंच के रूप में गौरव और हिमांशु मौजूद रहे। कृषि अधिकारियों ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए अवैध और अमानक खाद के निर्माण व बिक्री के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।