आज साल का आखिरी चंद्र ग्रहण:रात 8:03 बजे शुरू होकर 11:22 बजे होगा खत्म, भारत में नहीं आएगा नजर

खगोलीय गणना के अनुसार इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण शुक्रवार, 28 अगस्त को होगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसकी शुरुआत रात 8:03 बजे होगी। ग्रहण की मध्य स्थिति रात 9:42 बजे और मोक्ष रात 11:22 बजे होगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त ने बताया कि 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन होने वाला यह इस वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण है। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 19 मिनट रहेगी। इसकी अधिकतम ग्रहण अवस्था का प्रतिशत 93.9 रहेगा। इस दौरान चंद्रमा आंशिक रूप से पृथ्वी की छाया में रहेगा। भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे अंटार्कटिका, अफ्रीका, यूरोप, एशिया तथा हिंद, अटलांटिक और प्रशांत महासागर के कुछ क्षेत्रों से देखा जा सकेगा। आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा पूरी तरह एक सीधी रेखा में नहीं होते। ऐसी स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा के केवल एक हिस्से पर पड़ती है और चंद्रमा का कुछ भाग ढका हुआ दिखाई देता है। भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चूंकि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। ग्रहण से जुड़ी धार्मिक औपचारिकताएं भी लागू नहीं होंगी। उनके अनुसार भारत में इस ग्रहण का कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा।

Aug 28, 2026 - 08:41
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आज साल का आखिरी चंद्र ग्रहण:रात 8:03 बजे शुरू होकर 11:22 बजे होगा खत्म, भारत में नहीं आएगा नजर
खगोलीय गणना के अनुसार इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण शुक्रवार, 28 अगस्त को होगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसकी शुरुआत रात 8:03 बजे होगी। ग्रहण की मध्य स्थिति रात 9:42 बजे और मोक्ष रात 11:22 बजे होगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त ने बताया कि 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन होने वाला यह इस वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण है। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 19 मिनट रहेगी। इसकी अधिकतम ग्रहण अवस्था का प्रतिशत 93.9 रहेगा। इस दौरान चंद्रमा आंशिक रूप से पृथ्वी की छाया में रहेगा। भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे अंटार्कटिका, अफ्रीका, यूरोप, एशिया तथा हिंद, अटलांटिक और प्रशांत महासागर के कुछ क्षेत्रों से देखा जा सकेगा। आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा पूरी तरह एक सीधी रेखा में नहीं होते। ऐसी स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा के केवल एक हिस्से पर पड़ती है और चंद्रमा का कुछ भाग ढका हुआ दिखाई देता है। भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चूंकि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। ग्रहण से जुड़ी धार्मिक औपचारिकताएं भी लागू नहीं होंगी। उनके अनुसार भारत में इस ग्रहण का कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा।