बैतूल में अनोखा रक्षाबंधन:1000 से ज्यादा महिलाओं ने ‘केंडू बाबा’ को बांधी राखी, मुस्लिम बहनों ने भी दिया भाई का दर्जा
बैतूल में रक्षाबंधन के अवसर पर बैतूल में भाई-बहन के रिश्ते और सामाजिक सद्भाव की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। यहां एक हजार से अधिक महिलाओं ने समाजसेवी राजेंद्र सिंह चौहान उर्फ ‘केंडू बाबा’ को अपना भाई मानकर राखी बांधी। अटल सेना की ओर से आयोजित यह रक्षाबंधन उत्सव इस वर्ष 27वें वर्ष में पहुंच गया है। ढोल-मंजीरों के साथ निकली शोभायात्रा कार्यक्रम गुरुवार को गंज स्थित राधा-कृष्ण धर्मशाला में आयोजित किया गया। इस दौरान महिलाओं ने ढोल-मंजीरों के साथ मंगल गीत गाए। राखियों से सजी झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य भी किया। शोभायात्रा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद विधि-विधान से पूजन किया गया। सबसे पहले भगवान शिव को राखी अर्पित की गई। इसके बाद महिलाओं ने राजेंद्र सिंह चौहान को राखियां बांधकर उन्हें अपना भाई माना। कई सालों से निभा रहे हैं परंपरा राजेंद्र सिंह चौहान शहर में पान का व्यवसाय करते हैं। वे पिछले कई वर्षों से रक्षाबंधन के अवसर पर शहर के अलग-अलग वार्डों में जाकर महिलाओं से राखी बंधवाने की परंपरा निभा रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि ‘केंडू बाबा’ उनके सुख-दुख और समस्याओं में हमेशा साथ खड़े रहते हैं, जिसके चलते यह रिश्ता लगातार मजबूत हुआ है। मुस्लिम महिलाएं भी बांधती हैं राखी इस आयोजन की खास बात यह है कि मुस्लिम महिलाएं भी ‘केंडू बाबा’ को राखी बांधती हैं। इससे कार्यक्रम में सामाजिक एकजुटता और सद्भाव का संदेश देखने को मिला। अलग-अलग आयु वर्ग की एक हजार से अधिक महिलाओं के शामिल होने का दावा किया गया। कार्यक्रम में शामिल सरिता पाल और निर्मला झाड़े ने बताया कि ‘केंडू बाबा’ उनके लिए सगे भाई से भी बढ़कर हैं। जरूरत पड़ने पर वे महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा आगे रहते हैं। पानी, सफाई और पेंशन जैसी समस्याओं में करते हैं मदद महिलाएं क्षेत्र में पानी, सफाई, पेंशन और अन्य जनसमस्याओं को लेकर ‘केंडू बाबा’ से मदद मांगती हैं। वे जरूरत पड़ने पर अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाने, आवेदन करवाने और आंदोलनों में भी महिलाओं का साथ देने का काम करते हैं। इस बार बहनों को मिला हैंड बैग रक्षाबंधन पर हर साल इस आयोजन के जरिए अलग सामाजिक संदेश देने की परंपरा रही है। इस वर्ष महिलाओं को भाई की ओर से उपहार के रूप में हैंड बैग दिए गए। कार्यक्रम ने भाई-बहन के रिश्ते के साथ सामाजिक एकजुटता और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश की। देखे तस्वीरें:-
बैतूल में रक्षाबंधन के अवसर पर बैतूल में भाई-बहन के रिश्ते और सामाजिक सद्भाव की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। यहां एक हजार से अधिक महिलाओं ने समाजसेवी राजेंद्र सिंह चौहान उर्फ ‘केंडू बाबा’ को अपना भाई मानकर राखी बांधी। अटल सेना की ओर से आयोजित यह रक्षाबंधन उत्सव इस वर्ष 27वें वर्ष में पहुंच गया है। ढोल-मंजीरों के साथ निकली शोभायात्रा कार्यक्रम गुरुवार को गंज स्थित राधा-कृष्ण धर्मशाला में आयोजित किया गया। इस दौरान महिलाओं ने ढोल-मंजीरों के साथ मंगल गीत गाए। राखियों से सजी झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य भी किया। शोभायात्रा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद विधि-विधान से पूजन किया गया। सबसे पहले भगवान शिव को राखी अर्पित की गई। इसके बाद महिलाओं ने राजेंद्र सिंह चौहान को राखियां बांधकर उन्हें अपना भाई माना। कई सालों से निभा रहे हैं परंपरा राजेंद्र सिंह चौहान शहर में पान का व्यवसाय करते हैं। वे पिछले कई वर्षों से रक्षाबंधन के अवसर पर शहर के अलग-अलग वार्डों में जाकर महिलाओं से राखी बंधवाने की परंपरा निभा रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि ‘केंडू बाबा’ उनके सुख-दुख और समस्याओं में हमेशा साथ खड़े रहते हैं, जिसके चलते यह रिश्ता लगातार मजबूत हुआ है। मुस्लिम महिलाएं भी बांधती हैं राखी इस आयोजन की खास बात यह है कि मुस्लिम महिलाएं भी ‘केंडू बाबा’ को राखी बांधती हैं। इससे कार्यक्रम में सामाजिक एकजुटता और सद्भाव का संदेश देखने को मिला। अलग-अलग आयु वर्ग की एक हजार से अधिक महिलाओं के शामिल होने का दावा किया गया। कार्यक्रम में शामिल सरिता पाल और निर्मला झाड़े ने बताया कि ‘केंडू बाबा’ उनके लिए सगे भाई से भी बढ़कर हैं। जरूरत पड़ने पर वे महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा आगे रहते हैं। पानी, सफाई और पेंशन जैसी समस्याओं में करते हैं मदद महिलाएं क्षेत्र में पानी, सफाई, पेंशन और अन्य जनसमस्याओं को लेकर ‘केंडू बाबा’ से मदद मांगती हैं। वे जरूरत पड़ने पर अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाने, आवेदन करवाने और आंदोलनों में भी महिलाओं का साथ देने का काम करते हैं। इस बार बहनों को मिला हैंड बैग रक्षाबंधन पर हर साल इस आयोजन के जरिए अलग सामाजिक संदेश देने की परंपरा रही है। इस वर्ष महिलाओं को भाई की ओर से उपहार के रूप में हैंड बैग दिए गए। कार्यक्रम ने भाई-बहन के रिश्ते के साथ सामाजिक एकजुटता और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश की। देखे तस्वीरें:-