डॉ. मनीषा श्रीवास्तव बनीं BMHRC की पूर्णकालिक निदेशक:3 साल से संभाल रहीं थीं प्रभारी निदेशक की जिम्मेदारी

भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) को अब पूर्णकालिक निदेशक मिल गया है। डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बुधवार को संस्थान के निदेशक का कार्यभार संभाल लिया। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने 7 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया। डॉ. मनीषा श्रीवास्तव पिछले करीब तीन वर्षों से बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक के रूप में संस्थान की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब पूर्णकालिक निदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद संस्थान में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ रिसर्च गतिविधियों को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता निदेशक की जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. श्रीवास्तव ने आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बीएमएचआरसी आने वाले मरीज हमेशा उनकी प्राथमिकता में रहेंगे। प्रयास रहेगा कि प्रत्येक मरीज को अस्पताल में बेहतर और उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं मिलें और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। लैब से मरीज तक पहुंचे रिसर्च डॉ. श्रीवास्तव ने संस्थान में अनुसंधान गतिविधियों को और मजबूत और व्यापक बनाने की बात कही। उनका जोर ऐसे शोध पर रहेगा, जिनके परिणाम केवल लैब या अकादमिक स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि उनका उपयोग मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में हो। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि अस्पताल में होने वाले शोध को समुदाय की जरूरतों से जोड़कर ऐसे मॉडल विकसित करने पर जोर रहेगा, जिनका बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में इस्तेमाल किया जा सके। मरीजों की जरूरत, क्लिनिकल अनुभव और वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शोध को वास्तविक स्वास्थ्य लाभ में बदलना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

Oct 7, 2026 - 21:36
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डॉ. मनीषा श्रीवास्तव बनीं BMHRC की पूर्णकालिक निदेशक:3 साल से संभाल रहीं थीं प्रभारी निदेशक की जिम्मेदारी
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) को अब पूर्णकालिक निदेशक मिल गया है। डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बुधवार को संस्थान के निदेशक का कार्यभार संभाल लिया। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने 7 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया। डॉ. मनीषा श्रीवास्तव पिछले करीब तीन वर्षों से बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक के रूप में संस्थान की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब पूर्णकालिक निदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद संस्थान में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ रिसर्च गतिविधियों को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता निदेशक की जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. श्रीवास्तव ने आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बीएमएचआरसी आने वाले मरीज हमेशा उनकी प्राथमिकता में रहेंगे। प्रयास रहेगा कि प्रत्येक मरीज को अस्पताल में बेहतर और उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं मिलें और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। लैब से मरीज तक पहुंचे रिसर्च डॉ. श्रीवास्तव ने संस्थान में अनुसंधान गतिविधियों को और मजबूत और व्यापक बनाने की बात कही। उनका जोर ऐसे शोध पर रहेगा, जिनके परिणाम केवल लैब या अकादमिक स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि उनका उपयोग मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में हो। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि अस्पताल में होने वाले शोध को समुदाय की जरूरतों से जोड़कर ऐसे मॉडल विकसित करने पर जोर रहेगा, जिनका बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में इस्तेमाल किया जा सके। मरीजों की जरूरत, क्लिनिकल अनुभव और वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शोध को वास्तविक स्वास्थ्य लाभ में बदलना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।