चिता आंदोलन 31वां दिन, अमित भटनागर का अनशन:मुआवजे और पुनर्वास की मांग; बाेले- आंदोलन में गिरफ्तार 4 सहयोगियों की रिहाई हो

पन्ना के वनहरी कला टपरियन में केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय और रूंझ बांध व ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन से प्रभावित किसानों का चिता आंदोलन सोमवार को 31वें दिन भी जारी रहा। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर का आमरण अनशन भी 16वें दिन जारी है। आंदोलनकारी प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजे और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। मुआवजे और पुनर्वास की मांग आंदोलनकारियों की मांग है कि विकास परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनका सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि जब तक ये मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी परिवार को बेदखल नहीं किया जाना चाहिए। अमित भटनागर की सेहत गिरने का दावा संगठन के मुताबिक, लगातार आमरण अनशन के कारण अमित भटनागर का स्वास्थ्य गिर रहा है। आंदोलन के जरिए प्रभावित परिवारों की मांगों को उठाया जा रहा है। जेल में बंद 4 सहयोगियों की रिहाई की मांग संगठन आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए दिव्या अहिरवार, हिसाबी राजपूत, इंद्रपाल आदिवासी और कमलेश प्रजापति की रिहाई की मांग कर रहा है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले ग्रामीणों को जेल भेजना गलत है।

Oct 12, 2026 - 18:06
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चिता आंदोलन 31वां दिन, अमित भटनागर का अनशन:मुआवजे और पुनर्वास की मांग; बाेले- आंदोलन में गिरफ्तार 4 सहयोगियों की रिहाई हो
पन्ना के वनहरी कला टपरियन में केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय और रूंझ बांध व ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन से प्रभावित किसानों का चिता आंदोलन सोमवार को 31वें दिन भी जारी रहा। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर का आमरण अनशन भी 16वें दिन जारी है। आंदोलनकारी प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजे और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। मुआवजे और पुनर्वास की मांग आंदोलनकारियों की मांग है कि विकास परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनका सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि जब तक ये मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी परिवार को बेदखल नहीं किया जाना चाहिए। अमित भटनागर की सेहत गिरने का दावा संगठन के मुताबिक, लगातार आमरण अनशन के कारण अमित भटनागर का स्वास्थ्य गिर रहा है। आंदोलन के जरिए प्रभावित परिवारों की मांगों को उठाया जा रहा है। जेल में बंद 4 सहयोगियों की रिहाई की मांग संगठन आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए दिव्या अहिरवार, हिसाबी राजपूत, इंद्रपाल आदिवासी और कमलेश प्रजापति की रिहाई की मांग कर रहा है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले ग्रामीणों को जेल भेजना गलत है।