धार के स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद:ग्रामीणों ने मीटर निकालकर दफ्तर में सौंपे; AE की चेतावनी- वापस लगवा लें, वरना होगी कार्रवाई

धार जिले के लेबड़ में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार को रहवासियों ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर विद्युत मंडल घाटाबिल्लौद और पुलिस चौकी घाटाबिल्लौद में आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने घरों से स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने साधारण मीटर लगाने की मांग की। उनका कहना है कि उनकी सहमति के बिना घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि एक गरीब परिवार महीने में करीब पांच हजार रुपए कमाता है। ऐसे में हजारों रुपए का बिजली बिल आने पर परिवार घर का खर्च कैसे चलाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी समस्याएं कौन सुनेगा और शिकायतों का समाधान कब होगा। रहवासियों के अनुसार, वे स्मार्ट मीटर निकालकर विद्युत कार्यालय में जमा कर चुके हैं। एई सतीश जाटव ने कही कार्रवाई की बात घाटाबिल्लौद के एई सतीश जाटव ने कहा कि जिन लोगों ने भी स्मार्ट मीटर निकाले हैं, वे उन्हें वापस लगवा लें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार, विभाग को ऊपर से मीटर लगाने के आदेश मिले थे। उन्होंने कहा कि जनता कुछ भी कहती है, लेकिन उनके हाथ में कुछ नहीं है। उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत आगे के अधिकारियों के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सीधे बिजली का उपयोग करेंगे, उनके चालान बनाए जाएंगे। लाइनमैन के व्यवहार पर भी जताई नाराजगी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लाइनमैन बिना पूछे घरों के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग उनकी शिकायतें सुनने के बजाय कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है। रहवासियों ने स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा कर्मचारियों के कथित व्यवहार की जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे। उनका सवाल है कि गरीब परिवारों की परेशानी सुनने और उनका समाधान करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

Oct 12, 2026 - 18:06
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धार के स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद:ग्रामीणों ने मीटर निकालकर दफ्तर में सौंपे; AE की चेतावनी- वापस लगवा लें, वरना होगी कार्रवाई
धार जिले के लेबड़ में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार को रहवासियों ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर विद्युत मंडल घाटाबिल्लौद और पुलिस चौकी घाटाबिल्लौद में आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने घरों से स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने साधारण मीटर लगाने की मांग की। उनका कहना है कि उनकी सहमति के बिना घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि एक गरीब परिवार महीने में करीब पांच हजार रुपए कमाता है। ऐसे में हजारों रुपए का बिजली बिल आने पर परिवार घर का खर्च कैसे चलाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी समस्याएं कौन सुनेगा और शिकायतों का समाधान कब होगा। रहवासियों के अनुसार, वे स्मार्ट मीटर निकालकर विद्युत कार्यालय में जमा कर चुके हैं। एई सतीश जाटव ने कही कार्रवाई की बात घाटाबिल्लौद के एई सतीश जाटव ने कहा कि जिन लोगों ने भी स्मार्ट मीटर निकाले हैं, वे उन्हें वापस लगवा लें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार, विभाग को ऊपर से मीटर लगाने के आदेश मिले थे। उन्होंने कहा कि जनता कुछ भी कहती है, लेकिन उनके हाथ में कुछ नहीं है। उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत आगे के अधिकारियों के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सीधे बिजली का उपयोग करेंगे, उनके चालान बनाए जाएंगे। लाइनमैन के व्यवहार पर भी जताई नाराजगी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लाइनमैन बिना पूछे घरों के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग उनकी शिकायतें सुनने के बजाय कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है। रहवासियों ने स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा कर्मचारियों के कथित व्यवहार की जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे। उनका सवाल है कि गरीब परिवारों की परेशानी सुनने और उनका समाधान करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।