अम्बा माई मंदिर विवाद में प्रशासन का दखल:तहसीलदार प्रशासक बने, 18 सदस्यीय समिति में दोनों पक्षों के सदस्य

बैतूल की आठनेर जनपद के वन ग्राम पाट स्थित श्री अंबा माई देवी मंदिर के प्रबंधन को लेकर ग्राम पंचायत मानी और वन ग्राम पाट के ग्रामीणों के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने व्यवस्था अपने हाथ में ली है। नवरात्रि तक मंदिर की जिम्मेदारी तहसीलदार आठनेर को प्रशासक बनाकर सौंपी गई है। साथ ही दोनों पक्षों के सदस्यों को शामिल करते हुए 18 सदस्यीय संयुक्त समिति बनाई गई है। विवाद मंदिर के प्रबंधन, आय-व्यय और समिति गठन को लेकर है। नवरात्रि के बाद दोबारा बैठक कर नई समिति के गठन पर निर्णय लिया जाएगा। समिति के गठन पर नहीं बनी सहमति मंदिर प्रबंधन को लेकर दोनों गांवों के ग्रामीणों के बीच मतभेद सामने आए थे। वन ग्राम पाट की ग्रामसभा में 20 सदस्यीय समिति बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन समिति को मंदिर का प्रभार नहीं सौंपा गया। इसके बाद मानी गांव के लोगों ने कलेक्टर से शिकायत की। एसडीएम भैंसदेही अजीत मरावी के मुताबिक, समिति के सदस्यों के बीच आपसी सहमति नहीं बन पा रही थी। इसी कारण प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। फिलहाल दोनों पक्षों को शामिल कर संयुक्त समिति बनाई गई है, जो प्रशासक के साथ मंदिर की व्यवस्था संभालेगी। नवरात्रि तक श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर रहेगा ध्यान प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, पेयजल, छाया और विश्राम की सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। मंदिर परिसर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। समिति को मंदिर की आय-व्यय व्यवस्था पर निगरानी रखनी होगी। नवरात्रि के बाद होगा आगे का फैसला महाराष्ट्र सीमा पर स्थित इस मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। फिलहाल नवरात्रि तक प्रशासक और संयुक्त समिति मंदिर की व्यवस्था संभालेंगे। इसके बाद होने वाली बैठक में समिति के नए गठन और प्रबंधन को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

Oct 12, 2026 - 18:06
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अम्बा माई मंदिर विवाद में प्रशासन का दखल:तहसीलदार प्रशासक बने, 18 सदस्यीय समिति में दोनों पक्षों के सदस्य
बैतूल की आठनेर जनपद के वन ग्राम पाट स्थित श्री अंबा माई देवी मंदिर के प्रबंधन को लेकर ग्राम पंचायत मानी और वन ग्राम पाट के ग्रामीणों के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने व्यवस्था अपने हाथ में ली है। नवरात्रि तक मंदिर की जिम्मेदारी तहसीलदार आठनेर को प्रशासक बनाकर सौंपी गई है। साथ ही दोनों पक्षों के सदस्यों को शामिल करते हुए 18 सदस्यीय संयुक्त समिति बनाई गई है। विवाद मंदिर के प्रबंधन, आय-व्यय और समिति गठन को लेकर है। नवरात्रि के बाद दोबारा बैठक कर नई समिति के गठन पर निर्णय लिया जाएगा। समिति के गठन पर नहीं बनी सहमति मंदिर प्रबंधन को लेकर दोनों गांवों के ग्रामीणों के बीच मतभेद सामने आए थे। वन ग्राम पाट की ग्रामसभा में 20 सदस्यीय समिति बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन समिति को मंदिर का प्रभार नहीं सौंपा गया। इसके बाद मानी गांव के लोगों ने कलेक्टर से शिकायत की। एसडीएम भैंसदेही अजीत मरावी के मुताबिक, समिति के सदस्यों के बीच आपसी सहमति नहीं बन पा रही थी। इसी कारण प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। फिलहाल दोनों पक्षों को शामिल कर संयुक्त समिति बनाई गई है, जो प्रशासक के साथ मंदिर की व्यवस्था संभालेगी। नवरात्रि तक श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर रहेगा ध्यान प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, पेयजल, छाया और विश्राम की सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। मंदिर परिसर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। समिति को मंदिर की आय-व्यय व्यवस्था पर निगरानी रखनी होगी। नवरात्रि के बाद होगा आगे का फैसला महाराष्ट्र सीमा पर स्थित इस मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। फिलहाल नवरात्रि तक प्रशासक और संयुक्त समिति मंदिर की व्यवस्था संभालेंगे। इसके बाद होने वाली बैठक में समिति के नए गठन और प्रबंधन को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।