वक्फ बोर्ड भरेगा 289 यतीम बच्चों की स्कूल फीस:बोर्ड की संपत्ति से होने वाली सालाना 21.60 लाख रुपए की आय से मिलेगी छात्रवृत्ति
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड भोपाल में रहने वाले 289 अनाथ बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए उनकी स्कूल फीस जमा कराएगा। बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने बताया कि इन बच्चों के पिता नहीं हैं और आर्थिक परेशानी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए बोर्ड ने यह पहल की है। इसके लिए भोपाल स्थित वक्फ इदारा यतीमखाना शाहजहांनी की एक संपत्ति से होने वाली सालाना 21 लाख 60 हजार रुपए की आय का उपयोग किया जाएगा। पटेल के मुताबिक, बोर्ड अपनी ‘पढ़ो-पढ़ाओ, मुल्क की तरक्की और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो’ योजना के तहत अब तक एक करोड़ रुपए से अधिक की फीस जमा करा चुका है। सनवर पटेल ने बताया कि फीस जमा कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी गई है। यतीमखाने की संपत्ति से मिलने वाली आय का इस्तेमाल वाकिफ की मंशा के अनुरूप अनाथ बच्चों की शिक्षा के लिए किया जा रहा है। बोर्ड का उद्देश्य आर्थिक परेशानी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई बीच में नहीं छूटने देना है। पटेल ने इसे नए वक्फ कानून के बाद शुरू हुआ एक नवाचार बताते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों की आय का इस्तेमाल जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए कानून के बाद वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग की आशंका जताने वालों को इस पहल को देखना चाहिए। बोर्ड का दावा है कि शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देकर बच्चों को ड्रॉपआउट होने से रोकने की दिशा में काम किया जा रहा है। कब्रों को नुकसान पहुंचाए बिना हो मेट्रो का काम: सनवर पटेल भोपाल में मेट्रो निर्माण के दौरान कब्रिस्तान और वक्फ की जमीन से जुड़े विवाद पर सनवर पटेल ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन धार्मिक आस्थाओं का सम्मान भी किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मेट्रो से जुड़े अधिकारियों से बातचीत की गई है और उनसे आग्रह किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान कब्रों को नुकसान न पहुंचे। पटेल ने कहा, मेट्रो भी जरूरी है और विकास भी, लेकिन किसी की धार्मिक आस्था नहीं टूटनी चाहिए। हमारी कब्रें भी सुरक्षित रहें और विकास का काम भी आगे बढ़े। कब्रों को बचाते हुए निर्माण कार्य किया जा सकता है। मेट्रो निर्माण के लिए वक्फ की जमीन के इस्तेमाल और कब्रिस्तान से जुड़े मामले में बोर्ड की ओर से बातचीत जारी है। पटेल ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर ‘फटकार’ जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन धार्मिक स्थलों और कब्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड भोपाल में रहने वाले 289 अनाथ बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए उनकी स्कूल फीस जमा कराएगा। बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने बताया कि इन बच्चों के पिता नहीं हैं और आर्थिक परेशानी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए बोर्ड ने यह पहल की है। इसके लिए भोपाल स्थित वक्फ इदारा यतीमखाना शाहजहांनी की एक संपत्ति से होने वाली सालाना 21 लाख 60 हजार रुपए की आय का उपयोग किया जाएगा। पटेल के मुताबिक, बोर्ड अपनी ‘पढ़ो-पढ़ाओ, मुल्क की तरक्की और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो’ योजना के तहत अब तक एक करोड़ रुपए से अधिक की फीस जमा करा चुका है। सनवर पटेल ने बताया कि फीस जमा कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी गई है। यतीमखाने की संपत्ति से मिलने वाली आय का इस्तेमाल वाकिफ की मंशा के अनुरूप अनाथ बच्चों की शिक्षा के लिए किया जा रहा है। बोर्ड का उद्देश्य आर्थिक परेशानी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई बीच में नहीं छूटने देना है। पटेल ने इसे नए वक्फ कानून के बाद शुरू हुआ एक नवाचार बताते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों की आय का इस्तेमाल जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए कानून के बाद वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग की आशंका जताने वालों को इस पहल को देखना चाहिए। बोर्ड का दावा है कि शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देकर बच्चों को ड्रॉपआउट होने से रोकने की दिशा में काम किया जा रहा है। कब्रों को नुकसान पहुंचाए बिना हो मेट्रो का काम: सनवर पटेल भोपाल में मेट्रो निर्माण के दौरान कब्रिस्तान और वक्फ की जमीन से जुड़े विवाद पर सनवर पटेल ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन धार्मिक आस्थाओं का सम्मान भी किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मेट्रो से जुड़े अधिकारियों से बातचीत की गई है और उनसे आग्रह किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान कब्रों को नुकसान न पहुंचे। पटेल ने कहा, मेट्रो भी जरूरी है और विकास भी, लेकिन किसी की धार्मिक आस्था नहीं टूटनी चाहिए। हमारी कब्रें भी सुरक्षित रहें और विकास का काम भी आगे बढ़े। कब्रों को बचाते हुए निर्माण कार्य किया जा सकता है। मेट्रो निर्माण के लिए वक्फ की जमीन के इस्तेमाल और कब्रिस्तान से जुड़े मामले में बोर्ड की ओर से बातचीत जारी है। पटेल ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर ‘फटकार’ जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन धार्मिक स्थलों और कब्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।