डस्टबिन में मिले भ्रूण की DNA जांच होगी:सतना अस्पताल की डस्टबिन में मिला था, संदिग्ध महिला का सैंपल लिया

सतना जिला अस्पताल की डस्टबिन में मिले 7 माह के भ्रूण की पहचान के लिए DNA जांच कराई जाएगी। शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती एक संदिग्ध महिला की सहमति से उसका ब्लड सैंपल लिया गया। पोस्टमार्टम के दौरान भ्रूण की जांघ की हड्डी (फीमर बोन) का नमूना भी सुरक्षित किया गया है। दोनों नमूने जांच के लिए भोपाल की फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे। इससे पता चलेगा कि भ्रूण महिला का है या नहीं। मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतीश शुक्ला ने पोस्टमार्टम के दौरान भ्रूण की फीमर बोन का नमूना लिया। सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना देने के बाद यह प्रक्रिया पूरी की गई। पोस्टमार्टम के बाद नगर निगम की मदद से भ्रूण को दफना दिया गया। प्रसव और गर्भपात की जानकारी में अंतर से बढ़ा संदेह पन्ना जिले के सलेहा की रहने वाली महिला को गर्भपात की शिकायत के बाद देर रात सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने डॉक्टरों को बताया था कि गर्भ तीन महीने का था और गर्भपात हुआ है। डॉक्टरों ने गर्भाशय में फंसी नाल निकाली तो भ्रूण की अवधि करीब 7 महीने होने का संदेह हुआ। बताया जा रहा है कि महिला का प्रसव कहीं और हुआ था और वह जिला अस्पताल में केवल नाल कटवाने के लिए भर्ती हुई थी। इसी वजह से उस पर संदेह हुआ। पूछताछ में महिला ने डस्टबिन में मिले भ्रूण को अपना होने से इनकार किया है। पति ने मांगी छुट्टी, अस्पताल ने नहीं किया डिस्चार्ज संदिग्ध महिला फिलहाल जिला अस्पताल के पोस्टनेटल केयर (पीएनसी) वार्ड में भर्ती है। उसके पति ने अस्पताल प्रबंधन से उसे डिस्चार्ज करने की मांग की, लेकिन फिलहाल उसे छुट्टी नहीं दी गई है। रात डेढ़ बजे डस्टबिन में फेंका गया था भ्रूण अस्पताल की डस्टबिन में रात करीब डेढ़ बजे 1.7 किलो वजन का भ्रूण फेंका गया था। सुबह सफाई के दौरान भ्रूण मिलने पर अस्पताल प्रबंधन ने CCTV फुटेज देखे। इनमें एक संदिग्ध महिला दिखाई दी। अब महिला के ब्लड सैंपल और भ्रूण की हड्डी के नमूने की DNA जांच से मामले की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

Nov 7, 2026 - 07:49
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डस्टबिन में मिले भ्रूण की DNA जांच होगी:सतना अस्पताल की डस्टबिन में मिला था, संदिग्ध महिला का सैंपल लिया
सतना जिला अस्पताल की डस्टबिन में मिले 7 माह के भ्रूण की पहचान के लिए DNA जांच कराई जाएगी। शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती एक संदिग्ध महिला की सहमति से उसका ब्लड सैंपल लिया गया। पोस्टमार्टम के दौरान भ्रूण की जांघ की हड्डी (फीमर बोन) का नमूना भी सुरक्षित किया गया है। दोनों नमूने जांच के लिए भोपाल की फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे। इससे पता चलेगा कि भ्रूण महिला का है या नहीं। मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतीश शुक्ला ने पोस्टमार्टम के दौरान भ्रूण की फीमर बोन का नमूना लिया। सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना देने के बाद यह प्रक्रिया पूरी की गई। पोस्टमार्टम के बाद नगर निगम की मदद से भ्रूण को दफना दिया गया। प्रसव और गर्भपात की जानकारी में अंतर से बढ़ा संदेह पन्ना जिले के सलेहा की रहने वाली महिला को गर्भपात की शिकायत के बाद देर रात सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने डॉक्टरों को बताया था कि गर्भ तीन महीने का था और गर्भपात हुआ है। डॉक्टरों ने गर्भाशय में फंसी नाल निकाली तो भ्रूण की अवधि करीब 7 महीने होने का संदेह हुआ। बताया जा रहा है कि महिला का प्रसव कहीं और हुआ था और वह जिला अस्पताल में केवल नाल कटवाने के लिए भर्ती हुई थी। इसी वजह से उस पर संदेह हुआ। पूछताछ में महिला ने डस्टबिन में मिले भ्रूण को अपना होने से इनकार किया है। पति ने मांगी छुट्टी, अस्पताल ने नहीं किया डिस्चार्ज संदिग्ध महिला फिलहाल जिला अस्पताल के पोस्टनेटल केयर (पीएनसी) वार्ड में भर्ती है। उसके पति ने अस्पताल प्रबंधन से उसे डिस्चार्ज करने की मांग की, लेकिन फिलहाल उसे छुट्टी नहीं दी गई है। रात डेढ़ बजे डस्टबिन में फेंका गया था भ्रूण अस्पताल की डस्टबिन में रात करीब डेढ़ बजे 1.7 किलो वजन का भ्रूण फेंका गया था। सुबह सफाई के दौरान भ्रूण मिलने पर अस्पताल प्रबंधन ने CCTV फुटेज देखे। इनमें एक संदिग्ध महिला दिखाई दी। अब महिला के ब्लड सैंपल और भ्रूण की हड्डी के नमूने की DNA जांच से मामले की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।