डिंडोरी में खून की कमी से हॉस्टल छात्रा की मौत:तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर ने रेफर किया, परिजन बोले- पैसे नहीं, लिखित देकर घर ले गए
डिंडोरी के मेहदवानी विकासखंड के कन्या मॉडल हॉस्टल में रहने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा की सोमवार देर रात मौत हो गई। छात्रा को तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे मंडला रेफर किया गया। मंडला जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही छात्रा ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। जनपद अध्यक्ष ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कैसे बिगड़ी तबीयत? हॉस्टल अधीक्षिका मिथलेश परस्ते ने बताया कि मृतक छात्रा किसनिया नंदा (14) ने इसी साल 9वीं कक्षा में प्रवेश लिया था। रक्षा बंधन के बाद वह हॉस्टल में लौटी थी। सोमवार दोपहर उसकी अचानक तबीयत बिगड़ी, तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उसके साथ चार छात्राएं भी गईं और दवा लेकर लौट आईं। अधीक्षिका ने बताया कि छात्रा को खून की कमी थी, इसलिए उसे भर्ती किया गया। परिजनों को फोन पर सूचना दे दी गई थी। डॉक्टर आरएस परस्ते ने बताया कि छात्रा को बुखार और झटके आ रहे थे, साथ ही शरीर में खून की काफी कमी थी। उसे अच्छे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई लेकिन छात्रा के माता-पिता ने पैसे की कमी बताते हुए उसे घर ले जाने की जिद की। इस पर उनसे लिखित में बयान लिया गया कि अगर कुछ होता है तो वे खुद जिम्मेदार होंगे। घर ले जाने के बाद क्या हुआ? शाम करीब 5 बजे परिजन छात्रा को गांव तेंदू डीह ले गए, लेकिन तबीयत और बिगड़ गई। फिर उसे वापस अस्पताल लाया गया। मंडला जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जनपद अध्यक्ष का आरोप घटना के बाद जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम ने सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार की बेटियां हॉस्टल में पढ़ने आती हैं। ऐसे में प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि उनकी देखभाल करें। अगर छात्रा की तबीयत खराब थी, तो अधीक्षिका को खुद उसे अस्पताल ले जाना चाहिए था, न कि किसी के साथ भेज देना चाहिए। परिजनों की मांग पर छात्रा का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
डिंडोरी के मेहदवानी विकासखंड के कन्या मॉडल हॉस्टल में रहने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा की सोमवार देर रात मौत हो गई। छात्रा को तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे मंडला रेफर किया गया। मंडला जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही छात्रा ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। जनपद अध्यक्ष ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कैसे बिगड़ी तबीयत? हॉस्टल अधीक्षिका मिथलेश परस्ते ने बताया कि मृतक छात्रा किसनिया नंदा (14) ने इसी साल 9वीं कक्षा में प्रवेश लिया था। रक्षा बंधन के बाद वह हॉस्टल में लौटी थी। सोमवार दोपहर उसकी अचानक तबीयत बिगड़ी, तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उसके साथ चार छात्राएं भी गईं और दवा लेकर लौट आईं। अधीक्षिका ने बताया कि छात्रा को खून की कमी थी, इसलिए उसे भर्ती किया गया। परिजनों को फोन पर सूचना दे दी गई थी। डॉक्टर आरएस परस्ते ने बताया कि छात्रा को बुखार और झटके आ रहे थे, साथ ही शरीर में खून की काफी कमी थी। उसे अच्छे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई लेकिन छात्रा के माता-पिता ने पैसे की कमी बताते हुए उसे घर ले जाने की जिद की। इस पर उनसे लिखित में बयान लिया गया कि अगर कुछ होता है तो वे खुद जिम्मेदार होंगे। घर ले जाने के बाद क्या हुआ? शाम करीब 5 बजे परिजन छात्रा को गांव तेंदू डीह ले गए, लेकिन तबीयत और बिगड़ गई। फिर उसे वापस अस्पताल लाया गया। मंडला जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जनपद अध्यक्ष का आरोप घटना के बाद जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम ने सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार की बेटियां हॉस्टल में पढ़ने आती हैं। ऐसे में प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि उनकी देखभाल करें। अगर छात्रा की तबीयत खराब थी, तो अधीक्षिका को खुद उसे अस्पताल ले जाना चाहिए था, न कि किसी के साथ भेज देना चाहिए। परिजनों की मांग पर छात्रा का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।