मंदसौर जिले में स्क्रब टायफस के 60 मरीज मिले:पिस्सुओं के काटने से फैलती है बीमारी, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

मंदसौर जिले में स्क्रब टायफस बीमारी तेजी से फैल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक जिलेभर में 60 मरीज सामने आ चुके हैं। जिला चिकित्सालय में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की हिदायत दी है। गांवों से भी लगातार आ रहे मरीज मंदसौर शहर के अलावा सुवासरा, लसूड़िया, तितरोद, आक्याबिका, कचनारा और हरिपुरा जैसे ग्रामीण इलाकों से भी मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। हर दिन सैकड़ों लोग बुखार और संक्रमण की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। पिस्सुओं के काटने से फैलती है बीमारी स्क्रब टायफस पिस्सुओं के काटने से फैलती है। ये पिस्सू चूहों पर रहते हैं और घरों में पहुंचकर इंसानों को काट लेते हैं। इनके काटने से रिक्टिशिया सुसुगामुशी नामक जीवाणु शरीर में पहुंच जाता है, जो खून में फैलकर दिमाग और फेफड़ों में संक्रमण पैदा करता है। 2017 में पहली बार मिला था केस मंदसौर जिले में स्क्रब टायफस पहली बार साल 2017 में मिला था। तब से हर साल मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि अब तक इस बीमारी से किसी की मौत नहीं हुई है। लक्षण और सावधानियां डॉ. शुभम सिलावट ने बताया कि स्क्रब टायफस के लक्षण बुखार, सर्दी, खांसी और हाथ-पैर में दर्द हैं। जैसे ही ये लक्षण दिखें, तुरंत अस्पताल पहुंचें। उन्होंने सलाह दी कि लोग घरों के आसपास की गाजर घास और झाड़ियां हटाएं, शरीर को ढककर रखें, आधी बांह के कपड़े न पहनें, किसान ओडोमास का इस्तेमाल करें और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।

Aug 29, 2025 - 07:47
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मंदसौर जिले में स्क्रब टायफस के 60 मरीज मिले:पिस्सुओं के काटने से फैलती है बीमारी, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह
मंदसौर जिले में स्क्रब टायफस बीमारी तेजी से फैल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक जिलेभर में 60 मरीज सामने आ चुके हैं। जिला चिकित्सालय में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की हिदायत दी है। गांवों से भी लगातार आ रहे मरीज मंदसौर शहर के अलावा सुवासरा, लसूड़िया, तितरोद, आक्याबिका, कचनारा और हरिपुरा जैसे ग्रामीण इलाकों से भी मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। हर दिन सैकड़ों लोग बुखार और संक्रमण की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। पिस्सुओं के काटने से फैलती है बीमारी स्क्रब टायफस पिस्सुओं के काटने से फैलती है। ये पिस्सू चूहों पर रहते हैं और घरों में पहुंचकर इंसानों को काट लेते हैं। इनके काटने से रिक्टिशिया सुसुगामुशी नामक जीवाणु शरीर में पहुंच जाता है, जो खून में फैलकर दिमाग और फेफड़ों में संक्रमण पैदा करता है। 2017 में पहली बार मिला था केस मंदसौर जिले में स्क्रब टायफस पहली बार साल 2017 में मिला था। तब से हर साल मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि अब तक इस बीमारी से किसी की मौत नहीं हुई है। लक्षण और सावधानियां डॉ. शुभम सिलावट ने बताया कि स्क्रब टायफस के लक्षण बुखार, सर्दी, खांसी और हाथ-पैर में दर्द हैं। जैसे ही ये लक्षण दिखें, तुरंत अस्पताल पहुंचें। उन्होंने सलाह दी कि लोग घरों के आसपास की गाजर घास और झाड़ियां हटाएं, शरीर को ढककर रखें, आधी बांह के कपड़े न पहनें, किसान ओडोमास का इस्तेमाल करें और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।