बहन अशोक सुंदरी के साथ झूले पर विराजे बांसुरीधर गणेश:टीकमगढ़ में सिंधी समाज 30 साल से मना रहे गणेशोत्सव; 4 सितंबर को लगेगा 56 भोग
टीकमगढ़ में सिंधी समाज पिछले 30 वर्षों से गणेश उत्सव की परंपरा निभा रहा है। इस बार सिंधी धर्मशाला मंदिर में श्री गणेश और उनकी बहन अशोक सुंदरी की प्रतिमा झूले पर स्थापित की गई है। प्रतिमा में गणेशजी को पगड़ी धारण किए और हाथ में बांसुरी लिए दर्शाया गया है। चारों ओर लाइटिंग से सजाई गई पंडाल पंडाल को झूमर और आर्टिफिशयल फूल-पत्तियों से सजाया गया है। धर्मशाला का मुख्य द्वार भी आकर्षक रूप से सजाया गया है। चारों ओर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। सिंधी नवयुवक मंडल के सदस्य हर्ष शुक्लानी ने बताया कि पहले प्रतिमा झूलेलाल मंदिर में स्थापित की जाती थी। बाद में गली में रखी जाने लगी। जगह की कमी के कारण इस वर्ष धर्मशाला में स्थापना का निर्णय लिया गया। 56 भोग और महा आरती सहित विविध कार्यक्रम कार्यक्रमों की श्रृंखला में 2 सितंबर को जबलपुर के भजन गायकों की ओर से भजन संध्या होगी। 4 सितंबर को 56 भोग का आयोजन किया जाएगा। 5 सितंबर को महा आरती होगी। 6 सितंबर को समाज के साथ प्रतिमा का चल समारोह निकाला जाएगा। इस साल प्रतिमा निर्माण में 80 हजार रुपए का खर्च आया है। पूरे आयोजन का लक्ष्य 5 लाख रुपए रखा गया है, जो पिछले साल की तुलना में 2-3 लाख रुपए से अधिक है।
