हरदा के बिजली सब स्टेशन पर निकला 12 फीट अजगर:सर्पमित्र ने रेस्क्यू कर 20 किलो वजनी मादा अजगर को जंगल में छोड़ा

हरदा जिले के हंडिया तहसील के ग्राम बागरुल स्थित बिजली सब स्टेशन पर गुरुवार शाम को 12 फीट लंबा अजगर देखा गया। सर्पमित्र दिनेश चंदेले और वन विभाग की टीम ने अजगर का सफल रेस्क्यू किया। अजगर के अचानक दिखने से परिसर में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलने पर हंडिया वनक्षेत्र से वन विभाग की टीम और सर्पमित्र दिनेश चंदेले तुरंत मौके पर पहुंचे। लगभग आधे घंटे के प्रयास के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। सर्पमित्र दिनेश चंदेले ने बताया कि पकड़ा गया अजगर मादा प्रजाति का है। इसकी उम्र लगभग 15 से 17 साल के बीच है और इसका वजन करीब 20 किलोग्राम है। अजगर के पेट में अंडे होने का अनुमान है। वन विभाग के नाकेदार नारायण प्रसाद हरणे के साथ अजगर को जोगा के पास घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। सर्पमित्र ने बताया कि अजगर ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वन्य जीव दिखने पर भीड़ न लगाएं और उन्हें परेशान न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचित करें ताकि उन्हें सुरक्षित जंगल में वापस भेजा जा सके।

Oct 30, 2025 - 19:22
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हरदा के बिजली सब स्टेशन पर निकला 12 फीट अजगर:सर्पमित्र ने रेस्क्यू कर 20 किलो वजनी मादा अजगर को जंगल में छोड़ा
हरदा जिले के हंडिया तहसील के ग्राम बागरुल स्थित बिजली सब स्टेशन पर गुरुवार शाम को 12 फीट लंबा अजगर देखा गया। सर्पमित्र दिनेश चंदेले और वन विभाग की टीम ने अजगर का सफल रेस्क्यू किया। अजगर के अचानक दिखने से परिसर में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलने पर हंडिया वनक्षेत्र से वन विभाग की टीम और सर्पमित्र दिनेश चंदेले तुरंत मौके पर पहुंचे। लगभग आधे घंटे के प्रयास के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। सर्पमित्र दिनेश चंदेले ने बताया कि पकड़ा गया अजगर मादा प्रजाति का है। इसकी उम्र लगभग 15 से 17 साल के बीच है और इसका वजन करीब 20 किलोग्राम है। अजगर के पेट में अंडे होने का अनुमान है। वन विभाग के नाकेदार नारायण प्रसाद हरणे के साथ अजगर को जोगा के पास घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। सर्पमित्र ने बताया कि अजगर ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वन्य जीव दिखने पर भीड़ न लगाएं और उन्हें परेशान न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचित करें ताकि उन्हें सुरक्षित जंगल में वापस भेजा जा सके।