दो घंटे लाश लेकर सड़क पर बैठे रहे परिजन:आर्थिक सहायता के आश्वासन के बाद माने, ट्रैक्टर की टक्कर से हुई थी बुजुर्ग की मौत

बालाघाट में ट्रैक्टर की टक्कर से एक वृद्ध की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। यह घटना हुड़कीटोला मार्ग पर आंबेडकर चौक में हुई, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। पुलिस के ठोस कार्रवाई और आर्थिक सहायता के आश्वासन के बाद शाम 4 बजे आंदोलन समाप्त हुआ। यह घटना रविवार शाम को वारासिवनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई थी। हुड़कीटोला निवासी 60 वर्षीय प्रतापसिंह सिरसाम पिपरिया ग्राम के ओझाटोला बाजार से सामान लेकर लौट रहे थे। हुड़कीटोला चौक पर एक ट्रैक्टर ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने प्रतापसिंह को देर शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था। आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष दिनेश धुर्वे और युवा अध्यक्ष शुभम उईके के नेतृत्व में परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ट्रैक्टर और उसके चालक की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और मामले को अज्ञात वाहन का बता रही है। उन्होंने गरीब परिवार के लिए मुआवजे की भी मांग की। चक्काजाम दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चला। अंततः वारासिवनी थाना पुलिस ने ठोस कार्रवाई करने और नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर मृतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने दिया।

दो घंटे लाश लेकर सड़क पर बैठे रहे परिजन:आर्थिक सहायता के आश्वासन के बाद माने, ट्रैक्टर की टक्कर से हुई थी बुजुर्ग की मौत
बालाघाट में ट्रैक्टर की टक्कर से एक वृद्ध की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। यह घटना हुड़कीटोला मार्ग पर आंबेडकर चौक में हुई, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। पुलिस के ठोस कार्रवाई और आर्थिक सहायता के आश्वासन के बाद शाम 4 बजे आंदोलन समाप्त हुआ। यह घटना रविवार शाम को वारासिवनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई थी। हुड़कीटोला निवासी 60 वर्षीय प्रतापसिंह सिरसाम पिपरिया ग्राम के ओझाटोला बाजार से सामान लेकर लौट रहे थे। हुड़कीटोला चौक पर एक ट्रैक्टर ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने प्रतापसिंह को देर शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था। आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष दिनेश धुर्वे और युवा अध्यक्ष शुभम उईके के नेतृत्व में परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ट्रैक्टर और उसके चालक की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और मामले को अज्ञात वाहन का बता रही है। उन्होंने गरीब परिवार के लिए मुआवजे की भी मांग की। चक्काजाम दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चला। अंततः वारासिवनी थाना पुलिस ने ठोस कार्रवाई करने और नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर मृतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने दिया।