चंदौली सपा पूर्व विधायक का पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल:सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस रोकने पर दर्ज हुआ मुकदमा
चंदौली सपा पूर्व विधायक का पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल:सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस रोकने पर दर्ज हुआ मुकदमा
चंदौली जिले के सैयदराजा थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जनता की सेवक होने के बजाय सत्ता की सेवक बन गई है। यह मामला गणतंत्र दिवस पर सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस को रोके जाने से जुड़ा है। पूर्व विधायक ने कहा कि एक ओर जहां देश गणतंत्र दिवस पर संविधान लागू होने का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर सैयदराजा थाना पुलिस और सीओ सदर सैयदराजा के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को पुलिसिया बल से दबाने में जुटे थे। उन्होंने पुलिस पर सैयदराजा के लोगों की सच्ची जनसेवा का तोहफा 17वीं एफआईआर के रूप में देने का आरोप लगाया। मनोज सिंह डब्लू ने भाजपा पर समाज को बांटने और अब हिंदुओं को भी बांटने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सैयदराजा नगर में गणतंत्र दिवस पर पुलिस हिंदुओं को बांटने की भूमिका में दिखी। पूर्व विधायक के अनुसार, पुलिस ने पहले सरस्वती प्रतिमा विसर्जन की अनुमति दी थी, लेकिन सत्ता पक्ष के विधायक के दबाव के बाद जुलूस को बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया। जब पूजा कमेटी के सदस्यों ने अपनी बात रखने का प्रयास किया, तो उन पर लाठियां चलाई गईं। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष से प्रेरित होकर मौके पर पहुंचे सीओ सदर ने जानबूझकर मामले को तल्ख किया। इसी को आधार बनाकर उनके और 60 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर राजनीतिक षड्यंत्र को अंजाम दिया गया। उन्होंने सीओ सदर के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि जुलूस को बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का हवाला देकर रोका गया। पूर्व विधायक ने कहा कि जिस जिला मुख्यालय से सीओ चलकर आए, वहां देर रात तक डीजे बजाकर जुलूस निकाले गए, जिसे चंदौली मुख्यालय पर लगे सीसीटीवी फुटेज से पुष्ट किया जा सकता है।
चंदौली जिले के सैयदराजा थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जनता की सेवक होने के बजाय सत्ता की सेवक बन गई है। यह मामला गणतंत्र दिवस पर सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस को रोके जाने से जुड़ा है। पूर्व विधायक ने कहा कि एक ओर जहां देश गणतंत्र दिवस पर संविधान लागू होने का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर सैयदराजा थाना पुलिस और सीओ सदर सैयदराजा के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को पुलिसिया बल से दबाने में जुटे थे। उन्होंने पुलिस पर सैयदराजा के लोगों की सच्ची जनसेवा का तोहफा 17वीं एफआईआर के रूप में देने का आरोप लगाया। मनोज सिंह डब्लू ने भाजपा पर समाज को बांटने और अब हिंदुओं को भी बांटने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सैयदराजा नगर में गणतंत्र दिवस पर पुलिस हिंदुओं को बांटने की भूमिका में दिखी। पूर्व विधायक के अनुसार, पुलिस ने पहले सरस्वती प्रतिमा विसर्जन की अनुमति दी थी, लेकिन सत्ता पक्ष के विधायक के दबाव के बाद जुलूस को बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया। जब पूजा कमेटी के सदस्यों ने अपनी बात रखने का प्रयास किया, तो उन पर लाठियां चलाई गईं। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष से प्रेरित होकर मौके पर पहुंचे सीओ सदर ने जानबूझकर मामले को तल्ख किया। इसी को आधार बनाकर उनके और 60 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर राजनीतिक षड्यंत्र को अंजाम दिया गया। उन्होंने सीओ सदर के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि जुलूस को बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का हवाला देकर रोका गया। पूर्व विधायक ने कहा कि जिस जिला मुख्यालय से सीओ चलकर आए, वहां देर रात तक डीजे बजाकर जुलूस निकाले गए, जिसे चंदौली मुख्यालय पर लगे सीसीटीवी फुटेज से पुष्ट किया जा सकता है।