जालौन में घना कोहरा छाया, तापमान गिरा:ठंडी हवाओं से जनजीवन प्रभावित, रबी फसलों को राहत
जालौन में घना कोहरा छाया, तापमान गिरा:ठंडी हवाओं से जनजीवन प्रभावित, रबी फसलों को राहत
जालौन जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद शनिवार को ठंड लौट आई। सुबह से ही जिले में घना कोहरा छाया रहा और तेज सर्द हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। ठंड बढ़ने का असर जनजीवन पर स्पष्ट दिखाई दिया। घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। लगभग 15 दिन बाद पड़े इस घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते दिखे। सुबह के समय लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हुई, वहीं बड़े वाहनों को हेडलाइट जलाकर आवागमन करना पड़ा। विशेष रूप से हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।
मौसम में आई इस ठंडक और कोहरे को किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। तापमान गिरने और मिट्टी में नमी लौटने से फसलों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। बीते दिनों मौसम में गर्माहट के कारण फसलों को नुकसान हो रहा था, लेकिन बारिश और कोहरे के कारण अब वे एक बार फिर अनुकूल स्थिति में आ गई हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम मटर, मसूर, चना, सरसों और गेहूं जैसी रबी फसलों की बढ़वार के लिए बेहतर साबित होगा।
कुल मिलाकर, जहां एक ओर ठंड और कोहरे ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए उम्मीद लेकर आया है। यदि आने वाले दिनों में भी ऐसा ही मौसम बना रहता है, तो रबी फसलों के उत्पादन में अच्छा लाभ मिलने की संभावना है।
जालौन जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद शनिवार को ठंड लौट आई। सुबह से ही जिले में घना कोहरा छाया रहा और तेज सर्द हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। ठंड बढ़ने का असर जनजीवन पर स्पष्ट दिखाई दिया। घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। लगभग 15 दिन बाद पड़े इस घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते दिखे। सुबह के समय लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हुई, वहीं बड़े वाहनों को हेडलाइट जलाकर आवागमन करना पड़ा। विशेष रूप से हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।
मौसम में आई इस ठंडक और कोहरे को किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। तापमान गिरने और मिट्टी में नमी लौटने से फसलों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। बीते दिनों मौसम में गर्माहट के कारण फसलों को नुकसान हो रहा था, लेकिन बारिश और कोहरे के कारण अब वे एक बार फिर अनुकूल स्थिति में आ गई हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम मटर, मसूर, चना, सरसों और गेहूं जैसी रबी फसलों की बढ़वार के लिए बेहतर साबित होगा।
कुल मिलाकर, जहां एक ओर ठंड और कोहरे ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए उम्मीद लेकर आया है। यदि आने वाले दिनों में भी ऐसा ही मौसम बना रहता है, तो रबी फसलों के उत्पादन में अच्छा लाभ मिलने की संभावना है।