संभल में जानलेवा हमले के दो दोषी करार:11 साल पुराने मामले में 10-10 साल की सजा, 20 हजार का जुर्माना लगा, एक की मौत
संभल में जानलेवा हमले के दो दोषी करार:11 साल पुराने मामले में 10-10 साल की सजा, 20 हजार का जुर्माना लगा, एक की मौत
संभल में 11 साल पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है और प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी ओमकार की विचारण के दौरान मौत हो चुकी है। यह मामला जनपद संभल के थाना गुन्नौर के गढ़िया गांव का है। घटना के समय यह क्षेत्र जनपद बदायूं के न्यायिक क्षेत्राधिकार में आता था। गांव की निवासी कमलेश ने 12 जुलाई 2014 को गुन्नौर पुलिस को तहरीर दी थी। कमलेश ने अपनी तहरीर में बताया था कि 11 जुलाई को उनके पति रामेश्वर दवा लेकर घर लौट रहे थे। गांव के बाहर मोहल्ले के ही नेकसे ने उन्हें रोक लिया। नेकसे के साथ उसका भाई ओमकार, हेमपाल और लालू भी मौजूद थे। रात करीब 11:30 बजे घर के बाहर सभी आरोपी मौजूद थे। इसी दौरान नेकसे ने रामेश्वर को गोली मार दी, जो उनकी ठोड़ी में लगी। गोली की आवाज सुनकर कमलेश और उनका बेटा दुर्वेश मौके पर पहुंचे। उन्होंने चारों आरोपियों को भागते हुए देखा। कमलेश अपने पति को लेकर सीधे थाने पहुंचीं, जहां से पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा 307 के तहत रिपोर्ट दर्ज की। विवेचक ने जांच शुरू की, आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और सभी साक्ष्य संकलित किए। घटना से संबंधित आरोप पत्र 27 अक्तूबर 2014 को न्यायालय में दाखिल किया गया था। तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। बीते गुरुवार को पेश की गई पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, शुक्रवार को न्यायाधीश सौरभ सक्सैना ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद उन्होंने लालू और हेमपाल को सजा सुनाई। वहीं, मुख्य आरोपी नेकसे पुत्र मलखान की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड चंदौसी में विचाराधीन है।
संभल में 11 साल पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है और प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी ओमकार की विचारण के दौरान मौत हो चुकी है। यह मामला जनपद संभल के थाना गुन्नौर के गढ़िया गांव का है। घटना के समय यह क्षेत्र जनपद बदायूं के न्यायिक क्षेत्राधिकार में आता था। गांव की निवासी कमलेश ने 12 जुलाई 2014 को गुन्नौर पुलिस को तहरीर दी थी। कमलेश ने अपनी तहरीर में बताया था कि 11 जुलाई को उनके पति रामेश्वर दवा लेकर घर लौट रहे थे। गांव के बाहर मोहल्ले के ही नेकसे ने उन्हें रोक लिया। नेकसे के साथ उसका भाई ओमकार, हेमपाल और लालू भी मौजूद थे। रात करीब 11:30 बजे घर के बाहर सभी आरोपी मौजूद थे। इसी दौरान नेकसे ने रामेश्वर को गोली मार दी, जो उनकी ठोड़ी में लगी। गोली की आवाज सुनकर कमलेश और उनका बेटा दुर्वेश मौके पर पहुंचे। उन्होंने चारों आरोपियों को भागते हुए देखा। कमलेश अपने पति को लेकर सीधे थाने पहुंचीं, जहां से पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा 307 के तहत रिपोर्ट दर्ज की। विवेचक ने जांच शुरू की, आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और सभी साक्ष्य संकलित किए। घटना से संबंधित आरोप पत्र 27 अक्तूबर 2014 को न्यायालय में दाखिल किया गया था। तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। बीते गुरुवार को पेश की गई पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, शुक्रवार को न्यायाधीश सौरभ सक्सैना ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद उन्होंने लालू और हेमपाल को सजा सुनाई। वहीं, मुख्य आरोपी नेकसे पुत्र मलखान की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड चंदौसी में विचाराधीन है।