5 साल का इंतजार खत्म:कचना ओवरब्रिज पर चढ़ाया गया गर्डर, डेढ़ लाख आबादी को मार्च से मिलेगी राहत

कचना इलाके में रहने वाली डेढ़ लाख आबादी को जल्द राहत मिलने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज पर गर्डर चढ़ाने का काम शुरू हो गया है। रेलवे से ब्लॉक मिलने के बाद बुधवार को 3 गर्डर क्रॉसिंग के ऊपर चढ़ाया गया। वहीं गुरुवार को तीन और गर्डर चढ़ाने के साथ ही 9 स्लैब रखने का काम किया जाएगा। गर्डर और स्लैब चढ़ाने के लिए रेलवे ने तीन दिन तक सुबह 10 से 12 बजे तक दो-दो घंटे के ब्लॉक की अनुमति दी है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि गर्डर और स्लैब चढ़ाने का काम गुरुवार को ही पूरा कर लिया जाएगा। शुक्रवार का ब्लॉक इसलिए लिया गया है, ताकि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर हाल में गर्डर चढ़ाने का काम पूरा किया जा सके। इधर, बुधवार की सुबह 9 बजे से ही पीडब्ल्यूडी और रेलवे के अफसर मौके पर पहुंच गए थे। गर्डर चढ़ाने के लिए दो क्रेन बुलाई गई थी। सुबह 10 बजे गर्डर चढ़ाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन, दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। इसके चलते अफसरों को इंतजार करना पड़ा। सुबह 11 बजे जैसे ही दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस रवाना हुई, उसके तत्काल बाद गर्डर लॉन्चिंग का काम शुरू हुआ। इस दौरान पीडब्ल्यूडी और रेलवे के करीब 30 अधिकारी तथा ठेका एजेंसी के लगभग 30 कर्मचारी तैनात रहे। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि मार्च के अंत में ओवरब्रिज निर्माण का अधूरा काम पूरा कर लिया जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। जानिए, कितना काम शेष और इसे पूरा करने में कितना समय लगेगा... सड़क गर्डर चढ़ाने का काम पूरा होते ही 871 मीटर लंबे, 12 मीटर चौड़े तीन लेन के ओवरब्रिज पर सड़क निर्माण शुरू होगा। वर्तमान में सड़क पर गिट्टी बिछाने का काम पूरा कर लिया है और केवल डामरीकरण का काम ही शेष है। इसे 10 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। फिनिशिंग सड़क निर्माण पूरा होने के साथ ही ओवरब्रिज पर फिनिशिंग का काम किया जाएगा। इसमें करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। संकेतक बोर्ड रेलवे क्रॉसिंग में ओवरब्रिज पर दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग और वाहनों के लिए संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। इसमें 5 दिन का समय लगेगा। स्ट्रीट लाइट ओवरब्रिज के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। इसमें करीब 15 दिन का समय लगेगा। डेढ़ लाख आबादी को जाम और धूल से राहत पीडब्ल्यूडी के अफसरों का दावा है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इससे कचना, खम्हारडीह सहित आसपास के इलाकों में रहने वाली करीब डेढ़ लाख आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। पिछले पांच साल से निर्माण कार्य के कारण यहां रोजाना जाम, धूल और गंदगी की समस्या बनी हुई है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। मार्च में काम हो जाएगा पूरा मंगलवार को रेलवे से गर्डर चढ़ाने के लिए ब्लॉक की अनुमति​ मिली। बुधवार को टीम ने तीन गर्डर चढ़ाने का काम पूरा कर लिया है। गर्डर चढ़ाने के बाद सड़क का डामरीकरण किया जाएगा। ओवरब्रिज का पूरा काम मार्च के अंत तक हो जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। - एसके कोरी, सीई रायपुर

5 साल का इंतजार खत्म:कचना ओवरब्रिज पर चढ़ाया गया गर्डर, डेढ़ लाख आबादी को मार्च से मिलेगी राहत
कचना इलाके में रहने वाली डेढ़ लाख आबादी को जल्द राहत मिलने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज पर गर्डर चढ़ाने का काम शुरू हो गया है। रेलवे से ब्लॉक मिलने के बाद बुधवार को 3 गर्डर क्रॉसिंग के ऊपर चढ़ाया गया। वहीं गुरुवार को तीन और गर्डर चढ़ाने के साथ ही 9 स्लैब रखने का काम किया जाएगा। गर्डर और स्लैब चढ़ाने के लिए रेलवे ने तीन दिन तक सुबह 10 से 12 बजे तक दो-दो घंटे के ब्लॉक की अनुमति दी है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि गर्डर और स्लैब चढ़ाने का काम गुरुवार को ही पूरा कर लिया जाएगा। शुक्रवार का ब्लॉक इसलिए लिया गया है, ताकि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर हाल में गर्डर चढ़ाने का काम पूरा किया जा सके। इधर, बुधवार की सुबह 9 बजे से ही पीडब्ल्यूडी और रेलवे के अफसर मौके पर पहुंच गए थे। गर्डर चढ़ाने के लिए दो क्रेन बुलाई गई थी। सुबह 10 बजे गर्डर चढ़ाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन, दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। इसके चलते अफसरों को इंतजार करना पड़ा। सुबह 11 बजे जैसे ही दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस रवाना हुई, उसके तत्काल बाद गर्डर लॉन्चिंग का काम शुरू हुआ। इस दौरान पीडब्ल्यूडी और रेलवे के करीब 30 अधिकारी तथा ठेका एजेंसी के लगभग 30 कर्मचारी तैनात रहे। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि मार्च के अंत में ओवरब्रिज निर्माण का अधूरा काम पूरा कर लिया जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। जानिए, कितना काम शेष और इसे पूरा करने में कितना समय लगेगा... सड़क गर्डर चढ़ाने का काम पूरा होते ही 871 मीटर लंबे, 12 मीटर चौड़े तीन लेन के ओवरब्रिज पर सड़क निर्माण शुरू होगा। वर्तमान में सड़क पर गिट्टी बिछाने का काम पूरा कर लिया है और केवल डामरीकरण का काम ही शेष है। इसे 10 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। फिनिशिंग सड़क निर्माण पूरा होने के साथ ही ओवरब्रिज पर फिनिशिंग का काम किया जाएगा। इसमें करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। संकेतक बोर्ड रेलवे क्रॉसिंग में ओवरब्रिज पर दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग और वाहनों के लिए संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। इसमें 5 दिन का समय लगेगा। स्ट्रीट लाइट ओवरब्रिज के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। इसमें करीब 15 दिन का समय लगेगा। डेढ़ लाख आबादी को जाम और धूल से राहत पीडब्ल्यूडी के अफसरों का दावा है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इससे कचना, खम्हारडीह सहित आसपास के इलाकों में रहने वाली करीब डेढ़ लाख आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। पिछले पांच साल से निर्माण कार्य के कारण यहां रोजाना जाम, धूल और गंदगी की समस्या बनी हुई है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। मार्च में काम हो जाएगा पूरा मंगलवार को रेलवे से गर्डर चढ़ाने के लिए ब्लॉक की अनुमति​ मिली। बुधवार को टीम ने तीन गर्डर चढ़ाने का काम पूरा कर लिया है। गर्डर चढ़ाने के बाद सड़क का डामरीकरण किया जाएगा। ओवरब्रिज का पूरा काम मार्च के अंत तक हो जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। - एसके कोरी, सीई रायपुर