बांदा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हाउस अरेस्ट:मनरेगा बचाओ आंदोलन: लखनऊ घेराव से पहले हुई कार्रवाई
बांदा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हाउस अरेस्ट:मनरेगा बचाओ आंदोलन: लखनऊ घेराव से पहले हुई कार्रवाई
बांदा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित को मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले हाउस अरेस्ट कर लिया गया। प्रशासन ने यह कार्रवाई सुबह लगभग 7:30 बजे की। राजेश दीक्षित ने बताया कि उनके आवास पर पुलिस बल तैनात कर घेराबंदी की गई, ताकि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल न हो सकें। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। दीक्षित के अनुसार, मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। उनके अधिकारों की आवाज को दबाना चिंताजनक है। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 17 तारीख को विधानसभा घेराव का आह्वान किया था, जिसके लिए बांदा के सभी कांग्रेस कार्यकर्ता लखनऊ जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। राजेश दीक्षित ने कहा कि जब तक मजदूरों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में असहमति देशद्रोह नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार होती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि अधिकारों और सम्मान का है। उन्होंने कहा कि हाउस अरेस्ट जैसी दमनकारी कार्रवाई उन्हें विचलित नहीं कर सकती और वे शांतिपूर्ण, संवैधानिक तथा अहिंसक तरीके से जनता की आवाज उठाते रहेंगे।
बांदा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित को मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले हाउस अरेस्ट कर लिया गया। प्रशासन ने यह कार्रवाई सुबह लगभग 7:30 बजे की। राजेश दीक्षित ने बताया कि उनके आवास पर पुलिस बल तैनात कर घेराबंदी की गई, ताकि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल न हो सकें। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। दीक्षित के अनुसार, मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। उनके अधिकारों की आवाज को दबाना चिंताजनक है। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 17 तारीख को विधानसभा घेराव का आह्वान किया था, जिसके लिए बांदा के सभी कांग्रेस कार्यकर्ता लखनऊ जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। राजेश दीक्षित ने कहा कि जब तक मजदूरों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में असहमति देशद्रोह नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार होती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि अधिकारों और सम्मान का है। उन्होंने कहा कि हाउस अरेस्ट जैसी दमनकारी कार्रवाई उन्हें विचलित नहीं कर सकती और वे शांतिपूर्ण, संवैधानिक तथा अहिंसक तरीके से जनता की आवाज उठाते रहेंगे।