फर्जी कॉल से रिटायर्ड बैंककर्मी के खाते से 9.57 लाख:साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

बिजनौर में एक रिटायर्ड बैंककर्मी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। फर्जी कॉल और लिंक के जरिए ठगों ने उनके बैंक खाते से 9 लाख 57 हजार 899 रुपये की धोखाधड़ी की। पीड़ित ने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है। शहर कोतवाली के आवास विकास कॉलोनी निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मचारी आशाराम सिंह (पुत्र छोटे सिंह) ने बताया कि यह घटना 12 फरवरी 2026 को शुरू हुई। उन्होंने गलती से फेसबुक पर एक क्रेडिट कार्ड आवेदन से जुड़े लिंक पर क्लिक कर दिया था। हालांकि, उन्होंने आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं की और पेज बंद कर दिया। इसके कुछ देर बाद उन्हें एक फोन आया। कॉलर ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के दिल्ली मुख्यालय का कर्मचारी बताया। कॉलर ने रद्द हुए आवेदन का हवाला देते हुए कार्ड के फायदे बताए और बातचीत के दौरान आशाराम सिंह के मोबाइल की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया और बैंक से संबंधित सभी मैसेज ठगों के नंबर पर जाने लगे। इसी दौरान ठगों ने उनके खाते से लगातार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे निकालने शुरू कर दिए, जिसकी जानकारी आशाराम सिंह को नहीं हो सकी। इतना ही नहीं, ठगों ने PNB वन ऐप के माध्यम से उनके नाम पर 8 लाख रुपये का लोन भी ले लिया और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया। दो दिन बाद, 14 फरवरी को जब आशाराम सिंह ने भुगतान करने की कोशिश की, तब उन्हें अपने खाते से पैसे गायब होने का पता चला। जांच करने पर उन्हें कुल 9,57,899 रुपये की ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। आशाराम सिंह ने बताया कि कुछ ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) में भी दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। संदिग्ध खातों और कॉल नंबरों की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

फर्जी कॉल से रिटायर्ड बैंककर्मी के खाते से 9.57 लाख:साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
बिजनौर में एक रिटायर्ड बैंककर्मी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। फर्जी कॉल और लिंक के जरिए ठगों ने उनके बैंक खाते से 9 लाख 57 हजार 899 रुपये की धोखाधड़ी की। पीड़ित ने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है। शहर कोतवाली के आवास विकास कॉलोनी निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मचारी आशाराम सिंह (पुत्र छोटे सिंह) ने बताया कि यह घटना 12 फरवरी 2026 को शुरू हुई। उन्होंने गलती से फेसबुक पर एक क्रेडिट कार्ड आवेदन से जुड़े लिंक पर क्लिक कर दिया था। हालांकि, उन्होंने आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं की और पेज बंद कर दिया। इसके कुछ देर बाद उन्हें एक फोन आया। कॉलर ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के दिल्ली मुख्यालय का कर्मचारी बताया। कॉलर ने रद्द हुए आवेदन का हवाला देते हुए कार्ड के फायदे बताए और बातचीत के दौरान आशाराम सिंह के मोबाइल की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया और बैंक से संबंधित सभी मैसेज ठगों के नंबर पर जाने लगे। इसी दौरान ठगों ने उनके खाते से लगातार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे निकालने शुरू कर दिए, जिसकी जानकारी आशाराम सिंह को नहीं हो सकी। इतना ही नहीं, ठगों ने PNB वन ऐप के माध्यम से उनके नाम पर 8 लाख रुपये का लोन भी ले लिया और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया। दो दिन बाद, 14 फरवरी को जब आशाराम सिंह ने भुगतान करने की कोशिश की, तब उन्हें अपने खाते से पैसे गायब होने का पता चला। जांच करने पर उन्हें कुल 9,57,899 रुपये की ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। आशाराम सिंह ने बताया कि कुछ ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) में भी दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। संदिग्ध खातों और कॉल नंबरों की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।