शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR दर्ज होने के बाद आज चौथा दिन है। केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में शंकराचाय्र प्रवास कर रहे हैं। शंकराचार्य पर लगे आरोपों के बीच प्रयागराज पुलिस ने जहां FIR दर्ज करवाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी और पीड़ित बच्चों के परिजनों से बयान ले चुकी है। वहीं अभी तक प्रयागराज पुलिस वाराणसी में शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद से पूछताछ के लिए नहीं पहुंची है। इधर लगातार शंकराचार्य का यह आरोप है कि आशुतोष ब्रह्मचारी और पुलिस की सांठ-गांठ है। उन्होंने कहा यह सिर्फ इसलिए है ताकि हम डर जाएं और गौ-माता की हत्या के विरोध में चल रहे कैम्पेन को रोक दें। लेकिन ऐसा नहीं होगा और हम सभी संतों के साथ 11 मार्च को लखनऊ में प्रदर्शन करेंगे यह तय है। चौथे दिन भी प्रयागराज पुलिस का इंतजार पाक्सो केस में FIR होने के पहले से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वाराणसी के श्री विद्यामठ में प्रवास कर रहे हैं। FIR दर्ज होने के तीसरे दिन भी आश्रम में भक्तों का आना लगा रहा। भक्त सुबह 10 बजे से ही आश्रम पहुंचने लगे थे। ये सिलसिला शाम 6 बजे तक चला। जिसमें कई राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी भी पहुंचे और शंकराचार्य को अपना समर्थन दिया। वहीं तीसरे दिन भी प्रयागराज पुलिस इस मुकदमे से रिलेटेड पूछताछ के लिए वाराणसी नहीं पहुंची। सूत्रों की मानें तो प्रयागराज पुलिस वाराणसी में मौजूद है और चौथे दिन पूछताछ करने मठ पहुंच सकती है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाए आरोप इसके पहले तीसरे दिन प्रयागराज में शंकराचार्य पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एक बार फिर बड़ा बयान दिया और कहा - अविमुक्तेश्वरानंद ने मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और वाराणसी के मठ-आश्रमों में बटुकों का यौन शोषण किया है। सारे सबूत हमारे पास हैं। मेडिकल में बटुकों से कुकर्म की पुष्टि हो गई है। जल्द ही मामले में न्याय होगा। आशुतोष महाराज ने यूपी के डिप्टी CM पर प्रयागराज माघ मेले में साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'माघ मेला साजिश में यूपी के डिप्टी CM शामिल हैं। डिप्टी CM ने कहा था कि अभी धरना दो, जब हम आएं, तब खत्म करना।' हालांकि आशुतोष महाराज ने दोनों में से किसी डिप्टी CM का नाम नहीं लिया। आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य के मठ के CEO प्रकाश उपाध्याय और अरविंद पर गंभीर आरोप लगाए आशुतोष महाराज ने कहा, बटुकों ने अपने बयान में अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद, दोनों मठों के CEO प्रकाश उपाध्याय और अरविंद का नाम लिया है। अब प्रकाश उपाध्याय और अरविंद की भूमिका की जांच हो रही है। उन्होंने प्रकाश उपाध्याय पर भी बच्चों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया। आशुतोष महाराज बोले- माघ मेला साजिश में यूपी के डिप्टी CM शामिल आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया कि अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में कई सपा नेता और कांग्रेसी आते-जाते थे। उनके नाम सामने आए हैं। वह बटुकों के कुकर्म में तो शामिल नहीं थे? इसकी जांच हो रही है। उन्होंने यूपी के डिप्टी सीएम पर कई आरोप लगाए। बृजेश पाठक या केशव मौर्या? इस सवाल पर कहा कि यूपी के डिप्टी सीएम हैं। शंकराचार्य के साथ मिले थे। माघ मेला साजिश में शामिल थे। इसकी भी जांच हो रही है। डिप्टी सीएम ने कहा था कि अभी धरना दो, जब हम आएं, तब खत्म करना। अपने हाथों से पानी पिलाकर धरना खत्म करने को कहा था। शंकराचार्य ने कहा- जब बच्चे हमारे साथ नहीं थे तो दुष्कर्म कैसे कर सकते हैं मेडिकल रिपोर्ट की पुष्टि होने के मामले पर बताया- वह बच्चा हमारे पास आया ही नहीं तो कैसे हो सकता है। हमारे वकीलों ने सारे प्रमाण दिखा दिए कि वो बच्चे उसी के पास थे, हमारे पास नहीं थे। इसका मतलब है कि अगर बच्चों के साथ कुछ हुआ है तो बच्चे जिसके साथ थे, उसी ने किया होगा। शिकायतकर्ता जांच के घेरे में अपने आप आ जाएगा। इसको ये बताना पड़ेगा कि इन बच्चों का हमसे संपर्क कहां हुआ। जब बच्चें हमारे पास आए ही नहीं को कैसे हम कुकर्म कर सकते है। शंकराचार्य ने आशुतोष महाराज पर हमने केस किया शंकराचार्य ने बताया- आशुतोष पर हम केस कर चुके हैं। धारा 22 जो पॉक्सो एक्ट की है, उसमें यही लिखा है कि कोई अगर फर्जी मुकदमा करे तो उसके ऊपर आप मुकदमा करिए। हम उसमें मुकदमा कर चुके और उस पर सुनवाई हो रही है। क्या आपकी गिरफ्तारी की स्क्रिप्ट तैयार की जा रही है, इस सवाल के जवाब में शंकराचार्य ने कहा, अब जो भी हो, क्योंकि अपराधी खुद मामले की जांच कर रहा है। और अप लोग रिकार्ड कर रहे हो। कितने मजबूर हो आप लोग। भारत का मीडिया कितना मजबूर है कि एक अपराधी से जांच की आख्या ले रहा है और उसको रिपोर्ट कर रहा है। ये एकदम विरले उदाहरण है। ये उत्तर प्रदेश शासन का एक्स रे चेहरा है कि ये है तुम्हारे अंदर। आशुतोष ब्रह्मचारी ने आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो चित्र दिखाए हैं। एक चित्र दिखाया है, हमारे गुरू जी के साथ जिसमें वह नीचे बैठा हुआ है। और दूसरा चित्र दिखाया है कि हम आसन पर बैठे हैं और वह हमें कोई कागज पकड़ा रहा है। अब कह रहा है कि हम अच्छे नहीं थे, तो हम लोगों से क्यों संबंध रखते थे। ये इन चित्रों के माध्यम से यह दिखाना चाह रहा है कि हम और हमारे गुरू जी उससे संबंध रखते थे। जबकि ऐसा नहीं है। कृष्ण जन्मभूमि के मामले को लेकर आया होगा , इसलिए उसको मौका दे दिया गया होगा हमसे मिलने का। वह तो यह कह रहा है कि मेरे गुरु जी ही शंकराचार्य नहीं थे, तो ये कैसे हो सकते है। इस पर हमारा यह कहना है कि तुम ही चित्र दिखा रहे हो चरणों में बैठकर, जब हमारे गुरु जी शंकराचार्य नहीं थे, तो यहां क्या करने आए थे। इसका जवाब दो। जानिए पूरा मामला प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
