कानपुर में मुन्ना समोसे के दिवाने हुए अखिलेश:मलाई पनीर समोसा की तारीफ की, बोले- हींग का समोसा सबसे अलग
कानपुर में मुन्ना समोसे के दिवाने हुए अखिलेश:मलाई पनीर समोसा की तारीफ की, बोले- हींग का समोसा सबसे अलग
अखिलेश यादव ने बुधवार को बिरहाना रोड स्थित मशहूर मुन्ना समोसा की दुकान पर समोसे का स्वाद चखा। इसके बाद उन्होंने ऐसा बयान दिया कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। हींग का समोसा खाने के बाद उन्होंने मलाई पनीर समोसा खाया। फिर चीज पनीर समोसा खाने की भी मांग की। पढ़िए इस रिपोर्ट में कि दुकान पर समोसे का स्वाद चखकर सपा अध्यक्ष ने क्या प्रतिक्रिया दी। अखिलेश ने कहा कि मुन्ना का समोसा ऐसा है कि हींग का समोसा और मलाई का समोसा जो मेरे हाथ में है, उसका स्वाद ऐसा है कि कानपुर आने वाला इसे खाए बिना नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि ‘एक कचौड़ी, एक समोसा, ढोंगी जी पर है नहीं भरोसा’। ‘खाओ कचौड़ी, खाओ समोसा, वनस्पति पर न करो भरोसा।’
अब पढ़िए मुन्ना समोसा में समोसे पर क्या बोले अखिलेश
दुकान मालिक राम जी गुप्ता ने बताया कि हम बहुत सौभाग्यशाली हैं कि अखिलेश यादव हमारी दुकान पर आए। उन्होंने कहा था कि वह आएंगे, और वह आए। उन्होंने समोसा खाया। जब हमने पूछा, भैया, समोसा कैसा लगा? तो बोले कि मलाई पनीर समोसा बहुत अच्छा लगा। इसके अलावा हींग वाला समोसा भी बहुत अच्छा है। राम जी गुप्ता के मामा ने बताया कि जैसे ही अखिलेश यादव ने मलाई पनीर समोसा खाया, तो उन्होंने कहा, बहुत टेस्टी है, बहुत बढ़िया समोसा है। अर्पित गुप्ता ने बताया कि अखिलेश यादव ने 12 फरवरी को कहा था कि हम आएंगे, लेकिन किसी कारण नहीं आ पाए। उन्हें समोसे का प्यार यहां खींच लाया। उन्हें अपना वादा याद रहा। स्वाद इतना अच्छा लगा कि उन्होंने कहा, हींग भी महक रही है। उन्होंने हमें अपने बगल में बैठा लिया।
पढ़िए कितने समोसे अखिलेश ने खाए
अर्पित ने बताया कि अखिलेश यादव और उनकी बेटी अदिति भी समोसा खाने के लिए पहुंचे। करीब 30 मिनट तक दुकान में रहे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले हींग का समोसा खाया। जब वह अच्छा लगा तो उन्होंने मलाई पनीर समोसा खाने की इच्छा जताई। वह भी बहुत अच्छा लगा तो उन्होंने चीज पनीर समोसा भी खाया। इस तरह अखिलेश ने दुकान में तीन समोसों का स्वाद चखा 10 मिनट में 1000 समोसे खत्म हुए
अखिलेश यादव के आने के कारण दुकान में पहले से समोसे तैयार किए जा रहे थे। जब वह पहुंचे तो उन्होंने समोसे का स्वाद चखा। उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने भी समोसे खाए। दुकान में बने करीब एक हजार समोसे 10 मिनट के भीतर ही खत्म हो गए।
अब पढ़िए मुन्ना समोसा के बारे में… 1973 में नेहरू नगर से शुरू हुई दुकान मुन्ना समोसा के नाम से पहली समोसे की दुकान साल 1973 में नेहरू नगर से शुरू हुई थी। 'मुन्ना समोसा' आज कानपुर में ब्रांड बन चुका है। राम गुप्ता परिवार की तीन पीढ़ियां इस कारोबार से जुड़ी हैं। नेहरू नगर, गोविंदनगर, पी रोड और बिरहाना रोड में मुन्ना समोसा की शाखाएं चल रही हैं। अपनी खास मसालेदार भरावन और अलग स्वाद के कारण मुन्ना समोसा शहरभर में लोकप्रिय है। अखिलेश यादव के यहां आने से इस दुकान की चर्चा और बढ़ गई है। नाना ने समोसे की पहली दुकान शुरू की थी बिरहाना रोड की दुकान पर राम जी गुप्ता और अर्पित गुप्ता मिले। उन्होंने बताया कि हमारे नाना ने समोसे की पहली दुकान शुरू की थी। तब से लगातार तीन पीढ़ियों से हमारा परिवार समोसे का कारोबार कर रहा है। समोसा सबसे अलग क्यों है? राम जी ने बताया- समोसा तो कई दुकानों में बिकता है, लेकिन हमारे यहां का समोसा इसलिए अलग पहचान बना पाया, क्योंकि सबसे पहले समोसे के मसाले में हींग मिलाने की शुरुआत हमारे यहां से हुई थी। इसी वजह से हमारे समोसे का स्वाद सबसे अलग लगने लगा। समोसे की कई वैरायटी राम जी ने बताया- आलू के सादे समोसे के साथ ही अन्य वैरायटी के समोसे भी हमारे यहां मिलते हैं। यहां मलाई पनीर समोसा, पिज्जा पनीर समोसा और चीज कॉर्न समोसा उपलब्ध हैं। अपने खास जायके की वजह कर ग्राहकों को यह काफी पसंद आता है। इनके स्वाद के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं। कितने का कौन सा समोसा मुन्ना समोसा में आलू का समोसा 10 रुपए का है। मलाई पनीर समोसा 25 रुपए का एक है। इसके अलावा पिज्जा पनीर और चीज कॉर्न समोसा 20 रुपए का एक मिलता है।
अखिलेश यादव ने बुधवार को बिरहाना रोड स्थित मशहूर मुन्ना समोसा की दुकान पर समोसे का स्वाद चखा। इसके बाद उन्होंने ऐसा बयान दिया कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। हींग का समोसा खाने के बाद उन्होंने मलाई पनीर समोसा खाया। फिर चीज पनीर समोसा खाने की भी मांग की। पढ़िए इस रिपोर्ट में कि दुकान पर समोसे का स्वाद चखकर सपा अध्यक्ष ने क्या प्रतिक्रिया दी। अखिलेश ने कहा कि मुन्ना का समोसा ऐसा है कि हींग का समोसा और मलाई का समोसा जो मेरे हाथ में है, उसका स्वाद ऐसा है कि कानपुर आने वाला इसे खाए बिना नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि ‘एक कचौड़ी, एक समोसा, ढोंगी जी पर है नहीं भरोसा’। ‘खाओ कचौड़ी, खाओ समोसा, वनस्पति पर न करो भरोसा।’
अब पढ़िए मुन्ना समोसा में समोसे पर क्या बोले अखिलेश
दुकान मालिक राम जी गुप्ता ने बताया कि हम बहुत सौभाग्यशाली हैं कि अखिलेश यादव हमारी दुकान पर आए। उन्होंने कहा था कि वह आएंगे, और वह आए। उन्होंने समोसा खाया। जब हमने पूछा, भैया, समोसा कैसा लगा? तो बोले कि मलाई पनीर समोसा बहुत अच्छा लगा। इसके अलावा हींग वाला समोसा भी बहुत अच्छा है। राम जी गुप्ता के मामा ने बताया कि जैसे ही अखिलेश यादव ने मलाई पनीर समोसा खाया, तो उन्होंने कहा, बहुत टेस्टी है, बहुत बढ़िया समोसा है। अर्पित गुप्ता ने बताया कि अखिलेश यादव ने 12 फरवरी को कहा था कि हम आएंगे, लेकिन किसी कारण नहीं आ पाए। उन्हें समोसे का प्यार यहां खींच लाया। उन्हें अपना वादा याद रहा। स्वाद इतना अच्छा लगा कि उन्होंने कहा, हींग भी महक रही है। उन्होंने हमें अपने बगल में बैठा लिया।
पढ़िए कितने समोसे अखिलेश ने खाए
अर्पित ने बताया कि अखिलेश यादव और उनकी बेटी अदिति भी समोसा खाने के लिए पहुंचे। करीब 30 मिनट तक दुकान में रहे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले हींग का समोसा खाया। जब वह अच्छा लगा तो उन्होंने मलाई पनीर समोसा खाने की इच्छा जताई। वह भी बहुत अच्छा लगा तो उन्होंने चीज पनीर समोसा भी खाया। इस तरह अखिलेश ने दुकान में तीन समोसों का स्वाद चखा 10 मिनट में 1000 समोसे खत्म हुए
अखिलेश यादव के आने के कारण दुकान में पहले से समोसे तैयार किए जा रहे थे। जब वह पहुंचे तो उन्होंने समोसे का स्वाद चखा। उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने भी समोसे खाए। दुकान में बने करीब एक हजार समोसे 10 मिनट के भीतर ही खत्म हो गए।
अब पढ़िए मुन्ना समोसा के बारे में… 1973 में नेहरू नगर से शुरू हुई दुकान मुन्ना समोसा के नाम से पहली समोसे की दुकान साल 1973 में नेहरू नगर से शुरू हुई थी। 'मुन्ना समोसा' आज कानपुर में ब्रांड बन चुका है। राम गुप्ता परिवार की तीन पीढ़ियां इस कारोबार से जुड़ी हैं। नेहरू नगर, गोविंदनगर, पी रोड और बिरहाना रोड में मुन्ना समोसा की शाखाएं चल रही हैं। अपनी खास मसालेदार भरावन और अलग स्वाद के कारण मुन्ना समोसा शहरभर में लोकप्रिय है। अखिलेश यादव के यहां आने से इस दुकान की चर्चा और बढ़ गई है। नाना ने समोसे की पहली दुकान शुरू की थी बिरहाना रोड की दुकान पर राम जी गुप्ता और अर्पित गुप्ता मिले। उन्होंने बताया कि हमारे नाना ने समोसे की पहली दुकान शुरू की थी। तब से लगातार तीन पीढ़ियों से हमारा परिवार समोसे का कारोबार कर रहा है। समोसा सबसे अलग क्यों है? राम जी ने बताया- समोसा तो कई दुकानों में बिकता है, लेकिन हमारे यहां का समोसा इसलिए अलग पहचान बना पाया, क्योंकि सबसे पहले समोसे के मसाले में हींग मिलाने की शुरुआत हमारे यहां से हुई थी। इसी वजह से हमारे समोसे का स्वाद सबसे अलग लगने लगा। समोसे की कई वैरायटी राम जी ने बताया- आलू के सादे समोसे के साथ ही अन्य वैरायटी के समोसे भी हमारे यहां मिलते हैं। यहां मलाई पनीर समोसा, पिज्जा पनीर समोसा और चीज कॉर्न समोसा उपलब्ध हैं। अपने खास जायके की वजह कर ग्राहकों को यह काफी पसंद आता है। इनके स्वाद के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं। कितने का कौन सा समोसा मुन्ना समोसा में आलू का समोसा 10 रुपए का है। मलाई पनीर समोसा 25 रुपए का एक है। इसके अलावा पिज्जा पनीर और चीज कॉर्न समोसा 20 रुपए का एक मिलता है।