बोत्सवाना से आए 9 चीतों क्वारंटाइन पीरियड हुआ पूरा:सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में किए गए शिफ्ट, अब शिकार और नए क्षेत्र को समझेंगे

श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों का क्वारंटाइन पीरियड शुक्रवार को पूरा हो गया । शनिवार सुबह इन्हें सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में छोड़ दिया गया। इनमें 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं, जो 28 फरवरी 2026 को कूनो लाए गए थे। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद, संबंधित अधिकारियों से आवश्यक अनुमति मिलने पर इन्हें क्वारंटाइन बाड़ों से निकालकर सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में भेजा गया। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सभी 9 चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और नए वातावरण में खुद को अच्छी तरह ढाल रहे हैं। विशेषज्ञों की टीम उनकी गतिविधियों, खानपान और व्यवहार पर लगातार निगरानी रखे हुए है, ताकि किसी भी तरह की समस्या की स्थिति में तुरंत आवश्यक कदम उठाए जा सकें। यह स्थानांतरण ‘चीता प्रोजेक्ट’ के तहत एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है। परिस्थितियों के अनुकूल बनाना एपीसीसीएफ एवं फील्ड डायरेक्टर, चीता प्रोजेक्ट, मध्यप्रदेश ने इस पूरी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि यह चरण चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, सॉफ्ट रिलीज़ बाड़ों में रखने का उद्देश्य चीतों को प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल बनाना होता है। शिकार करना और अपने क्षेत्र को समझेगें यहां वे सीमित दायरे में शिकार करना और अपने क्षेत्र को समझना सीखते हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, ताकि वे स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकें। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 6 अप्रैल को भी 6 चीतों को सॉफ्ट रिलीज़ बाड़ों में छोड़ा गया था। वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 50 हो गई है, जो भारत में चीता पुनर्वास योजना की सफलता का संकेत मानी जा रही है।

Apr 11, 2026 - 07:10
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बोत्सवाना से आए 9 चीतों क्वारंटाइन पीरियड हुआ पूरा:सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में किए गए शिफ्ट, अब शिकार और नए क्षेत्र को समझेंगे
श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों का क्वारंटाइन पीरियड शुक्रवार को पूरा हो गया । शनिवार सुबह इन्हें सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में छोड़ दिया गया। इनमें 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं, जो 28 फरवरी 2026 को कूनो लाए गए थे। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद, संबंधित अधिकारियों से आवश्यक अनुमति मिलने पर इन्हें क्वारंटाइन बाड़ों से निकालकर सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में भेजा गया। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सभी 9 चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और नए वातावरण में खुद को अच्छी तरह ढाल रहे हैं। विशेषज्ञों की टीम उनकी गतिविधियों, खानपान और व्यवहार पर लगातार निगरानी रखे हुए है, ताकि किसी भी तरह की समस्या की स्थिति में तुरंत आवश्यक कदम उठाए जा सकें। यह स्थानांतरण ‘चीता प्रोजेक्ट’ के तहत एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है। परिस्थितियों के अनुकूल बनाना एपीसीसीएफ एवं फील्ड डायरेक्टर, चीता प्रोजेक्ट, मध्यप्रदेश ने इस पूरी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि यह चरण चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, सॉफ्ट रिलीज़ बाड़ों में रखने का उद्देश्य चीतों को प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल बनाना होता है। शिकार करना और अपने क्षेत्र को समझेगें यहां वे सीमित दायरे में शिकार करना और अपने क्षेत्र को समझना सीखते हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, ताकि वे स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकें। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 6 अप्रैल को भी 6 चीतों को सॉफ्ट रिलीज़ बाड़ों में छोड़ा गया था। वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 50 हो गई है, जो भारत में चीता पुनर्वास योजना की सफलता का संकेत मानी जा रही है।