उज्जैन में होटल-होमस्टे में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य:निगमायुक्त बोले-भविष्य के लिए अभी से बचाना होगा पानी, महापौर ने स्वच्छता पर जोर दिया

उज्जैन में अब होटल और होमस्टे संचालकों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महापौर मुकेश टटवाल ने शहर के वार्डों में "स्वच्छता में शक्ति, उज्जैन की भक्ति" नामक विशेष अभियान का शुभारंभ किया है। धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रशासन ने स्वच्छता और जल संरक्षण के लिए दोहरी रणनीति अपनाई है। एक ओर जहां सभी होटल और होमस्टे में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के विभिन्न वार्डों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। निगम आयुक्त ने होटल संचालकों के साथ की बैठक निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने शहर के प्रमुख होटल संचालकों के साथ एक बैठक की, जिसमें लगभग 25 व्यवसायी शामिल हुए। आयुक्त ने भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक होटल और होमस्टे में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर बात की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बारिश का पानी भूजल स्तर को बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका है। होटल संचालक बोले-10 दिन में लगाएंगे सिस्टम बैठक में उपस्थित सभी संचालकों ने 10 दिनों के भीतर यह प्रणाली स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। उज्जैन में लगभग 700 होटल और होमस्टे हैं और इन सभी को इस नियम का पालन करना होगा। आयुक्त ने उन्हें अपने प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने, नालियों की नियमित सफाई करने, डस्टबिन रखने और कचरे का समय पर निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। साथ ही, शहर आने वाले श्रद्धालुओं को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा गया। इसी क्रम में, स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से महापौर मुकेश टटवाल ने "स्वच्छता में शक्ति, उज्जैन की भक्ति" विशेष अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत सोमवार को एक साथ 6 वार्डों में श्रमदान किया गया और जनता के साथ संवाद स्थापित किया गया। अभियान के दौरान कोलूखेड़ी स्लम बस्ती, मेट्रो टॉकीज क्षेत्र, छत्री चौक से लखेड़वाड़ी, विष्णुपुरा, जाली मेमोरियल स्कूल और दो तालाब क्षेत्रों में सफाई कार्य किए गए। इसमें नालियों की सफाई, पानी के लीकेज की मरम्मत और गंदे पानी की शिकायत भी शामिल थी।

Apr 27, 2026 - 13:01
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उज्जैन में होटल-होमस्टे में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य:निगमायुक्त बोले-भविष्य के लिए अभी से बचाना होगा पानी, महापौर ने स्वच्छता पर जोर दिया
उज्जैन में अब होटल और होमस्टे संचालकों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महापौर मुकेश टटवाल ने शहर के वार्डों में "स्वच्छता में शक्ति, उज्जैन की भक्ति" नामक विशेष अभियान का शुभारंभ किया है। धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रशासन ने स्वच्छता और जल संरक्षण के लिए दोहरी रणनीति अपनाई है। एक ओर जहां सभी होटल और होमस्टे में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के विभिन्न वार्डों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। निगम आयुक्त ने होटल संचालकों के साथ की बैठक निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने शहर के प्रमुख होटल संचालकों के साथ एक बैठक की, जिसमें लगभग 25 व्यवसायी शामिल हुए। आयुक्त ने भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक होटल और होमस्टे में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर बात की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बारिश का पानी भूजल स्तर को बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका है। होटल संचालक बोले-10 दिन में लगाएंगे सिस्टम बैठक में उपस्थित सभी संचालकों ने 10 दिनों के भीतर यह प्रणाली स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। उज्जैन में लगभग 700 होटल और होमस्टे हैं और इन सभी को इस नियम का पालन करना होगा। आयुक्त ने उन्हें अपने प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने, नालियों की नियमित सफाई करने, डस्टबिन रखने और कचरे का समय पर निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। साथ ही, शहर आने वाले श्रद्धालुओं को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा गया। इसी क्रम में, स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से महापौर मुकेश टटवाल ने "स्वच्छता में शक्ति, उज्जैन की भक्ति" विशेष अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत सोमवार को एक साथ 6 वार्डों में श्रमदान किया गया और जनता के साथ संवाद स्थापित किया गया। अभियान के दौरान कोलूखेड़ी स्लम बस्ती, मेट्रो टॉकीज क्षेत्र, छत्री चौक से लखेड़वाड़ी, विष्णुपुरा, जाली मेमोरियल स्कूल और दो तालाब क्षेत्रों में सफाई कार्य किए गए। इसमें नालियों की सफाई, पानी के लीकेज की मरम्मत और गंदे पानी की शिकायत भी शामिल थी।