कृषि आदान व्यापारी 12 मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे:समाधान न होने पर खरीफ से पहले अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी

धार में कृषि आदान विक्रेता संघ मध्य प्रदेश के आह्वान पर जिले के खाद, बीज और कीटनाशक व्यापारी बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नायब तहसीलदार को कलेक्टर एवं सांसद के नाम एक ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने विरोध स्वरूप हाथों में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। संघ के धार जिला अध्यक्ष नवनीत जोशी ने बताया कि उर्वरक कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग की जा रही है। उन्होंने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और इसे अपराध घोषित करने की मांग की। व्यापारियों ने फ्री ऑन रोड (एफओआर) आपूर्ति व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उर्वरकों की डिलीवरी रेल-हेड पर की जा रही है, जिससे डीलरों को प्रति बैग अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कंपनियों से सीधे विक्रय केंद्र तक आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही। बढ़ती लागत को देखते हुए उर्वरकों पर डीलर मार्जिन कम से कम 8 प्रतिशत करने की मांग भी रखी गई। इसके साथ ही “साथी पोर्टल” को ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक बनाने की मांग की गई। अन्य मांगों में एचटीबीटी बीज नीति में सुधार, अवैध बीजों की बिक्री पर रोक और अधिकृत विक्रेताओं को विनियमित बिक्री की अनुमति देना शामिल है। व्यापारियों ने यह भी मांग की कि सीलबंद पैक में नमूना फेल होने पर विक्रेता को दोषी न मानकर साक्षी माना जाए और जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की तय की जाए। इसके अतिरिक्त, एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी, झूठी शिकायतों की जांच के लिए कमेटी का गठन, लाइसेंस निलंबन पर 21 दिन में बहाली और दोहरी लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी की गई। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक माह में उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।

Apr 27, 2026 - 13:01
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कृषि आदान व्यापारी 12 मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे:समाधान न होने पर खरीफ से पहले अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
धार में कृषि आदान विक्रेता संघ मध्य प्रदेश के आह्वान पर जिले के खाद, बीज और कीटनाशक व्यापारी बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नायब तहसीलदार को कलेक्टर एवं सांसद के नाम एक ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने विरोध स्वरूप हाथों में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। संघ के धार जिला अध्यक्ष नवनीत जोशी ने बताया कि उर्वरक कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग की जा रही है। उन्होंने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और इसे अपराध घोषित करने की मांग की। व्यापारियों ने फ्री ऑन रोड (एफओआर) आपूर्ति व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उर्वरकों की डिलीवरी रेल-हेड पर की जा रही है, जिससे डीलरों को प्रति बैग अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कंपनियों से सीधे विक्रय केंद्र तक आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही। बढ़ती लागत को देखते हुए उर्वरकों पर डीलर मार्जिन कम से कम 8 प्रतिशत करने की मांग भी रखी गई। इसके साथ ही “साथी पोर्टल” को ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक बनाने की मांग की गई। अन्य मांगों में एचटीबीटी बीज नीति में सुधार, अवैध बीजों की बिक्री पर रोक और अधिकृत विक्रेताओं को विनियमित बिक्री की अनुमति देना शामिल है। व्यापारियों ने यह भी मांग की कि सीलबंद पैक में नमूना फेल होने पर विक्रेता को दोषी न मानकर साक्षी माना जाए और जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की तय की जाए। इसके अतिरिक्त, एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी, झूठी शिकायतों की जांच के लिए कमेटी का गठन, लाइसेंस निलंबन पर 21 दिन में बहाली और दोहरी लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी की गई। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक माह में उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।