मुरैना नगर निगम कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी:एक करोड़ बीस लाख का टेंडर रद्द करने पर 7 दिन में मांगा जवाब

नगर निगम कमिश्नर को भोपाल नगरीय प्रशासन आयुक्त के कार्यालय से एक नोटिस जारी कर सात दिन में तथ्यों के साथ जवाब तलब का निर्देश दिया है। नोटिस का कारण मुरैना सदर बाजार के सौंदर्यीकरण के वर्ष 2025 में खुले टेंडर को कैंसिल कर पुनः नई टेंडर करने को लेकर हुई शिकायत के चलते दिया गया है। जिस फर्म का टेंडर विधिवत खुला था उसका बिना किसी कारण बताओ नोटिस के टेंडर ठीक एग्रीमेंट से पहले कैंसिल कर दिया। जब उक्त फर्म के द्वारा सूचना का अधिकार लगाकर टैंडर कैंसिल होने की वजह नगर निगम से पूछी गई तो तो फर्म को कोई जानकारी नहीं दी गई। इस सूचना के अधिकार की अपील भोपाल तक की गई। जवाब नहीं मिलने पर फर्म मालिक ने भोपाल नगरीय प्रशासन आयुक्त से लिखित शिकायत की तो उनके द्वारा मुरैना कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। भोपाल से आया नोटिस संचालन नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल के मुख्य अभियंता प्रदीप एस मिश्रा के द्वारा नगर निगम कमिश्नर को भेजे नोटिस में निविदा क्रमांक2024-UAD -389904-1 में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के संबंध में की गई शिकायत जिसमे शिकायत कर्ता द्वारा 24.65 न्यनतम L 1 होने के कारण भी एग्रीमेंट की कार्यवाही नहीं की गई। शिकायत कर्ता को कोई नोटिस नदी दिया गया। सूचना के अधिकार से जब जानकारी मांगी गई तो क्यों नहीं दी गई। इन सबकी तथ्यों के साथ जानकारी जुटा 7 दिवस के भीतर जानकारी स्पष्ट कराएं। यह है मामला नगर निगम में ठेकेदार फर्म जे एम कस्ट्रक्शन प्रोपराइटर अनिल गुर्जर के द्वारा सदर बाजार में सौंदर्यीकरण के टेंडर में भाग लेते हुए सबसे कम रेत 24.65 प्रतिशत ब्लो रेट डालकर टेंडर फर्म के नाम दिनक 4 फरवरी 2025 को किया। टेंडर खुलने के बाद निविदा समिति की बैठक में भी विधिवत दिनांक 13 फरवरी 2025 को पास हुआ। यह टेंडर कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये का था । निविदा में पास होने के बाद सीएफ फर्म और नगर निगम के बीच एग्रीमेंट होना था 4 से 5 महीने एग्रीमेंट को टाले रहे बाद में एग्रीमेंट नहीं किया गए। टेंडर बिना कारण बताए कैंसिल कर दिया गया। भोपाल तक शिकायत जे एम कंट्रक्शन के संचालक अनिक गुर्जर के अनुसार वह लंबे समय से नगर निगम में काम कर रहा है । अभी कुछ समय से भ्रष्टाचार बड़ा है। उसे जो सौंदर्यीकरण का टेंडर विधिवत प्राप्त हुआ। उसे अधिकारियों और स्थानीय नगर निगम के नेताओं ने सिर्फ इसलिए कैंसिल कर दिया क्योंकि मैने उन्हें एग्रीमेंट से पहले पांच लाख रुपए नहीं दिए। कैंसिल होने के बाद मैने सूचना का अधिकार से जानकारी चाही वह भी नहीं दी तो मैने प्रथम अपील 12 सितम्बर 2025 को और द्वतीय अपील 5 जनवरी 2026 को भोपाल में नगरीय प्रशासन आयुक्त सांकित भोदेव को की।1मार्च 2026 को लोकायुक्त और ई ओ डब्ल्यू में भी शिकायत दर्ज कराई। सूचना के अधिकार की जानकारी ना मिलने पर 17 अप्रैल 2026 को कोर्ट की शरण में भी गया हूं। 5 अप्रैल 2026 को भोपाल में आयुक्त से मिलकर फिर से शिकायत की थी। जिसके जवाब में अब कार्यवाही हुई है वह भी मुरैना नगर निगम कमिश्नर से जवाब मांगा है। पूरी जानकारी मुझे नहीं नगर निगम कमिश्नर सतेंद्र सिंह धाकरे के अनुसार इस मामले में नोटिस आया है पर पूरी जानकारी फाइल देख बता पाऊंगा। यह टेंडर कैंसिल हुआ था । जो भी होगा तथ्य के साथ लिख कर जवाब भेज देंगे। मेरा काम नहीं कमिश्नर जाने महापौर शारदा सोलंकी के अनुसार टेंडर खोलना, एग्रीमेंट करना कराना यह सब कमिश्नर का काम है वही जाने मेरा या मेरे परिवार के किसी व्यक्ति का कोई काम नहीं है। यह सब जो होता है उसके जिम्मेदार कमिश्नर है।

Apr 30, 2026 - 08:03
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मुरैना नगर निगम कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी:एक करोड़ बीस लाख का टेंडर रद्द करने पर 7 दिन में मांगा जवाब
नगर निगम कमिश्नर को भोपाल नगरीय प्रशासन आयुक्त के कार्यालय से एक नोटिस जारी कर सात दिन में तथ्यों के साथ जवाब तलब का निर्देश दिया है। नोटिस का कारण मुरैना सदर बाजार के सौंदर्यीकरण के वर्ष 2025 में खुले टेंडर को कैंसिल कर पुनः नई टेंडर करने को लेकर हुई शिकायत के चलते दिया गया है। जिस फर्म का टेंडर विधिवत खुला था उसका बिना किसी कारण बताओ नोटिस के टेंडर ठीक एग्रीमेंट से पहले कैंसिल कर दिया। जब उक्त फर्म के द्वारा सूचना का अधिकार लगाकर टैंडर कैंसिल होने की वजह नगर निगम से पूछी गई तो तो फर्म को कोई जानकारी नहीं दी गई। इस सूचना के अधिकार की अपील भोपाल तक की गई। जवाब नहीं मिलने पर फर्म मालिक ने भोपाल नगरीय प्रशासन आयुक्त से लिखित शिकायत की तो उनके द्वारा मुरैना कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। भोपाल से आया नोटिस संचालन नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल के मुख्य अभियंता प्रदीप एस मिश्रा के द्वारा नगर निगम कमिश्नर को भेजे नोटिस में निविदा क्रमांक2024-UAD -389904-1 में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के संबंध में की गई शिकायत जिसमे शिकायत कर्ता द्वारा 24.65 न्यनतम L 1 होने के कारण भी एग्रीमेंट की कार्यवाही नहीं की गई। शिकायत कर्ता को कोई नोटिस नदी दिया गया। सूचना के अधिकार से जब जानकारी मांगी गई तो क्यों नहीं दी गई। इन सबकी तथ्यों के साथ जानकारी जुटा 7 दिवस के भीतर जानकारी स्पष्ट कराएं। यह है मामला नगर निगम में ठेकेदार फर्म जे एम कस्ट्रक्शन प्रोपराइटर अनिल गुर्जर के द्वारा सदर बाजार में सौंदर्यीकरण के टेंडर में भाग लेते हुए सबसे कम रेत 24.65 प्रतिशत ब्लो रेट डालकर टेंडर फर्म के नाम दिनक 4 फरवरी 2025 को किया। टेंडर खुलने के बाद निविदा समिति की बैठक में भी विधिवत दिनांक 13 फरवरी 2025 को पास हुआ। यह टेंडर कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये का था । निविदा में पास होने के बाद सीएफ फर्म और नगर निगम के बीच एग्रीमेंट होना था 4 से 5 महीने एग्रीमेंट को टाले रहे बाद में एग्रीमेंट नहीं किया गए। टेंडर बिना कारण बताए कैंसिल कर दिया गया। भोपाल तक शिकायत जे एम कंट्रक्शन के संचालक अनिक गुर्जर के अनुसार वह लंबे समय से नगर निगम में काम कर रहा है । अभी कुछ समय से भ्रष्टाचार बड़ा है। उसे जो सौंदर्यीकरण का टेंडर विधिवत प्राप्त हुआ। उसे अधिकारियों और स्थानीय नगर निगम के नेताओं ने सिर्फ इसलिए कैंसिल कर दिया क्योंकि मैने उन्हें एग्रीमेंट से पहले पांच लाख रुपए नहीं दिए। कैंसिल होने के बाद मैने सूचना का अधिकार से जानकारी चाही वह भी नहीं दी तो मैने प्रथम अपील 12 सितम्बर 2025 को और द्वतीय अपील 5 जनवरी 2026 को भोपाल में नगरीय प्रशासन आयुक्त सांकित भोदेव को की।1मार्च 2026 को लोकायुक्त और ई ओ डब्ल्यू में भी शिकायत दर्ज कराई। सूचना के अधिकार की जानकारी ना मिलने पर 17 अप्रैल 2026 को कोर्ट की शरण में भी गया हूं। 5 अप्रैल 2026 को भोपाल में आयुक्त से मिलकर फिर से शिकायत की थी। जिसके जवाब में अब कार्यवाही हुई है वह भी मुरैना नगर निगम कमिश्नर से जवाब मांगा है। पूरी जानकारी मुझे नहीं नगर निगम कमिश्नर सतेंद्र सिंह धाकरे के अनुसार इस मामले में नोटिस आया है पर पूरी जानकारी फाइल देख बता पाऊंगा। यह टेंडर कैंसिल हुआ था । जो भी होगा तथ्य के साथ लिख कर जवाब भेज देंगे। मेरा काम नहीं कमिश्नर जाने महापौर शारदा सोलंकी के अनुसार टेंडर खोलना, एग्रीमेंट करना कराना यह सब कमिश्नर का काम है वही जाने मेरा या मेरे परिवार के किसी व्यक्ति का कोई काम नहीं है। यह सब जो होता है उसके जिम्मेदार कमिश्नर है।