वायु प्रदूषण पर कलेक्टर सख्त, टास्क फोर्स का गठन:उद्योगों और क्रेशर संयंत्रों की होगी जांच; 4 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

मैहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने सोमवार शाम जांच दल का गठन किया है। यह दल जिले में उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों की जांच करेगा। कलेक्टर ने एयर क्वालिटी इंडेक्स की समीक्षा के बाद इसे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया है, जिस पर तत्काल नियंत्रण आवश्यक है। यह जांच दल मैहर जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी खनिज आधारित उद्योगों, क्रेशर संयंत्रों और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों का भौतिक सत्यापन करेगा। दल का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मैहर करेंगे। क्षेत्रीय अधिकारी म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण मंडल सतना/मैहर, तहसीलदार मैहर और सहायक खनि अधिकारी मैहर इसके सदस्य होंगे। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने दल को निर्देश दिए हैं कि वे उद्योगों में डस्ट सेपरेशन सिस्टम, बैग फिल्टर, स्प्रिंकलर, बाउंड्रीवॉल, ग्रीन बेल्ट और वृक्षारोपण जैसे धूल-धुआं नियंत्रण मानकों की वैधानिकता और भौतिक स्थिति की जांच करें। यह दल सभी इकाइयों की नियमानुसार जांच कर चार दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगा। रिपोर्ट में उन इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव भी शामिल होंगे, जो प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।

Jun 2, 2026 - 07:12
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वायु प्रदूषण पर कलेक्टर सख्त, टास्क फोर्स का गठन:उद्योगों और क्रेशर संयंत्रों की होगी जांच; 4 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
मैहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने सोमवार शाम जांच दल का गठन किया है। यह दल जिले में उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों की जांच करेगा। कलेक्टर ने एयर क्वालिटी इंडेक्स की समीक्षा के बाद इसे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया है, जिस पर तत्काल नियंत्रण आवश्यक है। यह जांच दल मैहर जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी खनिज आधारित उद्योगों, क्रेशर संयंत्रों और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों का भौतिक सत्यापन करेगा। दल का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मैहर करेंगे। क्षेत्रीय अधिकारी म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण मंडल सतना/मैहर, तहसीलदार मैहर और सहायक खनि अधिकारी मैहर इसके सदस्य होंगे। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने दल को निर्देश दिए हैं कि वे उद्योगों में डस्ट सेपरेशन सिस्टम, बैग फिल्टर, स्प्रिंकलर, बाउंड्रीवॉल, ग्रीन बेल्ट और वृक्षारोपण जैसे धूल-धुआं नियंत्रण मानकों की वैधानिकता और भौतिक स्थिति की जांच करें। यह दल सभी इकाइयों की नियमानुसार जांच कर चार दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगा। रिपोर्ट में उन इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव भी शामिल होंगे, जो प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।