फेंसिंग में फंसे से मादा बायसन की मौत:बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी में पोस्टमार्टम; क्रोनिक बीमारी की आशंका
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे कटनी वन मंडल के बड़वारा परिक्षेत्र में फेंसिंग में फंसी एक मादा बायसन की मौत हो गई। उसे कटनी वन विभाग और ग्रामीणों ने रेस्क्यू किया था, लेकिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना करेला बीट से लगे ग्राम उटिन में हुई, जहां स्थानीय किसान गणेश प्रसाद कुशवाहा के खेत में बायसन बार्बेड तार की फेंसिंग में फंसी मिली थी। सूचना मिलने पर कटनी वन मंडल के कर्मचारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बायसन को सुरक्षित बाहर निकाला। वन विभाग ने अंतिम संस्कार करवाया इसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम और वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर बायसन का प्राथमिक इलाज किया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए, उसे आगे के इलाज के लिए मगधी परिक्षेत्र स्थित बहेरहा बाड़ा ले जाया जा रहा था। हालांकि, बहेरहा बाड़ा ले जाते समय रास्ते में ही बायसन की मौत हो गई। सोमवार को बहेरहा बाड़ा के पास ही उसका पोस्टमार्टम किया गया और शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। क्रोनिक बीमारी की आशंका से मौतोे पोस्टमार्टम के दौरान बायसन के सभी लिंफ नोड्स सामान्य आकार से बड़े पाए गए, जिससे किसी पुरानी (क्रोनिक) बीमारी की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी प्रमुख अंगों के सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे कटनी वन मंडल के बड़वारा परिक्षेत्र में फेंसिंग में फंसी एक मादा बायसन की मौत हो गई। उसे कटनी वन विभाग और ग्रामीणों ने रेस्क्यू किया था, लेकिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना करेला बीट से लगे ग्राम उटिन में हुई, जहां स्थानीय किसान गणेश प्रसाद कुशवाहा के खेत में बायसन बार्बेड तार की फेंसिंग में फंसी मिली थी। सूचना मिलने पर कटनी वन मंडल के कर्मचारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बायसन को सुरक्षित बाहर निकाला। वन विभाग ने अंतिम संस्कार करवाया इसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम और वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर बायसन का प्राथमिक इलाज किया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए, उसे आगे के इलाज के लिए मगधी परिक्षेत्र स्थित बहेरहा बाड़ा ले जाया जा रहा था। हालांकि, बहेरहा बाड़ा ले जाते समय रास्ते में ही बायसन की मौत हो गई। सोमवार को बहेरहा बाड़ा के पास ही उसका पोस्टमार्टम किया गया और शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। क्रोनिक बीमारी की आशंका से मौतोे पोस्टमार्टम के दौरान बायसन के सभी लिंफ नोड्स सामान्य आकार से बड़े पाए गए, जिससे किसी पुरानी (क्रोनिक) बीमारी की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी प्रमुख अंगों के सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।