बरगी क्रूज हादसा: पर्यटन सचिव, एमडी के बयान दर्ज:न्यायिक आयोग ने साढ़े 4 घंटे पूछताछ की, मलबा सुरक्षित रखने के निर्देश
बरगी बांध क्रूज हादसे की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के समक्ष मंगलवार को पर्यटन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। हादसे में 13 लोगों की मौत के मामले में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. इलैया राजा टी. और मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक (एमडी) दिलीप कुमार यादव कलेक्ट्रेट स्थित आयोग के कार्यालय पहुंचे। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और आयोग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने दोनों अधिकारियों से गहन पूछताछ की। बयान दर्ज करने में करीब साढ़े चार घंटे का समय लगा। आयोग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने बताया कि हादसे की जांच निष्पक्षता से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में गठित एक अन्य जांच कमेटी ने भी कुछ लोगों के बयान लिए थे, इसलिए जरूरत पड़ने पर आयोग उन व्यक्तियों को दोबारा तलब कर सकता है। इसके अतिरिक्त, हादसे से जुड़े अन्य संबंधित पक्षों और गवाहों को भी जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। आयोग प्रदेश के 15 अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज का भी भौतिक निरीक्षण करेगा। इसके साथ ही, प्रदेश के 5 प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर संचालित क्रूज एक्टिविटीज का भी जायजा लिया जाएगा। आगामी मॉनसून को देखते हुए आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बारिश में बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने से दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के मलबे के बहने या साक्ष्य नष्ट होने का खतरा था। इसे ध्यान में रखते हुए, आयोग ने पर्यटन विभाग को घटना स्थल से क्रूज के मलबे और उसके मुख्य इंजन को निकालकर किसी सुरक्षित स्थान पर संरक्षित करने की अनुमति दे दी है।
बरगी बांध क्रूज हादसे की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के समक्ष मंगलवार को पर्यटन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। हादसे में 13 लोगों की मौत के मामले में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. इलैया राजा टी. और मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक (एमडी) दिलीप कुमार यादव कलेक्ट्रेट स्थित आयोग के कार्यालय पहुंचे। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और आयोग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने दोनों अधिकारियों से गहन पूछताछ की। बयान दर्ज करने में करीब साढ़े चार घंटे का समय लगा। आयोग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने बताया कि हादसे की जांच निष्पक्षता से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में गठित एक अन्य जांच कमेटी ने भी कुछ लोगों के बयान लिए थे, इसलिए जरूरत पड़ने पर आयोग उन व्यक्तियों को दोबारा तलब कर सकता है। इसके अतिरिक्त, हादसे से जुड़े अन्य संबंधित पक्षों और गवाहों को भी जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। आयोग प्रदेश के 15 अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज का भी भौतिक निरीक्षण करेगा। इसके साथ ही, प्रदेश के 5 प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर संचालित क्रूज एक्टिविटीज का भी जायजा लिया जाएगा। आगामी मॉनसून को देखते हुए आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बारिश में बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने से दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के मलबे के बहने या साक्ष्य नष्ट होने का खतरा था। इसे ध्यान में रखते हुए, आयोग ने पर्यटन विभाग को घटना स्थल से क्रूज के मलबे और उसके मुख्य इंजन को निकालकर किसी सुरक्षित स्थान पर संरक्षित करने की अनुमति दे दी है।