'मुंह, सीने और प्राइवेट पार्ट्स पर प्राचार्य ने मुक्के मारे':ग्वालियर में शिक्षिका ने SP ऑफिस में की शिकायत, कहा- कपड़े फाड़ने की कोशिश की
वे अपशब्द कहते हुए धमकाने लगे। उन्होंने मेरे मुंह, सीने और प्राइवेट पार्ट्स पर मुक्के मारे। बाल खींचे और लातों से मारते हुए मेरे घुटने पर चढ़ गए। ये गंभीर आरोप ग्वालियर के शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में एमएड प्रशिक्षण ले रही मुरैना जिले की एक शिक्षिका ने प्रभारी प्राचार्य आदर्श पंडित पर लगाए हैं। वह मंगलवार शाम अपने पति के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें महाविद्यालय में प्रवेश मिला था, लेकिन इसी बात को लेकर प्रबंधन उनसे नाराज है। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन अटेंडेंस लगाना शुरू किया था। इसके लिए शासन के स्पष्ट निर्देश हैं। लेकिन, साठगांठ के लिए प्रभारी प्राचार्य रजिस्टर में अटेंडेंस दर्ज कराने का दबाव डालते हैं। इसलिए वे उन्हें भी ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने से मना करते हैं। कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की पीड़िता ने बताया कि मारपीट की घटना के बाद उन्होंने जैसे-तैसे 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुलाई। इसके बाद कुछ लोग उन्हें थाने ले गए। थाने में केवल मारपीट का मामला दर्ज किया गया, जबकि आरोप है कि उनके कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की गई थी। पीड़िता का कहना है कि उनके साथ जो हुआ, वह किसी अन्य के साथ न हो, इसलिए वह प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई चाहती हैं। भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया पीड़िता ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। सोमवार दोपहर विवाद बढ़ने पर प्रभारी प्राचार्य आदर्श पंडित ने उनके साथ मारपीट की और अपमानजनक व्यवहार किया। घटना के बाद उन्होंने खुद को असुरक्षित बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्राचार्य के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लंबित शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ महिला उत्पीड़न से जुड़े कुछ मामले पहले से लंबित हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी कार्यालय ने शिकायत को जांच के लिए संबंधित थाना प्रभारी को भेज दिया है। वहीं, एसीसी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वे अपशब्द कहते हुए धमकाने लगे। उन्होंने मेरे मुंह, सीने और प्राइवेट पार्ट्स पर मुक्के मारे। बाल खींचे और लातों से मारते हुए मेरे घुटने पर चढ़ गए। ये गंभीर आरोप ग्वालियर के शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में एमएड प्रशिक्षण ले रही मुरैना जिले की एक शिक्षिका ने प्रभारी प्राचार्य आदर्श पंडित पर लगाए हैं। वह मंगलवार शाम अपने पति के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें महाविद्यालय में प्रवेश मिला था, लेकिन इसी बात को लेकर प्रबंधन उनसे नाराज है। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन अटेंडेंस लगाना शुरू किया था। इसके लिए शासन के स्पष्ट निर्देश हैं। लेकिन, साठगांठ के लिए प्रभारी प्राचार्य रजिस्टर में अटेंडेंस दर्ज कराने का दबाव डालते हैं। इसलिए वे उन्हें भी ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने से मना करते हैं। कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की पीड़िता ने बताया कि मारपीट की घटना के बाद उन्होंने जैसे-तैसे 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुलाई। इसके बाद कुछ लोग उन्हें थाने ले गए। थाने में केवल मारपीट का मामला दर्ज किया गया, जबकि आरोप है कि उनके कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की गई थी। पीड़िता का कहना है कि उनके साथ जो हुआ, वह किसी अन्य के साथ न हो, इसलिए वह प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई चाहती हैं। भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया पीड़िता ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। सोमवार दोपहर विवाद बढ़ने पर प्रभारी प्राचार्य आदर्श पंडित ने उनके साथ मारपीट की और अपमानजनक व्यवहार किया। घटना के बाद उन्होंने खुद को असुरक्षित बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्राचार्य के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लंबित शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ महिला उत्पीड़न से जुड़े कुछ मामले पहले से लंबित हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी कार्यालय ने शिकायत को जांच के लिए संबंधित थाना प्रभारी को भेज दिया है। वहीं, एसीसी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।